क्रिकेट खेलते रहेंगे जयसूर्या

जयसूर्या
Image caption आलोचकों का मानना है कि टीम में बने रहने के लिए जयसूर्या सत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं

क्रिकेट खिलाड़ी सनत जयसूर्या के क्रिकेट छोड़ने से इनकार करने की आलोचना हो रही है.

जयसूर्या ने घोषणा की थी कि अप्रैल में हो रहे चुनाव में वे राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे.

जयसूर्या ने बीबीसी तमिल से बात करते हुए कहा,''चूंकि मैं टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहा हूं, इसलिए मेरे पास राजनीति के लिए काफ़ी समय है.”

उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच खेलते रहेंगे लेकिन टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे.

आलोचक कहते कि वो सोचते हैं कि सरकार की मदद से उन्हें टीम में जगह मिल जाएगी.

जयसूर्या काफ़ी लोकप्रिय खिलाड़ी हैं ऐसे में लोगों को उनके चुनाव में हारने की बात थोड़ी मुश्किल लगती है.

अगर जयसूर्या चुनाव जीतते हैं तो वे पहले सांसद होंगे जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेंगे.

श्रीलंका की टीम ने 1996 में विश्व कप जीता था. उस समय अर्जुन राणातुंगा कप्तान थे. उन्होंने भी जयसूर्या के इस क़दम की कड़ी आलोचना की है.

राणातुंगा इस समय सांसद है और अप्रैल में हो रहे चुनाव में विपक्षी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे.

उनका कहना है, “जयसूर्या ने 2011 के विश्व कप तक खेलते रहने का इशारा किया है, शायद तब तक वे राजनीतिक प्रभाव से टीम में बने रहने की कोशिश करेंगे.”

उन्होंने कहा कि जयसूर्या का ये क़दम श्रीलंकाई खेलों के लिए ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ होगा.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, “इससे वो खिलाड़ी जिन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलेगी, वो टीम में जगह पाने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होंगे.”

हालांकि, खेल मंत्री गामिनि लोकुजे का कहना है कि राष्ट्रीय टीम के सभी सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए सांसद बनने का अधिकार है.

उन्होंने कहा,''अगर वे काबिल है और क्रिकेट खेल सकते हैं तो उनके पास देश के लिए खेलने का मौक़ा है. वे सभी सांसद बन सकते हैं लेकिन उन्हें कार्य सत्र में उपस्थित होना होगा और खेल के नियमों का पालन करना होगा.”

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