फ़ैन्स लगा रहे हैं चार चाँद

ब्राज़ील फ़ैन्स

दक्षिण अफ़्रीका में चल रहे विश्व कप में समर्थक ख़ास किस्म का रंग भर रहे हैं. किसी भी खेल में समर्थकों की भूमिका बहुत अहम होती है. खचाखच भरे स्टेडियम में जब समर्थक तालियाँ पीटते हैं, गाना गाते हैं, झंडा लहराते हैं तो टीम का उत्साह दोगुना हो जाता है.

ये अलग बात है कि कभी-कभी उनका जुनून हद से पार चला जाता है और दीवानगी पागलपन का रूप ले लेती है.

दक्षिण अफ़्रीका में चल रहे फ़ुटबॉल के महापर्व में अलग-अलग देशों के फ़ुटबॉल फ़ैन्स ने जो रंगीनियाँ बिखेरी हैं, उससे इस विश्व कप का मज़ा और बढ़ गया है.

गलियों, चौराहों, क्लबों, पब्स और रेस्टोरेंट्स में इन फ़ुटबॉल फ़ैन्स का अनोखा रंग इंद्रधनुषी माहौल बना देता हैं. भाषा अलग, टीम अलग, पसंदीदा खिलाड़ी अलग- लेकिन उत्साह एक जैसा....जुनून एक जैसा.

जहाँ कुछ दिनों पहले तक दक्षिण अफ़्रीकी फ़ैन्स का ज़ोर चल रहा था, वहाँ उनकी धरती अब धीरे-धीरे अन्य टीमों के समर्थकों से भरती जा रही है. अपनी आवाज़ से टीम का उत्साह बढ़ाने का दम भरने वालों की कमी नहीं.

सड़कों पर जश्न

आजकल जोहानेसबर्ग की सड़कों पर अर्जेंटीना और ब्राज़ील के समर्थकों का जश्न चल रहा है. शहर के मंडेला स्क्वेयर पर प्रतिदिन इन दोनों टीमों के समर्थक अपनी ख़ास अदा से माहौल को मनमोहक बना देते हैं.

Image caption शहर के मंडेला स्क्वेयर पर प्रतिदिन समर्थक अपनी ख़ास अदा से माहौल को मनमोहक बना देते हैं

इनमें से कई लोग अर्जेंटीना से यहाँ आए हैं और अपना टिकट लेकर मैच का इंतज़ार कर रहे हैं.

अर्जेंटीना से आए स्टीफ़ानों तो अपनी टीम का गुणगान करने लगते हैं और हाँ, मेसी को अर्जेंटीना के लोग कैसे भूल सकते हैं. वे कहते हैं, "हमारी टीम बहुत अच्छी है और फिर हमारे पास मेसी जैसा स्टार खिलाड़ी भी तो है."

अर्जेंटीना और ब्राज़ील की प्रतिस्पर्धा किसी से छिपी हुई नहीं है. जहाँ अर्जेंटीना में टैंगो लोकप्रिय है तो ब्राज़ील का सांबा तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित है.

ब्राज़ील के एक समर्थक को जब हमने घेरा तो उन्होंने अपनी भावना कुछ यूँ प्रकट की, "वो कह रहे थे कि ब्राज़ील की टीम हमेशा से प्रतिस्पर्धी टीम रही है. हम यहाँ जीतने आए हैं. लेकिन कभी-कभी हम जीत नहीं पाते क्योंकि भगवान ऐसा नहीं करने देते. लेकिन इस बार मुझे उम्मीद है कि टीम भगवान की मदद से ज़रूर जीतेगा."

ब्राज़ील की बात आई तो बता दें कि ब्राज़ील ने पाँच बार विश्व कप का ख़िताब जीता है और छठी बार मैदान में उसकी टीम कूदी है.

ब्राज़ील और अर्जेंटीना का समर्थन करने वाले सिर्फ़ वहीं के लोग नहीं. दक्षिण अफ़्रीकी लोग भी इन देशों का समर्थन कर रहे हैं.

शायद इसलिए भी क्योंकि उनकी टीम का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. लेकिन दक्षिण अफ़्रीका के लिए नतीजा जो भी हो, दक्षिण अफ़्रीका में समर्थकों का रंग इस प्रतियोगिता को चार चाँद लगा रहा है.

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