'नज़र सिर्फ़ क्रिकेट पर'

सचिन तेंदुलकर
Image caption कई पूर्व क्रिकेट खिलाड़ियों ने सचिन तो भारत रत्न दिए जाने की माँग की है

सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि उनकी इच्छा है कि उनका नाम भारत रत्न पाने वालों की सूची में शामिल हो लेकिन वो इस समय इसके बारे में क़तई नहीं सोच रहे हैं और ये फ़ैसला वो नियति पर छोड़ते हैं.

सचिन तेंदुलकर ने हाल ही में ग्वालियर में एक दिवसीय मैच में दोहरा शतक लगाया था.

इस अदभुत कामयाबी के बाद अजीत वाडेकर, कपिल देव और दिलीव वेंगसरकर जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी कह चुके हैं कि सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न मिलना चाहिए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इन ख़बरों पर सचिन का कहना था, "भारत रत्न एक बहुत ही असाधारण सम्मान है और अभी तक ये जिन्हें भी मिला है वो ना सिर्फ़ मेरे बल्कि पूरे देश के हीरो रहे हैं. उस सूची में अपना नाम देखने की ख़्वाहिश भला किसे नहीं होगी लेकिन फिलहाल मेरा ध्यान सिर्फ़ क्रिकेट पर केंद्रित है. अगर यह होना है तो हो जाएगा."

नासिर हुसैन जैसे दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों ने सचिन तेंदुलकर को डॉन ब्रैडमैन से भी बेहतर क़रार दिया है. सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को कहा कि वो इस तरह की तुलनाओं में कोई विश्वास नहीं करते हैं और सभी क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए उनके दिल में बहुत सम्मान है.

राष्ट्रीय रिकॉर्ड

ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ एक दिवसीय मैच में दोहरा शतक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद नासिर हुसैन और कुछ अन्य क्रिकेट दिग्गजों ने सचिन तेंदुलकर को इतिहास में सबसे महान बल्लेबाज़ क़रार दिया था, यहाँ तक कि डॉन ब्रैडमैन से भी बेहतर. हालाँकि तेंदुलकर ने तुलना के इस फेर में पड़ने से बिल्कुल इनकार कर दिया.

सचिन तेंदुलकर ने कहा, "मैं इस तरह की तुलना में बिल्कुल भी विश्वास नहीं करता हूँ. मैं क्रिकेट के मैदान से भी बाहर सभी का सम्मान करता हूँ और ये सिर्फ़ सर डॉन के बारे में ही नहीं है, मैं सभी की इज़्ज़त करता हूँ. मैं अपने देश के लिए क्रिकेट खेलने पर ख़ुश हूँ और ख़ासतौर से जब मैं अच्छा खेल दिखाता हूँ और अपनी टीम जीतती है तो मैं बेहद ख़ुश करता हूँ."

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि एक दिवसीय मैच में दोहरा शतक लगाने के रिकॉर्ड को वो निजी नहीं बल्कि भारत का राष्ट्रीय रिकॉर्ड मानते हैं.

उनका कहना था, "जब मैंने ग्वालियर में बल्लेबाज़ी शुरू की थी तो मैं नहीं जानता था कि मैं 200 रन बना पाउंगा. मैं कहूँगा कि यह निजी नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है और मुझे ख़ुशी होगी की इतिहास में यह भारतीय रिकॉर्ड के रूप में ही दर्ज हो."

इसी रिकॉर्ड के बाद कपिल देव, अजीत वाडेकर और दिलीप वेंगसरकर ने ये माँग भी कर डाली कि सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए लेकिन सचिन का कहना था कि वो अभी इस बारे में कुछ नहीं सोच रहे हैं.

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