'सिर्फ़ अनुशासनहीनता है तो ये कड़ी सज़ा'

शाहिद आफ़रीदी
Image caption सात खिलाड़ियों को सज़ा दी गई है

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाडियों पर प्रतिबंध, जुर्माने और चेतावनी के फ़ैसले पर पाकिस्तान के खेल मंत्री ने सधी हुई प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

खेल मंत्री एजाज़ जखरानी का कहना है कि अगर बताए गए आरोपों के आधार पर ही खिलाड़ियों को सज़ा दी गई है तो ये कड़ी सज़ा है.

लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वो कार्रवाई रिपोर्ट नहीं पढ़ लेते हैं, इस मामले से जुडे सभी पहलुओं पर बयान देना उनके लिए मुमकिन नहीं है.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों पर ये फ़ैसला टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे में हुई हार के बाद गठित एक समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया है.

जखरानी ने बीबीसी को कहा,"ये बहुत बड़ी सज़ा है, लेकिन मेरी अपनी राय है कि जो आरोप लगाए गए हैं उससे अलग भी आरोप होंगे."

मैच फ़िक्सिंग?

उनका कहना था, "जांच समिति की पूरी रिपोर्ट पढ़े बिना आधिकारिक तौर पर किसी तरह का बयान देना फ़िलहाल मुमकिन नहीं है. लेकिन ऐसा लगता है कि अनुशासनहीनता के आरोप के अलावा भी और आरोप हो सकते हैं जिसे बोर्ड लोगों के सामने नहीं लाना चाहता है."

जब उनसे पूछा गया है कि क्या इन खिलाड़ियों पर मैच फ़िक्सिंग जैसे आरोप हो सकते हैं तो वो इस सवाल को यह कह कर टाल गए कि फ़िलहाल इस बारे में कुछ नहीं कह सकते.

जखरानी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के दौरा के बाद टीम के प्रदर्शन को लेकर पीसीबी से उनकी बात हुई थी.

उनका कहना था, "सिडनी टेस्ट में जिस तरह से पाकिस्तान की टीम को हार का सामना करना पड़ा था, उसपर काफ़ी सवाल उठे थे, काफ़ी शकसुबहे थे."

जखरानी का कहना था कि उन्होंने बोर्ड को इस मामले की जांच करने की सलाह दी थी.

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