'ओसामा के बारे में सही ख़ुफ़िया जानकारी नहीं'

अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के निदेशक लियोन पनेटा का कहना है कि ओसामा बिन लादेन के बारे में सटीक जानकारी आख़िरी बार वर्ष 2000 के शुरु में मिली थी और पिछले कई वर्षों से ओसामा के बारे में सही ख़ुफ़िया जानकारी नहीं मिल पाई है.

अमरीकी टीवी चैनल एबीसी को दिए इंटरव्यू में लियोन पनेटा का कहना था कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के कबायली इलाक़ों में छिपा है और भूगोल के हिसाब से वो इलाक़ा बेहद कठिन है.

जब सीआईए निदेशक से इस बारे में ज़्यादा पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं केवल इतना बता सकता हूँ कि ओसामा कबायली इलाक़े के आस-पास है.ओसामा के बारे में वर्ष 2000 में आख़िरी बार पता चला था जब वो अफ़ग़ानिस्तान से पाकिस्तान की ओर जा रहा था. उसके बाद से ओसामा बिन लादेन के बारे में ख़ुफ़िया जानकारी जुटाना मुश्किल हो गया है.”

अफ़ग़ानिस्तान के बारे में लियोन पनेटा ने स्वीकार किया कि वहाँ युद्ध उम्मीद से कहीं ज़्यादा कठिन रहा है और उसकी गति भी धीमी रही है.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में प्रगति हुई है लेकिन तालिबान विद्रोही अब भी सक्रिय हैं, शासन को लेकर दिक्कते बनी हुई हैं और भ्रष्ट्राचार व्याप्त है.

'ड्रोन हमले सही'

एबीसी के ‘द वीक’ कार्यक्रम के दौरान सीआईए निदेशक ने कहा कि अब मूल सवाल ये है कि कि क्या विदेशी सेनाओं के जाने के बाद विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए अफ़ग़ान लोग ज़िम्मेदार संभालते हैं या नहीं.

सीआईए निदेशक लियोन पनेटा ने ड्रोन हमले करने के फ़ैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि ये आरोप ग़लत है कि कि ड्रोन हमले करने से अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन होता है.

उनका कहना था कि अल क़ायदा के अभियानों में बाधा डालने से संगठन के नेतृत्व पर असर पड़ रहा है.

लियोन पनेटा ने कहा, “हमने तालिबान और अल क़ायदा के आधे से ज़्यादा नेताओं को ख़त्म कर दिया है. कुछ हफ़्ते पहले उनके नंबर तीन नेता को मार दिया. हमला करने की उनकी क्षमता पर हम असर डाल रहे हैं.”

सीबीआई निदेशक का कहना है कि संभवत अल क़ायदा अमरीका में 2001 के हमलों के बाद से सबसे कमज़ोर स्थिति में है.

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