आईपीएल का मज़ा सिनेमाघरों में

Image caption साभार: यूएफ़ओ मूवीज़

भारत के सिनेमाघरों में इनदिनों एक नए तरह के सुपरहिट शो की तैयारियाँ चल रही हैं. लेकिन ये कोई फ़िल्मी शो नहीं है.

इसके हीरो आमिर या अक्षय जैसे सितारे नहीं होंगे बल्कि सचिन, गांगुली और शेन वार्न जैसे क्रिकेट खिलाड़ी होंगे. इसमें हीरोइन तो नहीं होगी लेकिन आपके मनोरंजन के लिए चीयरलीडर्स ज़रूर होंगी.

यहाँ बात हो रही है आईपीएल 2010 की जिसे इस बार दर्शक क्रिकेट मैदान और टीवी पर ही नहीं बल्कि सिनेमाघरों में जाकर बड़े पर्दे पर लाइव देख पाएँगे.

खचाखच भरे स्टेडियम, चीयरलीडर्स, भीड़ का उन्माद और चौके छक्के लगाते आपके पसंदीदा खिलाड़ी ...आईपीएल जैसी रोमांचक प्रतियोगिता को मैदान पर जाकर देखना एक अलग ही तरह का अनुभव है.

लेकिन अगर आपके पास आईपीएल मैच के टिकिट नहीं है या अपना काम छोड़कर आप दिल्ली,कोलकाता जैसे शहरों में आईपीएल मैच देखने नहीं जा सकते तो चिंता की कोई बात नहीं. अब आपको घर पर अकेले बैठकर मायूस चेहरे के साथ मैच देखने की ज़रूरत नहीं है.

वर्चुअल क्रिकेट मैदान

इस बार के आईपीएल मैचों का सीधा प्रसारण भारत के करीब 1000 मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों में किया जाएगा-बिल्कुल वैसे ही जैसे बड़े पर्दे पर फ़िल्में दिखाई जाती हैं.

इसमें मनोरंजन और चमक-दमक के वो सारे तड़के होंगे जो किसी भी मैच के दौरान आप मैदान पर देख सकते हैं.

दर्शकों के लिए बड़ी स्क्रीन होगी, चीयरलीडर्स, क्रिकेट और फ़िल्मी सितारों के विशेष दौरे होंगे ....यानी अगर आप क्रिकेट मैदान तक नहीं जा सकते तो क्रिकेट मैदान को आपके पास लाया जाएगा...ये एक वर्चुयल क्रिकेट ग्राउंड होगा.

ये जब डिजिटल तकनीक की मदद से संभव हो पाएगा. इस क्षेत्र की बड़ी कंपनी यूएफ़ओ मूवीज़ ने कई मल्टीप्लेक्स मालिकों के साथ समझौता किया है जिसके तहत दिन में फ़िल्म की जगह एक या दो शो आईपीएल मैचों के दिखाए जाएँगे.

भरपूर मनरोंजन

Image caption साभार: यूएफ़ओ मूविज़

यूएफ़ओ मूविज़ के ज्वाइंट मैनेजिंग डाइरेक्टर कपिल अग्रवाल बताते हैं,"हमारी कंपनी सेटलाइट के ज़रिए सिनेमाघरों में फ़िल्में दिखाती हैं. अब हम सेटेलाइट के ज़रिए करीब 800 कस्बों के 1000 सिनेमाघरों में आईपीएल के मैच लाइव दिखाएँगे. हमारे सारे थिएटरों में वो उपकरण मौजूद हैं जिनकी मदद से लाइव प्रसारण किया जा सकता है."

जो लोग मानते हैं कि मैच के दौरान विज्ञापनों से मैच का मज़ा किरकिरा हो जाता है उनके लिए भी अच्छी ख़बर है क्योंकि थिएटरों में होने वाले प्रसारण में कोई विज्ञापन नहीं होगा.

इसके लिए यूएफ़ओ ने सिनेमैक्स,फ़ेम और कई मल्टीप्लेक्स चेन्स के साथ करार किया है जहाँ आप हाई डेफ़िनिशन पिक्चर क्वालिटी में मैच देख पाएँगे.

सिनेमाघर मालिकों के लिए भी ये फायदे का सौदा साबित हो सकता है. आईपीएल सीज़न के दौरान वैसे भी निर्माता-निर्देशक फ़िल्में कमोबेश कम ही रिलीज़ करते हैं. ऐसे में मल्टीप्लेक्स मालिकों के पास ये एक अच्छा मौका हो सकता है कि वो फ़िल्म शो के बजाय आईपीएल का शो रखें और सिनेमघरों से दूर जा रहे दर्शकों को वापस खीचें.

क्रिकेट के लिए दीवाने भारत जैसे देश में ये एक नया प्रयोग है और अगर ये सफल रहता है तो आने वाले दिनों में अन्य खेलों में भी ऐसा ही प्रयोग किया जा सकता है.

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