'आईपीएल का रवैया अपमानजनक'

  • 20 जनवरी 2010
एजाज़ बट
Image caption एजाज़ बट को शक़ है कि दाल में कुछ काला है

पाकिस्तान के खेल मंत्री ने इंडियन प्रीमियर लीग के तीसरे सीज़न में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए बोली नहीं लगने को अपमानजनक बताया है.

बीबीसी से विशेष बातचीत में एजाज़ हुसैन जाखरानी ने कहा, "टी-20 के विश्व चैंपियन के खिलाड़ियों को नहीं शामिल करने से उनका अपमान हुआ है. खेल देशों को दोस्ती के क़रीब लाता है, ऐसे में ये करना ज़्यादती हुई है और हम इसकी जाँच कर रहे हैं."

वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष एजाज़ बट ने बीबीसी को बताया है कि मंगलवार को हुई नीलामी के बाद से ही वह ललित मोदी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं मगर इसमें कोई सफलता नहीं मिली है.

बट ने कहा, "हम जानना चाहते हैं कि क्या हुआ. हम तो ये सोच रहे थे कि उन खिलाड़ियों के नामों पर विचार होगा. ये तो लग रहा है कि सिद्धांत तौर पर फ़ैसला कर लिया गया था कि किसी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया जाएगा."

जाखरानी और बट ने कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल में जा सकें इसके लिए सारी प्रक्रिया का पालन किया गया था मगर फिर भी उनके नाम पर बोली नहीं लगी.

बट ने तो ये भी कहा कि उन्हें दाल में कुछ काला नज़र आ रहा है.

गिल की असमर्थता

उनका कहना था, "टीमों के मालिकों को खिलाड़ियों की उपलब्धता के बारे में ग़लत जानकारी दी गई. हमने सब कुछ लिखित में दे दिया था. मेरे ख़्याल से दाल में कुछ काला है. अगर खिलाड़ियों के नामों पर विचार नहीं होना था तो हमें स्पष्ट रूप से बता दिया जाना चाहिए था."

Image caption टी-20 विश्व कप जीतने वाली पाकिस्तानी टीम में से किसी को शामिल नहीं किया गया

पाकिस्तान के खेल मंत्री जाखरानी ने कहा, "पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की इस पूरी प्रक्रिया में क्या भूमिका थी ये भी देखा जाएगा और ज़रूरत हुई तो मसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के साथ उठाया जाएगा."

पाकिस्तानी खिलाड़ियों के अगले साल से आईपीएल में खेलने पर रोक लगा देने के बारे में पूछे जाने पर बट और जाखरानी का कहना था कि सरकार अगले क़दम पर विचार करेगी.

जाखरानी ने बताया कि उनकी तो भारत के खेल मंत्री एमएस गिल से भी बात हुई थी मगर गिल ने आईपीएल को खेल मंत्रालय के दायरे से बाहर बताकर कुछ भी करने में असमर्थता जता दी.

वहीं बट ने तो धमकी दी कि अगर यही रुख़ अपनाया गया तो इससे तो स्थितियाँ बिगड़ेंगी ही. उनका ये भी कहना था कि कई खिलाड़ियों ने उन्हें फ़ोन करके अपनी निराशा के बारे में बताया है और हर स्तर पर ये बात उठाई जाएगी.

उनका कहना था, "खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने इसके लिए इजाज़त दे दी थी फिर भी ये फ़ैसला उठाया गया जो कि उचित नहीं है."

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