ज़िनेदिन ज़िदान का जलवा

  • 28 मई 2010
1998 का विश्व कप

क़रीब 60 साल बाद फ़ुटबॉल विश्व कप फ़्रांस लौटा. इस बार विश्व कप में 32 टीमें शामिल हुईं. लेकिन विश्व कप का आयोजन सफल साबित हुआ.

ब्राज़ील की टीम इस साल भी ख़िताब की बहुत बड़ी दावेदार थी. ब्राज़ील के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डो अपने प्रदर्शन के बेहतरीन दौर में थे. रोमारियो घायल थे, इसलिए रोनाल्डो पर बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी थी.

ब्राज़ील ने प्रतियोगिता में अच्छी शुरुआत की. हालाँकि स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ 2-1 से मैच जीतने में टीम को थोड़ा पसीना बहाना पड़ा.

लेकिन अगले ही मैच में मोरक्को को 3-0 से हराकर टीम में उत्साह लौट आया. लेकिन पहले दौर के मैच में नॉर्वे के हाथों मिली हार ने टीम का मनोबल काफ़ी कमज़ोर किया. 1966 के बाद पहली बार ब्राज़ील की टीम पहले दौर का कोई मैच हारी थी.

मेज़बान फ़्रांस ने पहले दौर की शानदार शुरुआत की. फ़्रांस ने दक्षिण अफ़्रीका, सऊदी अरब और डेनमार्क को हराकर पहले दौर की शुरुआत की.

लेकिन सऊदी अरब के ख़िलाफ़ मैच में मैक्सिको के रेफ़री ने ज़िनेदिन ज़िदान को रेड कार्ड दिखा दिया और फ़्रांस को दूसरे दौर की शुरुआत अपने स्टार खिलाड़ी के बिना ही करनी पड़ी.

दूसरे दौर में पहुँचने वाली 16 टीमों में से 10 यूरोपीय टीमें थी. दूसरे दौर में इटली ने नॉर्वे को 1-0 से मात दी तो ब्राज़ील ने चिली को 4-1 से रौंदा.

फ़्रांस ने पराग्वे को हराया तो इंग्लैंड को अर्जेंटीना के हाथों हार मिली. इसी मैच में इंग्लैंड की ओर से माइकल ओवन ने एक ख़ूबसूरत गोल किया था.

क्वार्टर फ़ाइनल में बड़ा उलटफेर उस समय हुआ जब क्रोएशिया ने जर्मनी को 3-0 से हराकर बाहर कर दिया. मेजबान फ़्रांस और इटली के बीच क्वार्टर फ़ाइनल मैच पेनल्टी शूट आउट में गया और फ़ैसला फ़्रांस के हक़ में 4-3 से गया.

रोनाल्डो का सच?

ब्राज़ील ने डेनमार्क को 3-2 से हराया जबकि नीदरलैंड्स ने अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया. सेमीफ़ाइनल में मेजबान फ़्रांस की भिड़ंत थी क्रोएशिया से और ब्राज़ील और नीदरलैंड्स आमने-सामने थे.

Image caption रोनाल्डो की बीमारी का सच अब भी सामने नहीं आया है

पहले सेमी फ़ाइनल में फ़्रांस ने क्रोएशिया को 2-1 से हराया. लेकिन नीदरलैंड्स और ब्राज़ील का मैच 1-1 से बराबर रहा.

फ़ैसला पेनल्टी शूट आउट में ब्राज़ील के पक्ष में गया. ब्राज़ील ने 4-2 से यह मैच जीता. ब्राज़ील की टीम एक बार फिर फ़ाइनल में पहुँची. लेकिन इस बार उसके ख़िलाफ़ थी मेजबान टीम फ़्रांस.

फ़ाइनल में ब्राज़ील के स्टार खिलाड़ी रोनाल्डो को लेकर जो अफ़वाहों का बाज़ार गर्म रहा, उसकी सच्चाई आज तक सामने नहीं आ पाई है.

कहा गया कि रोनाल्डो का घुटना जवाब दे गया था, तो ये भी कहा गया कि वे बेहोश हो गए थे. ख़ैर जो भी हो, टीम शीट से उनका नाम ग़ायब था.

लेकिन बाद में वे टीम में आए. वे थके हुए नज़र आ रहे थे. लोगों को कहीं से वो रोनाल्डो नज़र नहीं आया, जिसके लिए वे जाने जाते थे.

दूसरी ओर फ्रांस के स्टार खिलाड़ी ज़िनेदिन ज़िदान अभी तक पूरे फ़ॉर्म में आ गए थे और उनका प्रदर्शन देखने लायक़ था.

'बीमार' रोनाल्डो के कारण ब्राज़ील की टीम अपने फ़ॉर्म में नज़र नहीं आई. इसका अंदाज़ा इसी से होता है कि वे एक गोल भी नहीं मार पाए. फ़्रांस ने ज़िनेदिन ज़िदान के दो गोलों की बदौलत ब्राज़ील को 3-0 से हराकर और विश्व कप का ख़िताब जीत लिया.

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