कोच्चि को लेकर थरूर, मोदी आमने-सामने

  • 13 अप्रैल 2010
शशि थरूर
Image caption शशि थरूर का कहना है कि उनका कोच्चि फ्रेंचाइजी से कोई लेना देना नहीं है

विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के चेयरमैन ललित मोदी के बीच आईपीएल की नई टीम कोच्चि की फ्रेंचाइजी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है.

ललित मोदी ने ट्विटर पर इस टीम के हिस्सेदारों के नाम सार्वजनिक कर दिए थे.

इसमें जो लोग हिस्सेदार हैं उनमें किशन शैलेंद्र और पुष्पा गायकवाड़, सुनंदा पुष्कर, पूजा गुलाटी, जयंत कोटालवार, विष्णु प्रसाद और संदीप अग्रवाल शामिल हैं.

इन हिस्सेदारों में सुनंदा पुष्कर विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर की महिला मित्र बताई जाती हैं.

साथ ही मोदी ने अपने ट्विटर पर लिखा कि एक बड़ी शख्सियत ने उनसे टीम के हिस्सेदारों के नाम सार्वजनिक न करने को कहा था.

माना जा रहा है कि उनका इशारा विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर की ओर है.

इस विवाद के बाद बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि 10 दिनों में बीसीसीआई की संचालन समिति की बैठक होगी जिसमें इस विवाद पर चर्चा की जाएगी.

उल्लेखनीय है कि कोच्चि फ्रेंचाइजी को 333.33 मिलियन डॉलर लगभग 1533 करोड़ रुपए में रांदेयू स्पोर्ट्स वर्ल्ड ने ख़रीदा था.

आरोप-प्रत्यारोप

सोमवार को शशि थरूर ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

लेकिन उनके विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) जैकब जोसफ़ ने ललित मोदी को निशाना बनाया और मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर कोच्चि समूह का मालिकाना हक़ सवालों के घेरे में है तो राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब की हिस्सेदारी पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं.

लेकिन मंगलवार को शशि थरूर ने एक बयान में इस बात से इनकार किया कि उन्होंने इस संबंध में ललित मोदी को कोई फ़ोन किया था.

Image caption ललित मोदी ने कोच्चि फ़्रेंचाइजी के हिस्सेदार को सार्वजनिक कर दिया था

उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि उनकी निजी जिंदगी को इस मामले में घसीटा जा रहा है.

उनका कहना था कि केरल के कोच्चि को आईपीएल में स्थान दिलाने को लेकर उन्हें प्रसन्नता हुई और उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वो संसद में केरल का प्रतिनिधित्व करते हैं.

सोमवार को इस मामले में कई ईमेल भी लिखे गए.

ख़बरों के अनुसार ललित मोदी ने भारतीय खेल नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष शशांक मनोहर को लिखे ईमेल में स्पष्ट किया है कि कोच्ची फ्रेंचाइजी अनेक बातें छुपाना चाह रहे थे.

उनका कहना था कि उन्हें शशि थरूर का फ़ोन आया था जिसमें उन्होंने शेयरधारकों के बारे में जानकारी न देने को कहा था.

दरअसल उन्होंने ये सफ़ाई कोच्चि फ्रेंचाइजी के हिस्सेदारों की ओर शिकायत मिलने के बाद दी था जिसमें बीसीसीआई से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया था.

शिकायत में कहा गया था कि हिस्सेदारों के नाम सार्वजनिक करना 'भरोसा तोड़ने का गंभीर मामला' है.

इसके पहले भी कोच्चि को टीम के स्वामित्व को लेकर सवाल उठे थे लेकिन उस वक्त शशि थरूर ने कहा था कि इससे उनकी कोई भूमिका नहीं है और ये कारोबारी फ़ैसला है.

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