विश्व कप से बाहर हुए माराडोना

  • 28 मई 2010
1994 का विश्व कप

फ़ीफ़ा ने 1988 में ही यह फ़ैसला कर लिया था कि 1994 का विश्व कप अमरीका में आयोजित होगा.

मोरक्को और ब्राज़ील की दावेदारी को ख़ारिज़ करते हुए अमरीका को मेजबानी देने के फ़ैसले पर लोगों को अचरज भी हुआ क्योंकि अमरीका में फ़ुटबॉल के प्रति लोगों का उत्साह कम था.

लेकिन इसके बावजूद अमरीका में हुआ विश्व कप आयोजन के मामले में सफल माना जाता है. हर मैच के लिए औसत 69 हज़ार दर्शक स्टेडियम में जुटे.

1990 की तरह इस विश्व कप में भी 24 टीमों ने क्वालीफ़ाई किया और चार-चार टीमों के छह ग्रुप में उन्हें बाँटा गया.

इस विश्व कप में सभी टीमों ने आक्रमक फ़ुटबॉल का प्रदर्शन किया. फ़ीफ़ा ने टैकल के नियमों में कुछ फेरबदल किया और जीतने वाली टीम को तीन अंक देने का भी फ़ैसला किया गया. इस कारण टीम की अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ियों को आक्रामक खेल दिखाने में और सुविधा हुई.

जहाँ ब्राज़ील के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी बेहतरीन क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना के कारण प्रतियोगिता पर विवाद की छाया भी रही.

माराडोना प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के दोषी पाए गए और टूर्नामेंट से निकाल दिए गए. और तो और अमरीका के ख़िलाफ़ कोलंबिया के मैच हारने के कारण उसके एक खिलाड़ी की हत्या कर दी गई.

कोलंबिया के खिलाड़ी एस्कोबार ने ग़लती से गेंद अपने ही गोलपोस्ट में डाल दी थी. टीम के स्वदेश लौटने पर उनकी हत्या कर दी गई.

बुल्गारिया ने प्रतियोगिता का सबसे बड़ा उलटफेर किया. उसने सेमी फ़ाइनल में जर्मनी को हराकर उसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया.बुल्गारिया के स्ट्वाइचकोव प्रतियोगिता में छह गोल मार कर सबसे ज़्यादा गोल मारने वाले खिलाड़ी बने.

इटली की टीम किसी तरह दूसरे दौर में जगह बना पाने में सफल रही. लेकिन रोमारियो और बबेटो जैसे खिलाड़ियों की बदौलत ब्राज़ील की टीम आसानी से क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाने में सफल रही.

जीत

क्वार्टर फ़ाइनल में ब्राज़ील का मुक़ाबला था हॉलैंड से. ब्राज़ील की टीम एक समय 2-0 से आगे थी.

लेकिन हॉलैंड ने शानदार वापसी की और स्कोर बराबर कर दिया. लेकिन मैच ख़त्म होने से पहले ब्राज़ील ने अपने पुराने खिलाड़ी ब्रैंको को मैदान में उतारा और उन्होंने शानदार गोल करके अपनी टीम को जीत दिला दी.

एक अन्य क्वार्टर फ़ाइनल मैच में इटली ने स्पेन को 1-0 से हराकर सेमी फ़ाइनल में जगह बनाई. इटली ने सेमी फ़ाइनल में बुल्गारिया की चुनौती तोड़ी तो ब्राज़ील ने स्वीडन को 1-0 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई.

क़रीब 94 हज़ार दर्शकों की मौजूदगी में फ़ाइनल हुआ ब्राज़ील और इटली के बीच. इटली की टीम ज़रूरत से ज़्यादा रक्षात्मक हो गई और अतिरिक्त समय के बाद भी दोनों टीमें गोल नहीं कर पाईं.

फिर फ़ैसला पेनल्टी शूट आउट के ज़रिए हुआ. ब्राज़ील ने पेनल्टी शूट आउट में विश्व कप का ख़िताब जीता और स्कोर रहा 3-2. ब्राज़ील को चौथी बार विश्व कप का ख़िताब मिला.

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