बल्लेबाज़ी होगी भारत की ताक़त

Image caption भारतीय टीम को अपनी फ़िटनेस पर भी ख़ासा ध्यान देना होगा.

सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बीस साल पूरे होने की खुमारी थोड़ी कम होने के बाद अब सबका ध्यान भारत और श्रीलंका के बीच अहमदाबाद में आज से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच की तरफ मुड गया है

एक दिवसीय मैचों में भारत की नंबर एक बनने की मुहिम ऑस्ट्रेलिया के साथ 2-4 से श्रृंखला हारने के बाद ख़त्म हो गयी और भारत तीसरे स्थान पर खिसक गया. लेकिन टेस्ट मैचों में भारत अगर श्रीलंका को 2-0 से हरा देता है तो वह विश्व का नंबर एक टेस्ट खेलने वाला देश बन जायेगा.

लेकिन ऐसा करना भारत के लिए इतना आसान नहीं होगा. यह सही है कि श्रीलंका ने भारत में अबतक कोई टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है लेकिन पिछली सीरीज़ में अपनी ज़मीन पर वो भारत को 2-1 से हरा चुके हैं.

इस सीरीज़ में रहस्यमयी स्पिनर अजंता मेंडिस और मुरलीधरन ने मिलकर भारत के 48 विकेट चटकाए थे. लेकिन अब भारतीय बल्लेबाजों ने मेंडिस की 'कैरम बाल्स' को बेहतर ढंग से पढना सीख लिया है.

एक दिवसीय श्रृंख्ला में सहवाग और गंभीर उन्हें बुरी तरह से धुन चुके हैं. मुथैया मुरलीधरन 800 टेस्ट विकेट लेने के करीब ज़रूर हैं लेकिन भारतीय विकेटों पर उनका प्रदर्शन बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है.

भारतीय बैटिंग का केंद्र बिंदु एक बार फिर सचिन तेंदुलकर होंगे . वो चाहेंगे की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके तीसरे दशक की शुरुआत शानदार ढंग से हो. भारत का मज़बूत पक्ष उसकी बल्लेबाजी होगा ओर वो सात बल्लेबाजों और चार गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरेंगे.

भारतीय गेंदबाजी की कमान चोट के बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे ज़हीर खान और ख़राब फॉर्म में चल रहे इशांत शर्मा के हाथों में होगी बल्लेबाजों के लिए मददगार पिच पर स्पिन गेंदबाजी का दारोमदार रहेगा ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और लेगी अमित मिश्रा के कन्धों पर.

देखना होगा की वो श्रीलंका के बल्लेबाजों को कितना परेशान कर पाते हैं क्योंकि वो परंपरागत रूप से स्पिन को बेहतर ढंग से खेलते आये हैं.

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