फिर ब्राज़ील बना चैम्पियन

1970 में मैक्सिको में हुआ विश्व कप पहला विश्व कप था जब मैचों का रंगीन टेलीविज़न पर प्रसारण हुआ. इस विश्व कप के मैचों में खिलाड़ियों ने भी रंगीन पोशाकें पहनीं.

मैक्सिको विश्व कप को मेज़बानी के लिहाज़ से भी बेहतरीन माना जाता है. साथ ही ब्राज़ील की टीम का असाधारण प्रदर्शन भी इस विश्व कप को यादगार बना गया.

हालाँकि 1966 के विश्व कप में बुरा अनुभव लेकर गए पेले ने घोषणा की थी कि वे अब फिर विश्व कप में नहीं खेलेंगे.

लेकिन ब्राज़ील ने इस विश्व कप को काफ़ी गंभीरता से लिया. पेले भी अपना वनवास छोड़कर वापस आए और स्टार खिलाड़ियों की जमात में शामिल हुए.

ग्रुप मुक़ाबले में ब्राज़ील का मुक़ाबला इंग्लैंड से हुआ. मैच बड़ा शानदार रहा. आख़िरकार ब्राज़ील की टीम जीती लेकिन मैच यादगार रहा इंग्लैंड के गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन के कारण जिन्होंने कई गोल बचाए.

इस हार के बावजूद इंग्लैंड की टीम ब्राज़ील के साथ नॉक आउट स्टेज तक पहुँच गई. क्वार्टर फ़ाइनल मैच में इटली ने मेज़बान मैक्सिको को 4-1 से पीटा, तो ब्राज़ील ने पेरू को 4-2 से मात दी.

उरुग्वे ने सोवियत संघ की सशक्त टीम को पछाड़ा. लेकिन सबसे ज़ोरदार मैच हुआ पश्चिम जर्मनी और इंग्लैंड के बीच. पश्चिम जर्मनी की टीम तो बदला लेने की कोशिश में थी ही. लेकिन इंग्लैंड ने शानदार शुरुआत की और 2-0 की बढ़त ले ली.

फ़ाइनल मुक़ाबला

लेकिन अति विश्वास में बॉबी चार्ल्टन और मार्टिन पीटर्स को बैठाने का फ़ैसला ग़लत साबित हुआ और जर्मनी ने आख़िरकार 3-2 से जीत हासिल कर ली.

इटली और पश्चिम जर्मनी के बीच हुआ सेमी फ़ाइनल मैच काफ़ी यादगार रहा. ज़बरदस्त मुक़ाबले में इटली ने पश्चिम जर्मनी को 4-3 से हराया जबकि ब्राज़ील ने उरुग्वे को 3-1 से मात दी.

फ़ाइनल के पहले हाफ़ में इटली ने ब्राज़ील पर लगाम लगाए रखा और पेले के 18वें मिनट में दाग़े गोल की बराबरी भी कर दी. लेकिन दूसरे हाफ़ में ब्राज़ील की टीम ने थक चुकी इटली की टीम को काफ़ी परेशान किया और एक के बाद एक तीन गोल किए.

ब्राज़ील ने इटली को 4-1 से हराया और तीसरी बार विश्व कप का ख़िताब जीता. इस वर्ष ब्राज़ील के कोच थे मारियो ज़गालो.

ज़गालो के साथ ख़ास बात ये रही कि इससे पहले 1958 और 1962 में ब्राज़ील ने जब विश्व कप जीता था, उस समय ज़गालो ब्राज़ील की टीम में शामिल थे और इस साल एक कोच के रूप में टीम के साथ थे.

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