भारतीय क्रिकेट के लिए खतरा

धोनी
Image caption जिस तरह से भारतीय टीम विश्व में आख़िरी रैंक की टीम से हारी है, वह काफी चिंताजनक है

एक युवा भारतीय टीम को शिखर से नीचे लुढ़कता देखना किसी के भी दिल को भा नहीं सकता. भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर युवावास्था की फुर्ती नहीं झलकती और फ़ील्ड पर उनकी ढीली-ढाली चाल से उनकी उम्र के बारे में सोचने पर शर्मिंदगी महसूस होती है.

उनकी आँखों में वो चमक नहीं दिखती जिससे लाखों दिलों में कुछ कर दिखाने की तमन्ना जाग उठती है, जो आपको विश्वास दिलाती है कि युवा होना कितना आनंददायक अनुभव है.

हार दुःखी कर देती है. इससे भी ज़्यादा चिंताजनक है भारतीय टीम का ढुलमुल प्रदर्शन....और जिस तरह वह विश्व में आख़िरी रैंक की टीम से हारी है.

क्या ये वही खिलाड़ी हैं, वही नायक हैं, जिन पर एक ही महीने पहले अनथक ऊर्जा और भरपूर जोश के कारण पूरा देश साथ नाज़ कर रहा था...और वो कंपनियाँ भी जिनके उत्पादों को ये खिलाड़ी प्रोमोट कर रहे थे.

क्या यही भविष्य की टीम थी? वरिष्ठ खिलाड़ियों ने टी-20 विश्व कप के दौरान भी इसी तरह का ढुलमुल रवैया दिखाया था. लेकिन इससे पहले हुए आईपीएल में तो ये खिलाड़ी हर जीत को इस तरह मना रहे थे जैसे किसी शिकारी ने बड़ा शिकार मार लिया हो, और वे हर पराजय का इस तरह शोक मना रहे थे जैसे उस शिकारी को अब बाक़ी की ज़िंदगी में भूखे पेट ही रहना होगा.

आईपीएल के फ़ाइनल में हार के बाद एक खिलाड़ी तो बुरी तरह से रोने लगा. जब आईपीएल का इतिहास लिखा जाएगा तब उस खिलाड़ी की मिसाल पेश की जाएगी....खेल और उससे जुड़े अन्य हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के सबूत के तौर पर मिसाल.

कमी के कारणों का आकलन

आज जब हम फ़ॉर्म और ऊर्जा में आई कमी के कारणों का आकलन कर रहे हैं तो हमें आईपीएल की थकाने वाली ‘शेड्यूल,’ ग्लैमर, देर रात तक चलने वाली पार्टियों और अन्य संभव कारणों में जाने की इजाज़त नहीं है.

यदि कोई ऐसा करता है तो उसकी आवाज़ उन लोगों की चीखों-पुकार में डूब जाती है जो, इन खिलाड़ियों की ही तरह, आईपीएल के अगले संस्करण का इंतज़ार कर रहे हैं और अपने बैंक खातों को बढ़ाने की सोच रहे हैं.

जहाँ हम इस विषय पर विचार कर रहे हैं कि भारतीय क्रिकेट किस दिशा में जा रहा है, वहीं आईपीएल की कोठरी से और अधिक कचरा बाहर गिरता नज़र आ रहा है.

अब यह सामने आया है कि दुबई में एक समानान्तर लीग की योजना बनाई जा रही थी और मीडिया को लीक की गई ई-मेल से पता चलता है कि ये काम फ़िल्मी हस्ती शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंदरा कर रहे थे. राज कुंदरा की राजस्थान रॉयल्स टीम में हिस्सेदारी है और उसमें बड़ा हिस्सा निलंबित आईपीएल कमिश्नर के एक क़रीबी रिश्तेदार का है.

महत्वपूर्ण है कि ये ई-मेल अप्रैल माह के हैं जिनमें ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट के मसीहा होने का दावा किया है और इसी दावे के दम पर इसका विरोध किया है.

ग़ौरतलब है कि उस समय शशि थरूर और कोच्चि टीम को लेकर विवार चरम पर था जो मोदी के क्रिकेट साम्राज्य के लिए ख़तरा बन गया था.

बड़े जाँच की ज़रूरत

इस बारे में गंभीर रूप से जाँच की ज़रूरत है कि कुंदरा की ‘विद्रोही लीग’ की पहल, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को गहरा आघात पहुँच सकता था, उसके पीछे कौन था.

फ़िलहाल इंग्लैंड में बनाए जाने वाली प्रस्तावित लीग के बारे में आख़िरी वाक्य नहीं लिखा गया है. अब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन जाईल्स क्लार्क पर ये ज़िम्मेदारी है कि वे साबित करें कि मोदी निर्दोष नहीं हैं, जैसा कि वे दावा कर रहे हैं.

ये भी जानना दिलचस्प होगा क्या इंग्लिश काउंटीस के तेंदुलकर, सहवाग, युवराज और अन्य लोकप्रिय खिलाड़ियों को टी-20 लीग की ओर आकर्षित करने के क़दम के पीछे कुछ और भी था? क्या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने खिलाड़ियों के इंग्लैंड में खेलने पर प्रतिबंध इसलिए लगाया कि उसे किसी व्यापक योजना की भनकर लग गई थी.

आज जब खंडन के बावजूद मीडिया में शरद पवार और उनके परिवार को एक असफल रहे आईपीएल पुणे के बिड्डर से जोड़ा जा रहा है तो ये स्पष्ट होता जा रहा है कि आईपीएल ऐसा अजगर बन गया है जिससे पूरे भारतीय क्रिकेट को निगलने जाने का ख़तरा पैदा हो गया है.

(लेखक हिंदुस्तान टाइम्स के खेल सलाहकार हैं)

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