बैडमिंटन का केंद्र बनता भारत

  • 12 अप्रैल 2010
साइना नेहवाल
Image caption चीन के बाद भारत में बैडमिंटन के सबसे ज़्यादा खिलाड़ी.

विश्व बैडमिंटन महासंघ के एक सर्वेक्षण के मुताबिक चीन के बाद भारत में बैडमिंटन खेलने वालों की संख्या काफ़ी ज़्यादा है. इस सर्वेक्षण से ये भी पता चलता है कि भारत बैडमिंटन का प्रमुख केंद्र बन कर उभर रहा है.

वर्ल्ड जूनियर और वर्ल्ड चैपियनशिप की मेजबानी के बाद भारत अब एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा. इसके लिए राजधानी दिल्ली में विश्व स्तरीय स्टेडियम बनाया गया है.

भारतीय बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वीके वर्मा कहते हैं, "हमारा उद्देश्य यही है कि दिल्ली और भारत को एशिया की खेल राजधानी बनाएं. यह तभी संभव होगा जब बड़े-बड़े खेल की मेजबानी यहां होगी."

उनका दावा है कि ऐसे स्टेडियम विदेशों में भी कम ही बनते है.

भारत में खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है इस बात में कोई शक नहीं है लेकिन इस खेल के प्रति ऐसा लगाव पहली बार देखने को मिला है.

साइना नेहवाल जैसी बैडमिंटन खिलाड़ी जो आज विश्व वरीयता में पाँचवे स्थान पर है, वो कहती है, "ये बहुत बड़ा बदलाव है. लेकिन ये देर से हो रहा है, इसे जल्दी होना चाहिए."

पूर्व ऑल इंग्लैंड चैपियन पुलेला गोपीचंद का मानना है कि एशिया बैडमिंटन चैपियनशिप की मेजबानी से भारतीय बैडमिंटन को एक नई जान मिल सकती है.

उनका कहना है, "खिलाडियों का अच्छा प्रदर्शन रहा है और मैं मानता हूं कि इससे प्रदर्शन और सुधरेगा."

अब समय बदल रहा है और प्रयोजक भी आकर्षित हो रहे है जो आने वाले समय के लिए अच्छा संकेत है.

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