गेंदबाज़ी कोच की आवश्यकता: धोनी

  • 2 जनवरी 2010
धोनी
Image caption धोनी के मुताबिक़ कर्स्टन पर ज़्यादा भार है

भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि मौजूदा कोच गैरी कर्स्टन पर ज़रूरत से ज़्यादा भार है और टीम को एक विशेषज्ञ गेंदबाज़ कोच की कमी खल रही है.

बांग्लादेश दौरे पर रवाना होने से पहले मुंबई पत्रकारों से बातचीत में धोनी ने कहा कि किसी विशेषज्ञ गेंदबाज़ी कोच के होने से टीम को फ़ायदा होगा.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अक्तूबर में हुए चैम्पियंस ट्रॉफ़ी में भारत के ख़राब प्रदर्शन के बाद वेंकटेश प्रसाद को गेंदबाज़ी कोच और रॉबिन सिंह को फ़ील्डिंग कोच के पद से हटा दिया था.

हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है लेकिन एक दिवसीय मैचों में भारत का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम रहा है, हालाँकि एक समय टीम वनडे रैंकिंग में भी नंबर वन पहुँच गई थी.

टीम को ख़राब फ़ील्डिंग और कम प्रभावी गेंदबाज़ी से जूझना पड़ रहा है.

आवश्यकता

धोनी ने कहा, "एक हद तक गेंदबाज़ी कोच की कमी हमें अखरती है. अगर आपके पास एक विशेषज्ञ गेंदबाज़ी कोच होता है, तो वो गेंदबाज़ों से बात करता है और उनसे उनका सर्वश्रेष्ठ निकलवाने की कोशिश करता है."

धोनी ने कहा कि इस समय टीम के कोच गैरी कर्स्टन पर काफ़ी भार है और उन्हें कई चीजें एक साथ करनी पड़ती हैं.

उन्होंने कहा, "गैरी कर्स्टन को बल्लेबाज़ों से बात करनी पड़ती है तो गेंदबाज़ों को भी समय देना पड़ता है. फ़ील्डिंग के बारे में भी उन्हें बात करनी पड़ती है और रणनीति भी बनानी पड़ती है."

बीसीसीआई ने ऑस्ट्रेलिया के फ़ील्डिंग कोच रहे माइक यंग को टीम का फ़ील्डिंग सलाहकार नियुक्त किया है लेकिन गेंदबाज़ी कोच की नियुक्ति पर कोई फ़ैसला नहीं किया है.

भारतीय क्रिकेट टीम नए साल की शुरुआत बांग्लादेश में त्रिकोणीय एक दिवसीय सिरीज़ से कर रही है. भारत और बांग्लादेश के अलावा प्रतियोगिता की तीसरी टीम श्रीलंका है.

इस सिरीज़ के बाद भारत को बांग्लादेश के साथ दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ में भी हिस्सा लेना है.

संबंधित समाचार