'पानी कम' वाले सचिन

  • 12 जनवरी 2010
सचिन तेंदुलकर
Image caption सचिन मुंबई में पानी बचाने की मुहिम में शामिल हुए हैं

भारत के स्टार क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने पानी बचाओ मुहिम में शामिल होने का फ़ैसला किया है और उन्होंने इसके लिए घोषणा भी कर डाली है.

सचिन अब शॉवर बाथ यानी फुहारे से नहाना बंद करके बाल्टी से नहाएँगे.

भारत की बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जिसे पानी भी कम ही नसीब हो पाता है तो वो लोग एक बाल्टी में पानी भरकर नहा लेते हैं जिसमें फुहारे के मुक़ाबले काफ़ी कम पानी ख़र्च होता है.

अब सचिन ने भी ऐसा ही कुछ करने का फ़ैसला किया है और उन्होंने पानी बचाओ अभियान के तहत मुंबई वासियों से अनुरोध भी किया है कि वे इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाएँ.

सचिन तेंदुलकर ने इस मुहिम के तहत 30 सेकेंड की एक फ़िल्म में भी काम किया है जो जल्दी ही दिखाई जाएगी.

मुंबई में हाल के समय में पानी की भारी क़िल्लत हुई है और शहर के अधिकतर इलाक़ों में जल आपूर्ति में 30 प्रतिशत तक कटौती की गई है.

सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि उनका पूरा परिवार अब शॉवर बाथ से हटकर बाल्टी स्नान पर आ गया है ताकि पानी बचाया जा सके.

अधिकारियों का कहना है कि चूँकि सचिन तेंदुलकर फ़िल्म के ज़रिए लोगों से पानी बचाने के लिए अनुरोध कर रहे हैं तो लोगों पर इसका असर ज़रूर होगा और वे पानी किफ़ायत से ख़र्च करेंगे.

ख़र्च

फुहारे से स्नान करने में दिन भर की किसी भी गतिविधि से कहीं ज़्यादा पानी ख़र्च होता है.

मुंबई में बहुत से इलाक़ों में जलापूर्ति सिर्फ़ कुछ ही घंटों के लिए होती है इसलिए उनके पास फ़ुहारे से स्नान करने का तो विकल्प ही नहीं होता है बल्कि वे पानी बहुत नापतौल कर ख़र्च करते हैं.

चूँकि मॉनसून की बारिश सही तरीक़े से नहीं हुई इसलिए मुंबई में पानी की कमी को पूरा करने में मॉनसून की मदद भी नहीं मिल सकी और जलापूर्ति में यह कटौती जुलाई 2010 तक जारी रह सकती ह.

मुंबई में हर दिन लगभग 420 करोड़ लीटर पानी की ज़रूरत होती है और इस समय इस लक्ष्य से लगभग 80 करोड़ लीटर कम पानी उपलब्ध है.

पानी की इस क़िल्लत की वजह से हाल के महीनों में विभिन्न इलाक़ों में हिंसक प्रदर्शन भी हुए हैं.

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