रोमांचक मुक़ाबले में भारत जीता

तिलकरत्ने दिलशान
Image caption तिलकरत्ने दिलशान ने शानदार 160 रन जड़े हैं

राजकोट में खेले गए पहले वनडे मैच में एक रोमांचक मुक़ाबले में भारत ने श्रीलंका को आख़िरकार हरा दिया है.

भारत ने श्रीलंका को तीन रनों से हराया. भारत के 414 के जवाब में श्रीलंका निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट खोकर 411 रन ही बना सका.

भारत की यह एक ऐतिहासिक जीत रही, क्योंकि उसने वनडे में अबतक का विशालतम स्कोर खड़ा कर ये जीत दर्ज की है.

इस मैच की ख़ास बात यह रही कि दोनों टीमों के गेंदबाज़ बल्लेबाज़ों के सामने बेबस नज़र आए.

हालाँकि एक समय ऐसा भी लगा कि तिलकरत्ने दिलशान और कुमार संगकारा ने सहवाग और सचिन की शानदार पारी पर पानी फेरने में सफल हो जाएंगे लेकिन आख़िरी गेंद पर भारत ने मैच जीत लिया.

श्रीलंका के हिस्से में हार ज़रूर आई, लेकिन उसने भारत को करारा जवाब दिया.

सहवाग को बेहतरीन पारी के लिए मैन ऑफ़ द मैच का अवार्ड दिया गया.

इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी करने का मौक़ा दिया और भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट खोकर श्रीलंका के सामने 414 रनों का लक्ष्य रखा. जिसमें सहवाग का 146, सचिन का 69 और धोनी का 72 अहम योगदान रहा.

भारत के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ने भी शानदार खेल का प्रर्दशन किया. तिलकरत्ने दिलशान और कुमार संगकारा ने आतिशी बल्लेबाज़ी की और श्रीलंका को एक समय जीत के दरवाज़े पर ला खड़ा किया.

जहाँ दिलशान ने 160 रन बनाए वहीं कुमार संगकारा ने 90 रनों का योगदान दिया. सलामी बल्लेबाज़ा थरंगा ने 67 रन जड़े.

श्रीलंकाई पारी

श्रीलंका ने पहले पाँच ओवर धीमी गति से खेले और केवल 25 रन बनाए, लेकिन उसके बाद उन्होंने गति पकड़ ली और 10 ओवर की समाप्ति पर 91 रन बना लिए.

पहला विकेट 24वें ओवर में 188 के स्कोर पर थरंगा के रुप में गिरा. उसके बाद आए संगकारा ने भी जमकर खेला, हालाँकि वे शतक बनाने से चूक गए, लेकिन 43 गेंदों का सामना करते 10 चौकों और पाँच छक्कों की मदद से 90 रनों का योगदान दिया.

दूसरा विकेट संगकारा के रुप में गिरा, तब तक श्रीलंका 37वें में 316 रन बना चुका था.

संगकारा के बाद आए जयसूर्या कुछ ख़ास नहीं कर सके और केवल पाँच रन बनाकर लौट गए.

इसके बाद तिलकरत्ने दिलशान के आउट होने की बारी थी, उन्होंने 124 गेंदों का सामना कर 20 चौकों और तीन छक्के जड़कर 160 रनों की यादगार पारी खेली.

उन्हें 40वें ओवर की पहली गेंद पर हरभजन ने पवेलियन भेज दिया. उसके बाद श्रीलंका के जल्दी-जल्दी चार विकेट गिरे.

दिलशान के बाद आने वाले महेला जयवर्धने, कांदबी, समरावीरा और मैथ्यूज़ श्रीलंका को हार से नहीं बचा सके और वे लगातार पवेलियन लौटते रहे.

श्रीलंका को आख़िर गेंद पर जीत के लिए पाँच रन बनाने थे लेकिन वो एक ही रन बना सका.

भारत की ओर से सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ी हरभजन सिंह की रही और उन्होंने दो विकेट लिए. जबकि नेहरा, पी कुमार और रैना के हिस्से में एक-एक विकेट आया. दो खिलाड़ी रन आउट हुए.

भारतीय पारी

Image caption वीरेंदर सहवाग ने धुआंधार 146 रनों की पारी खेली और उन्हें मैन ऑफ़ द मैच चुना गया

इससे पहले भारत ने श्रीलंका के सामने 415 रनों का लक्ष्य रखा. सहवाग के 146 रनों की बदौलत सात विकेट पर ये स्कोर खड़ा हो सका.

वनडे मैचों में भारत का ये सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले 2007 में भारत ने बरमुडा के ख़िलाफ़ 413 रन बनाए थे.

वीरेंदर सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने मिलकर भारत को बेहतरीन शुरुआत दिलाई.

सहवाग ने आते से ही ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी शुर कर दी और देखते ही देखते अपने पचास रन पूरे कर लिए. उन्होंने 34 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 50 रन पूरे किए.

सचिन ने भी उनका बख़ूबी साथ निभाया. उन्होंने 48 गेंदों में नौ चौकों की मदद से अपने 50 रन बनाए. लेकिन 69 के निजी स्कोर पर वे फ़र्नोंडो की गेंद पर आउट हो गए. यानी भारत का पहला विकेट 20वें ओवर में 153 के स्कोर पर गिरा.

इसी बीच वीरेंदर सहवाग ने शानदार शतक जड़ा. उन्होंने 66 गेंदों में 12 चौकों और पाँच छक्कों की मदद से 100 रन पूरे किए.

सचिन की जगह आए धोनी ने भी अच्छी पारी खेली और 34 गेंदों में 50 रन बनाए.

भारत की रन बनाने की रफ़्तार का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने बिना नुकसान 87 गेंदों में अपने पहले 100 रन पूरे कर लिए थे और 25वें ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 200 रन पूरे कर किए.

तीसरा विकेट धोनी के रूप में गिरा. 72 के निजी स्कोर पर फ़र्नोंडो ने उन्हें अपना शिकार बनाया. उस समय भारत का स्कोर था 37वें ओवर में तीन विकेट पर 311 रन.

लेकिन इसके बाद भारत के विकेट जल्दी-जल्दी गिरने लगे. गंभीर 11, रैना 16, हरभजन 11 और विराट कोहली 27 रन बनाकर आउट हो गए.

श्रीलंका की ओर से फ़र्नोंडो और कुलसेखरा ने दो-दो विकेट लिए.

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