कोई भी टीम कमज़ोर नहीं: धोनी

महेंद्र सिंह धोनी
Image caption धोनी का कहना है कि किसी भी टीम को कमज़ोर करके नहीं आँका जाना चाहिए

ट्वेन्टी-20 विश्व कप के लिए वेस्टइंडीज़ रवाना होने से पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि इस खेल में किसी भी टीम को कमज़ोर नहीं आँका जा सकता.

मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए धोनी ने साथ ही संतोष जताया कि कोई भी भारतीय खिलाड़ी चोटग्रस्त नहीं है.

उनका ये भी कहना था कि भारतीय खिलाड़ी अगर योजना और अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप खेलते हैं तो भारतीय टीम की भी जीत की अच्छी संभावनाएँ हैं.

भारत का पहला मैच एक मई को अफ़ग़ानिस्तान के विरुद्ध है. इस मुक़ाबले को लेकर धोनी का कहना था, "ये एक ऐसा फ़ॉर्मैट है जिसमें आप आराम नहीं कर सकते, आपको हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन करना होता है. इस मैच को हम आसान नहीं मान सकते क्योंकि इस फ़ॉर्मैट में कोई भी टीम किसी भी टीम को हरा सकती है."

फ़िटनेस

इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में लीग स्तर तक सभी मैच खेलने वाले वीरेंदर सहवाग ने दिल्ली की टीम के आईपीएल से बाहर हो जाने के बाद कंधे की चोट की वजह से टीम से नाम वापस ले लिया था.

इसके बाद आईपीएल में चेन्नई टीम के ओपनर रहे मुरली विजय वेस्टइंडीज़ जा रहे हैं.

मगर विश्व कप खेलने जा रही 15 सदस्यीय टीम की फ़िटनेस के बारे में धोनी ने कहा, "अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है कि किसी खिलाड़ी की फ़िटनेस में कोई बड़ी परेशानी है. ये अच्छी बात है क्योंकि जब आप इतने बड़े टूर्नामेंट में जाते हैं तो आप चाहते हैं कि सबसे अच्छे खिलाड़ी पूरी तरह फ़िट रहें."

भारत ने जब 2007 में दक्षिण अफ़्रीका में विश्व कप जीता था तो उसमें प्रमुख भूमिका निभाई थी युवराज सिंह ने मगर आईपीएल में उनका कोई प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं रहा.

फिर भी युवराज पर भरोसा जताते हुए धोनी ने कहा, "युवराज ने इस आईपीएल में बहुत रन नहीं बनाए हैं मगर ये चिंता की बात नहीं है क्योंकि आईपीएल या टी-20 क्रिकेट में आपको फ़ॉर्म में आने के लिए सिर्फ़ पाँच या दस गेंदों की ज़रूरत होती है. ऐसा नहीं है कि वो बिल्कुल ही ख़राब फ़ॉर्म में है, वो गेंद को अब भी अच्छी तरह मार रहे हैं."

फ़ील्डिंग अहम

आईपीएल में कई टीमों ने स्पिन गेंदबाज़ों से पारी की शुरुआत कराई है और वेस्टइंडीज़ में खेल की भारत जैसी ही परिस्थितियों को देखते हुए धोनी मानते हैं कि विश्व कप में भी ये एक विकल्प हो सकता है.

मगर उनका कहना है कि इस बारे में अंतिम फ़ैसला वेस्टइंडीज़ की विकेट देखने के बाद ही होगा.

धोनी का कहना है कि हर टीम में अच्छे खिलाड़ी हैं और जो भी टीम डेढ़ घंटे तक अच्छी बल्लेबाज़ी और अगले डेढ़ घंटे अच्छी गेंदबाज़ी कर लेगी वही टीम जीतेगी. उनका मानना है कि फ़ील्डिंग की इसमें अहम भूमिका होगी.

वैसे धोनी ये मानते हैं कि टीम को दूसरी टीम अच्छा प्रदर्शन करके हरा दे तो समझा जा सकता है मगर अपनी टीम को बुरा प्रदर्शन करके नहीं हारना चाहिए.

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