विश्वकप डायरी

माराडोना
Image caption माराडोना के व्यवहार पर सवाल होते रहे हैं

अपनी विवादित टिप्पणियों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले माराडोना ने इस बार अपना ग़ुस्सा पत्रकारों पर निकाला है. प्रेस कॉन्फ़ेंस में उन्होंने पत्रकारों को सलाह दी कि वे अर्जेंटीना के खिलाड़ियों से माफ़ी मांगें.

दरअसल विश्व कप के क्वालीफ़ाइंग राउंड में अर्जेंटीना की काफ़ी आलोचना हुई थी और मीडिया में टीम की तैयारी को लेकर सवाल उठे थे.

मीडिया की आलोचना के दायरे में टीम के साथ-साथ कोच माराडोना भी थे.

और इस समय हालत ये है कि मीडिया अर्जेंटीना को ख़िताब की प्रबल दावेदार टीमों में शीर्ष पर रख रहे हैं. हालाँकि माराडोना ने दावेदारी के मामले पर संयम बरता और कहा कि अभी टीम को बहुत आगे जाना है.

लेकिन उन्होंने उन पत्रकारों को ज़रूर आड़े हाथों लिया, जिन्होंने अर्जेंटीना की खिंचाई की थी. माराडोना ने कहा कि पत्रकारों को टीम के खिलाड़ियों से माफ़ी मांगनी चाहिए.

बुरे काम का बुरा नतीजा

फ़्रांस के स्टार स्ट्राइकर थियरी ऑनरी आजकल यही सोच रहे हैं. फ़्रांसीसी टीम के विश्व कप के पहले दौर में ही बाहर हो जाने के बाद समीक्षा, जाँच और आत्ममंथन का सिलसिला जारी है.

जहाँ थियरी ऑनरी विश्व कप में किनारे किए जाने को लेकर टीम प्रबंधन से ख़फ़ा हैं, वहीं उन्हें ये भी लगता है कि टीम के ख़राब प्रदर्शन की वजह कहीं न कहीं 'कर्म' है.

आपको याद दिला दें कि फ़्रांस के विश्व कप में क्वालीफ़ाई करने का रास्ता काफ़ी मुश्किल था और थियरी ऑनरी के विवादित गोल के कारण ही फ़्रांसीसी टीम विश्व कप के लिए क्वालीफ़ाई कर पाई थी.

आयरलैंड के ख़िलाफ़ अहम मैच में थियरी ऑनरी को हैंडबॉल की सज़ा नहीं मिली और उन्होंने गोल भी कर दिया. बाद में ऑनरी ने हैंडबॉल की बात मानी थी.

अब थियरी ऑनरी संकेत दे रहे हैं कि टीम का जो बुरा हाल हुआ है, उसके पीछे कहीं ये 'कर्म' तो नहीं.

जाबुलानी की जाँच

Image caption जाबुलानी के बारे में प्रचार किया गया था कि यह अब तक की सबसे गोल फ़ुटबॉल है

आख़िरकार फ़ीफ़ा ने यह मान ही लिया है कि जाबुलानी गेंद में कुछ न कुछ गड़बड़ है लेकिन संस्था ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि विश्व कप के बाद ही इस समस्या पर कोई कार्रवाई की जाएगी.

कई देशों और खिलाड़ियों ने एडिडास की इस गेंद को लेकर शिकायत की थी. इन खिलाड़ियों का कहना है कि ये गेंद अजीब है और कभी-कभी ये नहीं पता चलता कि ये कहाँ जा रही हैं. ये भी शिकायत है कि हवा में यह कहाँ घूमेगी, इसका अंदाज़ा महारथी फ़ुटबॉल खिलाड़ियों को भी नहीं होता.

विश्व कप से पहले ब्राज़ील के कोच डूंगा ने भी इस गेंद की काफ़ी आलोचना की थी. अब फ़ीफ़ा का कहना है कि विश्व कप समाप्त हो जाने के बाद वह खिलाड़ियों और टीम के कोच के साथ इस पर विचार-विमर्श करेगी.

स्पेन के कप्तान और गोलकीपर कैसियास भी ये कह चुके हैं कि इस गेंद का कोई भरोसा नहीं कभी-कभी ये हवा में कहाँ जा रही है, बिल्कुल अंदाज़ा नहीं होता.

स्ट्राइकर खिलाड़ियों को भी कई बार इस पर नियंत्रण रखने में परेशानी होती है. एडिडास वर्ष 1970 से विश्व कप के लिए गेंद बना रही है. और उसका करार 2014 तक है. कंपनी ने खिलाड़ियों की आशंका को ख़ारिज किया है और कहा है कि सब बेकार की बातें हैं.

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