जेनरेटर से रोशन रहेगा ईडन गार्डन

ईडन गार्डन
Image caption दिसंबर 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान फ्लडलाइट्स की बत्ती गुल होने के बाद काफी बवाल मचा था

यह शायद पहला मौका होगा जब देश के किसी स्टेडियम में खेले जाने वाले दिन-रात के मैच में फ्लडलाइट्स जलाने के लिए जेनरेटरों का सहारा लिया जाएगा.

जी हाँ, इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के तीसरे संस्करण में रविवार को जब कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर की टीमें कोलकाता केईडन गार्डन में एक-दूसरे से भिड़ेंगी तो स्टेडियम को रोशन करने वाली चारों फ्लडलाइट्स जेनरेटर के सहारे चल रही होंगी.

बीते साल दिसंबर में भारत और श्रीलंका के बीच यहाँ खेले गए एकदिवसीय मैच के दौरान एक फ्लडलाइट्स की बत्ती गुल होने के बाद काफी बवाल मचा था. उसके बाद कोलकाता पुलिस ने आयोजकों को भविष्य में दिन-रात के मैचों की अनुमति नहीं देने की चेतावनी दे दी थी.

उसके बाद यहाँ आईपीएल के मैचों के आयोजन पर खतरा मंडराने लगा था. लेकिन अब राज्य के मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती और क्रिकेट एसोसिएशन आफ बंगाल (सीएबी) के बीच आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद मामला सुलझ गया है.

इस बैठक में गृह सचिव अर्धेंदु सेन सेन के अलावा राज्य के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह, कोलकाता के पुलिस आयुक्त गौतम मोहन चक्रवर्ती, सीएबी प्रमुख जगमोहन डालमिया, कोलकाता नाइट राइडर्स के जय मेहता और महानगर में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई (सीईएससी) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.

किराए पर जेनरेटर

बैठक में ईडन में मैच के बीच में ही बत्ती गुल होने की पिछली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आईपीएल के आयोजकों ने अब की बार जेनरेटरों का सहारा लेने का फैसला किया.

मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती ने बताया कि स्टेडियम की चारों फ्लडलाइट्स जेनरेटरों के ज़रिए रोशन रहेंगी. सीईएससी की बिजली बैक-अप के तौर पर रहेगी. पहले यह बत्तियां सीईएससी की बिजली से ही जलती थीं.

इस फैसले के बाद सीएबी ने आईपीएल मैचों के लिए हैदराबाद से आठ विशालकाय जेनरेटर किराए पर मंगाए हैं. सीएबी के एक प्रवक्ता कहते हैं कि एक टावर के लिए दो जेनरेटरों का इस्तेमाल होगा. हर टावर में 216 बत्तियां हैं. एक जेनरेटर से 108 बत्तियों को बिजली की सप्लाई की जाएगी.

इसके अलावा इस बार अतिरिक्त सतर्कता के लिहाज से सीएबी ने इन फ्लडलाइट्स के रखरखाव का जिम्मा जर्मन कंपनी सीमेंस को सौंपा है. सीएबी के एक अधिकारी ने बताया कि सीमेंस को इसके लिए 4.76 लाख रुपए महीने का भुगतान किया जाएगा. इस कंपनी की सेवाएं दो महीने के लिए ली गई हैं.

कंपनी के मुख्य विपणन प्रबंधक अभिजीत भौमिक कहते हैं, " ये फ्लडलाइट्स देश में सबसे पुरानी है. इनका रखरखाव आसान नहीं है. लेकिन हमें उम्मीद है कि मैचों के दौरान बत्ती गुल होने की घटना दोबारा नहीं घटेगी."

इस बीच, स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त कर दी गई है. पहले मैच में नाइट राइडर्स की शानदार जीत से कोलकाता के क्रिकेटप्रेमियों में रविवार को होने वाले दूसरे मैच को लेकर भारी उत्साह है. लेकिन स्टेडियम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की वजह से सीटों की क्षमता घटकर लगभग चालीस हज़ार ही रह गई है.

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