हॉकी खिलाड़ियों की बग़ावत

  • 8 जनवरी 2010
भारतीय हॉकी
Image caption खिलाड़ी अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए

बुरे दौर से गुज़र रही भारतीय हॉकी में विश्व कप से पहले एक और विवाद खड़ा हो गया है.

कप्तान राजपाल सिंह के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने पुणे में चल रहे अभ्यास सत्र का बहिष्कार कर दिया है.

खिलाड़ियों की मांग है कि वे इतने मैच खेलते हैं और उन्हें कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाती. राजपाल सिंह का कहना है कि उन्हें ये राशि मिलनी ही चाहिए.

बीबीसी से बातचीत में राजपाल सिंह ने कहा, "'टीम ने पिछले साल कई टूर्नामेंट खेले और प्रदर्शन भी अच्छा किया. लेकिन हमें कोई प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है."

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को वेतन तो मिलता नहीं है और ये भी एक बड़ा मुद्दा है.

राजपाल ने इससे इनकार किया कि विश्व कप से पहले ये विवाद भारतीय हॉकी के लिए अच्छा नहीं. उन्होंने कहा, "भारतीय हॉकी के लिए यह अच्छी बात है कि खिलाड़ी एकजुट हैं."

उम्मीद

दूसरी ओर हॉकी इंडिया के प्रमुख एके मट्टू का कहना है कि उन्होंने शनिवार को खिलाड़ियों को बातचीत के लिए बुलाया है और उन्हें उम्मीद है कि ये मसला हल हो जाएगा.

बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें खिलाड़ियों की ओर से चिट्ठी मिली है, जिसमें उन्होंने ये मांग की है कि उन्हें प्रायोजकों से पैसा दिलाया जाए.

एके मट्टू ने कहा, "मैं पहले ये समझना चाहता हूँ कि पहले क्या होता है, अब क्या करना है. इसलिए मैंने शनिवार को खिलाड़ियों को बातचीत के लिए बुलाया है. मुझे उम्मीद है कि ये मामला हल कर लिया जाएगा."

हालाँकि उन्होंने यह दावा किया कि शुक्रवार को खिलाड़ियों के अभ्यास सत्र में आराम का दिन था.

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