उरुग्वे,घाना क्वार्टर फ़ाइनल में

अफ़्रीका के ब्लैक स्टार्स अफ़्रीकी आसमान पर इंद्रधनुषी रंग बिखेर रहे हैं. सारे अफ़्रीकी महादेश के समर्थन के बीच घाना ने अमरीका को हराकर क्वार्टर फ़ाइनल में प्रवेश किया है.

ज़बरदस्त रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुक़ाबले में अमरीका और घाना को जो एक चीज़ अलग कर रही थी, वो थी घाना के खिलाड़ियों की तेज़ी और फ़ुर्ती. इसी तेज़ी के कारण घाना ने अमरीकी डिफ़ेंडरों की नाक में दम किए रखा.

निर्धारित समय में स्कोर 1-1 था और इस कारण मैच अतिरिक्त समय में गया. लेकिन अतिरिक्त समय में घाना ने गोल करके मैच 2-1 से जीत लिया. अफ़्रीकी देशों की ओर से एकमात्र चुनौती बच गई घाना की टीम लोगों के उम्मीदों पर खरी उतरी और जीत हासिल की.

मैच के पाँचवें मिनट में ही घाना के ओर से बोटेंग ने गोल करके ज़्यादातर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया. अमरीकी खिलाड़ी हताश नहीं हुए और उन्होंने घाना के गोल पर आक्रमण जारी रखा.

मुक़ाबला इतना ज़बरदस्त था कि दोनों टीमें एक-दूसरे के गोल पर बारबार आक्रमण कर रही थी. 62 वें मिनट में अमरीकी खिलाड़ी क्लिंटन डेम्पसे के ख़िलाफ़ फ़ाउल करने पर घाना के खिलाड़ी जोनाथन मेनसा को पीला कार्ड मिला और अमरीका को पेनल्टी. लैंडन डोनोवान ने शांति से गेंद को घाना के गोल में डाल दिया.

स्कोर बराबर होते ही मुक़ाबला और तेज़ हुआ. दोनों टीमों को कई मौक़े मिले लेकिन गोल नहीं हो पाया. मैच अतिरिक्त समय में गया. लेकिन अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में ही घाना के स्टार स्ट्राइकर असामाओ जियान ने अफ़्रीकी लोगों को मुग्ध कर दिया.

अमरीका के दो डिफेंडर्स के बीच से गेंद पर नियंत्रण करते हुए धमाकेदार शॉट और गेंद उछलती हुए अमरीकी गोल में जा घुसी. घाना के कैंप में जश्न का माहौल था, तो अमरीकी निराश थे. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी परेशान दिखे.

इसके बाद घाना ने आक्रमण के साथ-साथ अच्छी डिफेंडिंग भी. उनके गोलकीपर का प्रदर्शन कमाल का रहा और आख़िरकार घाना ने 2-1 से जीत हासिल कर क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली. अब क्वार्टर फ़ाइनल में घाना का मुक़ाबला उरुग्वे से होगा.

उरुग्वे जीता

एक अन्य मैच में उरुग्वे ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से मात दी. पोर्ट एलिज़ाबेथ में झमाझम बारिश के बीच उरुग्वे की टीम मौजूदा विश्व कप के क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली टीम बनी.

वर्ष 1930 और 1950 में विश्व चैम्पियन रही उरुग्वे की टीम इसके बाद कोई ख़िताब नहीं जीत पाई है. और तो और टीम 1970 के बाद क्वार्टर फ़ाइनल में भी नहीं पहुँच पाई है. लेकिन इस बार उरुग्वे ने क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बना ली.

उरुग्वे की ओर से गोल का खाता खोला लुईस स्वारेज़ ने.

स्टार स्ट्राइकर डिएगो फ़ोरलैन के क्रास पर मैच के आठवें मिनट में ही लुईस स्वारेज़ ने दक्षिण कोरिया के डिफ़ेंस की दरार का फ़ायदा उठाते हुए गोल कर दिया.

लेकिन इसके बाद पहले हाफ़ में उरुग्वे की टीम कोई गोल नहीं कर पाई. दूसरे हाफ़ में उरुग्वे की टीम तेज़ बारिश में धीमी पड़ गई और दक्षिण कोरिया की ओर से 68वें मिनट में ली चुंग यंग ने गोल कर दिया.

उरुग्वे के खिलाड़ी सकते में थे. उन्होंने फिर आक्रमण तेज़ किया और एक बार फिर स्वारेज़ ने शानदार गोल किया. गोलकीपर और दक्षिण कोरिया की डिफ़ेंस लाइन फिर चकमा खा गई.

इसके बाद दक्षिण कोरिया ने गोल उतारने की कोशिश की लेकिन टीम सफल नहीं हो पाई. तो इस तरह उरुग्वे ने क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई.

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