....ताकि देश की नाक न कटे

शीला दीक्षित
Image caption शीला दीक्षित भी निर्माण कार्य से चिंतित हैं

अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर तैयारी तो ज़ोर-शोर से हैं, लेकिन क्या समय से पहले तैयारी पूरी हो जाएगी, इस पर सवालिया निशान अब भी बना हुआ है.

राष्ट्रमंडल खेल फ़ेडरेशन के अध्यक्ष माइकल फ़ेनेल पहले की कई स्टेडियम में चल रहे निर्माण कार्य से संतुष्ट नहीं हैं.

अब दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी तैयारियों को लेकर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि स्टेडियम का निर्माण प्रमुख चिंता का विषय है.

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में शीला दीक्षित ने कहा कि वो प्रार्थना कर रही हैं कि अगले साल राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान देश की छवि को नुक़सान न पहुँचे.

उन्होंने कहा, "मैं हमेशा प्रार्थना करती रहती हूँ कि देश की प्रतिष्ठा को धक्का न पहुँचे."

कोशिश

हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा न हो- इसके लिए वे हरसंभव कोशिश करेंगी. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि स्टेडियमों का निर्माण खेलों की सफलता के लिए सबसे अहम हैं और इसलिए वे इसको लेकर चिंतित हैं.

उन्होंने कहा, "स्टेडियम का सही होना बहुत ज़रूरी है. हो सकता है कि आपके पास अच्छी सड़कें न हो और हो सकता है कि स्ट्रीट लाइट्स काम नहीं कर रही हों, लेकिन स्टेडियम का सही होना सबसे अहम है."

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए दिल्ली की तैयारी और कई परियोजनाओं में हो रही देरी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी शहर ऐसे आयोजनों के लिए एक साल पहले तैयार नहीं हो जाता.

शनिवार को ही माइकल फ़ेनेल ने कई स्टेडियमों के निर्माण में हो रही देरी पर खेद व्यक्त किया था. उन्होंने आयोजकों को चेतावनी दी थी कि देरी के कारण परीक्षण के तौर पर होने वाले खेलों के आयोजन पर असर पड़ेगा.

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