इंग्लैंड के लिए करो या मरो

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption ग्रीन की एक ग़लती इंग्लैंड के लिए घातक सिद्ध हो सकती है

बुधवार को भी चार मैच खेले जाएँगे. ग्रुप सी के दो मैच और ग्रुप डी के दो मैच.

पहले ग्रुप सी के दो मैचों में इंग्लैंड की स्लोवेनिया से और अमरीका की अल्जीरिया से भिड़ंत होगी. इंग्लैंड की टीम करो या मरो वाले इस मैच को जीतना चाहेगी.

इंग्लैंड की राह कठिन

लेकिन उसके सामने स्लोवेनिया की टीम है, जिसने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है और चार प्वाइंट के साथ टॉप पर है. जबकि इंग्लैंड के दो मैचों में सिर्फ़ दो अंक हैं.

ख़राब प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जॉन टेरी ने भी सार्वजनिक रूप में कई सवाल उठाए थे, लेकिन अब उन्होंने माफ़ी मांग ली है और उम्मीद की जानी चाहिए कि इंग्लैंड की टीम एकजुट होकर खेलेगी.

इंग्लैंड के कोच फ़ेबियो कपेलो ने कहा है कि निलंबित खिलाड़ी जिमी कैरेगर की जगह मैथ्यू उप्सन को जगह मिलेगी.

स्लोवेनिया के सेंटर बैक मार्को सुलर के इस मैच में खेलने पर संदेह है और अगर वे इस मैच में नहीं खेल पाएँ तो उनकी जगह मातेज मैवरिक को मिलेगी.

एक अन्य मैच में अमरीका और अल्जीरिया की टीमें आमने-सामने होंगी. अमरीका की टीम दो मैचों में दो अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है और इस मैच में अच्छे अंतर से मिली जीत से वो अगले दौर के लिए क्वालीफ़ाई कर सकती है.

दूसरी ओर अल्जीरिया की टीम इंग्लैंड से ड्रॉ खेलने के बाद बुलंद हौसले के साथ मैदान पर उतरेगी. अगर टीम जीती तो उसका रास्ता भी अगले दौर के लिए खुल सकता है.

बाद में ग्रुप डी के दो मैच खेले जाएँगे. ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया का मुक़ाबला नेल्सप्रेट में होगा जबकि जर्मनी और घाना की टीमें जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी.

ग्रुप डी की स्थिति रोचक

इस ग्रुप की भी स्थिति काफ़ी रोचक है और चारों टीमों में से कोई दो अगले दौर में पहुँच सकती है. लेकिन चार अंकों के साथ घाना फ़िलहाल शीर्ष पर है.

Image caption जर्मनी को अगले दौर में जाने के लिए घाना को हराना ज़रूरी

जर्मनी के पास तीन अंक है. क्योंकि ऑस्ट्रेलिया से अच्छी शुरुआत के बाद टीम सर्बिया से हार गई थी.

जबकि घाना ने सर्बिया को तो हरा दिया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया से उसका मुक़ाबला ड्रॉ रहा था.

ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में सर्बिया का पलड़ा भारी रहेगा. लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने घाना से ड्रॉ खेलकर संकेत दे दिया है कि उसे आसानी से लेना किसी भी टीम पर भारी पड़ सकता है.

ऑस्ट्रेलिया के हैरी किवेल और क्रेग मूर निलंबित हैं, लेकिन टिम काहिल एक मैच की पाबंदी के बाद इस मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे. जबकि सर्बिया की ओर से एलेक्जेंडर लूकोविच भी निलंबन से वापस लौट रहे हैं.

दूसरी ओर जर्मनी को अगर आराम से अगले दौर में जाना है, तो उसे घाना को हराना ही होगा. जर्मनी के कोच ने टीम में एक या दो बदलाव के संकेत दिए हैं. मिरोस्लाव क्लोज़ा निलंबित हैं, इसलिए उनकी जगह ककाउ को मौक़ा मिल सकता है.

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