भारत ने खिलाड़ियों को सुरक्षा का भरोसा दिया

पी चिदंबरम
Image caption पुणे धमाके के बाद कुछ देशों ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.

भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने हॉकी विश्व कप, आईपीएल और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत आने वाले खिलाड़ियों की पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया है.

पुणे में पिछले दिनों हुए बम धमाकों और चरमपंथी हमले की धमकियों के बाद कुछ देशों में भारत में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चिंता है.

न्यूज़ीलैंड ने हॉकी विश्व कप में हिस्सा लेने आ रही टीम को अगली सूचना तक पर्थ में ही रुकने के लिए कहा है. न्यूज़ीलैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में मैच खेलने गई है और वहाँ से उसे 22 फ़रवरी को भारत के लिए रवाना होना था.

ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया

मगर ऑस्ट्रेलिया ने थोड़ा सावधानी से प्रतिक्रिया दी है. प्रधानमंत्री केविन रड ने कहा है कि सरकारी सुरक्षा एजेंसियाँ भारत के साथ लगातार संपर्क में हैं, " इस समय भारत के लिए यात्रा से जुड़ी सलाह में किसी बदलाव की हमारी कोई योजना नहीं है.

भारतीय अधिकारियों ने आईपीएल, हॉकी विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का वादा किया है. वैसे हम स्थिति पर नज़दीक़ी से नज़र रखे हैं."

वहीं ऑस्ट्रेलियाई हॉकी कोच रिक चार्ल्सवर्थ ने तो इस तरह की धमकियों से चिंतित न होने की सलाह दी.

गृहमंत्री पी चिदंबरम बुधवार को जम्मू में राज्य की सुरक्षा स्थिति और आत्मसमर्पण नीति की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा, "भारत में रहकर आने के नाते मैं जानता हूँ कि वहाँ 80 समाचार चैनल हैं और हर कोई ख़बर ढूँढ़ता है. मगर मैं नहीं समझता कि इस तरह की चीज़ों से हमारा ध्यान भटकना चाहिए. हमसे बेहतर समझ वाले लोग इन मसलों पर नज़र रखे हैं और वे हमें सलाह देंगे."

इन चिंताओं के बीच भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम् ने आज सभी को आश्वस्त किया कि सरकार खिलाड़ियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगी.

पुख़्ता सुरक्षा व्यवस्था

चिदंबरम का कहना था, "भारत सरकार आगामी हॉकी विश्व कप, क्रिकेट मैचों और राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले हर खिलाड़ी, हर कोच, हर अधिकारी को पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगी."

भारतीय गृह मंत्रालय लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और उसकी प्राथमिकता दिल्ली के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में होने वाला विश्व कप है.

उसके बाद आईपीएल के मैच देश भर के कई शहरों में होने हैं और राष्ट्रमंडल खेल हैं तो दिल्ली में ही मगर दिल्ली में वे कई स्टेडियमों में आयोजित होंगे और उसमें हिस्सा लेने वाले देशों की संख्या भी 70 से अधिक है.

यानी सिर्फ़ हॉकी विश्व कप की सफलता से अन्य खेलों की सफलता सुनिश्चित नहीं मानी जाएगी क्योंकि आगे चुनौतियाँ और बड़ी होंगी.

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