हिजाब का मसला सुलझा

ईरानी महिला फुटबॉल टीम
Image caption हिजाब ईरानी लड़कियों की वेशभूषा का एक हिस्सा है

हिजाब पहनने के मुद्दे पर ईरानी लड़कियों की फुटबॉल टीम के अगस्त में होने वाले युवा ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने के विवाद को सुलझा लिया गया है.

अब ईरानी लड़कियों की टीम को अगस्त में होने वाले युवा ओलंपिक खेलों में भाग लेने की इजाज़त मिल गई है. दरअसल ईरानी फुटबॉल टीम में खेलने वाली लड़कियों ने अपना परंपरागत हिजाब पहनकर खेलने की माँग रखी थी जिस पर विवाद खड़ा हो गया था.

अब फीफा की गवर्निंग बॉडी ने बालों को पूरी तरह से ढकने वाले हिजाब के स्थान पर सिर को ढकने वाले एक विशेष कैप की पेशकश करके हिजाब के मुद्दे को हल करने की कोशिश की है.

फीफा ने हिजाब के मुद्दे पर पहले तो ईरान की लड़कियों की फुटबॉल टीम को युवा ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने से ही रोक दिया था लेकिन बाद में इस विवाद को सुलझाने की कोशिशें तेज़ हुईं.

फीफा का कहना है कि सिर ढकने वाले हिजाब सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं हैं और उनसे एक राजनीतिक और धार्मिक संदेश भी जाता है जो फीफा के नियमों के विरुद्ध है.

ईरान की फुटबाल खिलाड़ी लड़कियाँ इस्लामी क़ायदे-क़ानूनों के मुताबिक अपने सिर को ढाँकना पसंद करती हैं. अब गहन बातचीत के बाद इस टीम से कहा गया है कि वो युवा ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले सकती है बशर्ते कि हिजाब के बजाय एक विशेष क़िस्म कैप पहनें जो उनके सिर को ढँक सकती है लेकिन वो कैप गर्दन को नहीं ढकेगी.

ईरान के फुटबॉल फ़ैडरेशन ने कहा है कि यह प्रस्ताव ख़ुद ईरान सरकार ने ही फीफा के पास भेजा था.

समाचार चैनल अल जज़ीरा नेट ने कहा है

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