यू-ट्यूब ने कॉपीराइट क़ानून को पछाड़ा

  • 24 जून 2010

इंटरनेट की जानी मानी कंपनी गूगल ने अपनी वीडियो साइट यू-ट्यूब पर दायर कॉपीराइट का़नून के उल्लंघन का मुक़दमा जीत लिया है.

अमरीकी मीडिया कंपनी वायकॉम ने मुक़दमा दायर कर कहा था कि यू-ट्यूब ने बिना कॉपीराइट के हज़ारों वीडियो अपलोड रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए इसलिए कंपनी को हर्जाने के रूप में अरबों डॉलर देने चाहिए.

लेकिन जज ने फ़ैसला सुनाया कि यू-ट्यूब ने ग़ैरक़ानूनी वीडियो हटाने में तत्परता बरती है इसलिए उसने कॉपीराइट क़ानून का कोई उल्लंघन नहीं किया है.

इसके बाद वायकॉम ने घोषणा की है कि वो इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेगा.

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधरों ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे इंटरनेट आपसी भागीदारी का माध्यम बना रहेगा.

इसके पहले भी यू-ट्यूब और गूगल विवादों में घिरे हैं.

हाल में पाकिस्तान सरकार ने यू-ट्यूब पर प्रतिबंध लगा दिया था. पाकिस्तान सरकार का कहना था कि यू-ट्यूब के कई ऐसे पन्ने हैं जिन पर पैग़म्बर मोहम्मद की तस्वीरें हैं.

याद रहे कि पैग़म्बर मोहम्मद के चित्र बनाना या प्रकाशित करना इस्लामी सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है.

हालांकि यू-ट्यूब ने कई नए प्रयोग भी किए हैं.

यू-ट्यूब के माध्यम से आईपीएल के सभी मैचों का प्रसारण किया गया जो काफ़ी सफल रहा.

पहली बार किसी वीडियो साइट ने किसी क्रिकेट टूर्नामेंट के सभी मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग की.

संबंधित समाचार