हॉकी विश्व कप को लेकर असमंजस

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Image caption अगले महीने विश्व कप का आयोजन है

हॉकी इंडिया के चुनाव एक बार फिर टाले जाने के बाद दिल्ली में होने वाले हॉकी विश्व कप के आयोजन से जुड़ी आशंकाओं पर भारत के खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल ने कहा है कि परिस्थितियाँ आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगी.

दिल्ली में मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम को दुरुस्त किए जाने के बाद रविवार को उसका लोकार्पण हुआ और उसी दौरान डॉक्टर गिल ने कहा, "परिस्थितियाँ बदल रही हैं. आने वाले दिनों में पता लगेगा जब हमारे अधिकारी अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष नेग्रे से बात करेंगे. "

हॉकी इंडिया के चुनाव सात फ़रवरी को होने थे मगर राज्यों की जिन इकाइयों को पिछले दिनों मान्यता दी गई थी, राजस्थान उच्च न्यायालय ने उस पर रोक लगा दी.

इसके बाद हॉकी इंडिया ने क़ानूनी सलाह ली और सात फ़रवरी को होने वाले चुनाव स्थगित कर दिए.

अब अगर हॉकी इंडिया के चुनाव 28 फ़रवरी से शुरू होने वाले विश्व कप से पहले नहीं होते हैं तो विश्व कप में भारत के हिस्सा लेने पर भी ग्रहण लग सकता है.

वैसे हॉकी इंडिया के अधिकारी एनके बत्रा का कहना है कि इन सब विवादों के बावजूद दिल्ली में विश्व कप होगा.

राष्ट्रीय स्टेडियम के लोकार्पण के मौक़े पर डॉक्टर गिल ने ज़ोर देकर कहा कि हॉकी इंडिया के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी होने चाहिए.

उनका कहना था कि राज्यों से चुने गए हॉकी संघों की सूची सबके सामने होनी चाहिए, जिससे पारदर्शी ढंग से चुनाव हों.

इस मौक़े पर डॉक्टर गिल ने कहा, "किसी भी चुनाव के लिए ज़रूरी है कि मतदान करने वालों की सूची बिल्कुल सही होनी चाहिए. इसके अलावा चुनाव कराने वाला अधिकारी किसी से भी जुड़ा हुआ नहीं होना चाहिए."

डॉक्टर गिल ने इस मौक़े पर राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में हुई देरी स्वीकार की और कहा कि ये देरी नहीं होनी चाहिए थी मगर अब सभी खेल स्थल तय तारीख़ों तक तैयार हो जाएँगे.

खेल मंत्री ने इस मौक़े पर भारतीय भारोत्तोलन संघ का भी ज़िक्र किया और कहा कि खेलों से प्रतिबंधित दवाओं का सेवन समाप्त होना चाहिए.

साथ ही उन्होंने संकेत भी दिया कि भारतीय भारोत्तोलन संघ से जुड़ी जो भी परेशानियाँ दूर की जाएँगी और अगर उसमें कोई बाधा बनेगा तो उसे अलग किया जाएगा.

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