मोदी ने जवाब सौंपा,निलंबन वापसी की माँग

इंडियन प्रीमियर लीग के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी के वकील ने बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस का करीब नौ हज़ार पन्नों का जवाब सौंप दिया है.

लेकिन उन्होंने कहा कि इन दस्तावेज़ों में क्या है ये बताना उचित नहीं होगा और बीसीसीआई को इसे सार्वजनिक करना चाहिए.

वकील महमूद आबिदी ने दस्तावेज़ बीसीसीआई कार्यालय में जाकर रत्नाकर शेट्टी को सौंपे. ललित मोदी ख़ुद यूरोप में हैं.

पत्रकारों के साथ बातचीत में आबिदी ने कहा कि ललित मोदी पर लगाए सभी आरोपों का जवाब दिया गया है और मोदी का निलंबन तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए.

जब उनसे पूछा गया कि आख़िर नौ हज़ार पन्नों में क्या जवाब दिया गया है तो उन्होंने केवल इतना कहा कि अब आपको खेल के पीछे का खेल देखने को मिलेगा.

वे बोले कि बीसीसीआई अध्यक्ष ख़ुद एक वकील हैं,इतने पन्ने पढ़ना उनके लिए कोई बहुत बड़ा काम नहीं है और वे चंद घंटों में फ़ैसला कर सकते हैं.

मोदी का बचाव करते हुए उनके वकील ने कहा कि आरोप केवल कही-सुनी बातों के आधार पर लगाए गए हैं जिन्हें साबित नहीं किया जा सकता.

ललित मोदी उन पर लगे आरोपों को निराधार बताते रहे हैं.

मोदी के जवाब सौंपने के कुछ देर बाद बीसीसीआई की ओर से रत्नाकर शेट्टी ने पत्रकारों से आकर केवल इतना भर कहा कि दस्तावेज़ सौंप दिए गए हैं और वे कुछ ज़्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते.

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने आईपीएल फ़ाइनल के अंतिम क्षणों में ललित मोदी को सभी पदों से निलंबित कर दिया था.बोर्ड ने मोदी पर वित्तीय अनियमितताओं और अन्य मामलों में 22 आरोप लगाए थे.

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