नीरस रहा ये विश्व कप

  • 27 मई 2010

1990 में इटली में हुए विश्व कप को काफ़ी धीमा विश्व कप माना जाता है. एकीकरण के बाद पश्चिम जर्मनी और पूर्वी जर्मनी की टीम अब जर्मनी के नाम से विश्व कप में उतरी. जर्मनी, हॉलैंड, अर्जेंटीना और ब्राज़ील को ख़िताब का तगड़ा दावेदार माना जा रहा था.

हालाँकि जर्मनी ने विश्व कप का ख़िताब तीसरी बार जीत लिया. लेकिन कैमरून और उसके खिलाड़ी रोजर मिल्ला इस प्रतियोगिता के स्टार साबित हुए.

इस विश्व कप की शुरुआत ही एक बड़े उलटफेर के साथ हुई. कैमरून ने पिछली चैम्पियन अर्जेंटीना की टीम को 1-0 से हरा कर शुरुआत की.

आगे भी कैमरून ने सबको आश्चर्यचकित करते हुए क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई. क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुँचने वाली कैमरून की टीम पहली अफ़्रीकी टीम बनी.

क्वार्टर फ़ाइनल में कैमरून की टीम इंग्लैंड से संघर्ष करते हुए हारी. अतिरिक्त समय में इंग्लैंड ने कैमरून को 3-2 से पराजित किया. रिटायरमेंट छोड़कर वापस आने वाले 38 वर्षीय रोजर मिल्ला रातों-रात अंतरराष्ट्रीय स्टार हो गए.

जीत

अर्जेंटीना की टीम ने हार से उबरते हुए फ़ाइनल में जगह बनाई. क्वार्टर फ़ाइनल में अर्जेंटीना ने ब्राज़ील को हराया. सेमी फ़ाइनल में अर्जेंटीना ने मेजबान इटली को हराया. अर्जेंटीना की टीम प्रतियोगिता में पहली ऐसी टीम बनी, जिसने मेजबान इटली के ख़िलाफ़ गोल दाग़ा.

अर्जेंटीना और इटली का मैच 1-1 से बराबर रहा और फिर फ़ैसला पेनल्टी शूट आउट में अर्जेंटीना के हक़ में गया.

दूसरे सेमी फ़ाइनल में जर्मनी का मुक़ाबला था इंग्लैंड की टीम से. मैच 1-1 से बराबरी पर छूटा और पेनल्टी शूट आउट में इंग्लैंड की टीम जर्मनी से 4-3 से हार गई.

फ़ाइनल में आमने-सामने थी जर्मनी और अर्जेंटीना की टीमें. 1990 के विश्व कप को सबसे कम रोमांचक विश्व कप में गिना जाता था.

प्रतियोगिता के बाक़ी मैचों की तरह फ़ाइनल मैच भी नीरस ही रहा. दोनों टीमों ने बड़ा ही रक्षात्मक खेल खेला और फ़ाइनल देखने के लिए जुटे लोगों का मज़ा किरकिरा किया. मैच ख़त्म होने से पाँच मिनट पहले जर्मनी ने गोल करके विश्व कप पर तीसरा बार क़ब्ज़ा किया और ब्राज़ील की बराबरी की.

संबंधित समाचार