काका और सेक्स अपील

  • 29 जून 2010
काका

दुनिया के मशहूर युवा फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में मुक़ाबला सिर्फ़ मैदान में ही नहीं मैदान से बाहर प्रशंसकों में अपने क्रेज़ को लेकर भी है. अब पुर्तगाल के रोनाल्डो की महिला प्रशंसकों की संख्या के बारे में अनुमान लगाना मुश्किल है.

भले ही महिला प्रशंसकों के मामले में मेसी रोनाल्डो से पिछड़ जाएँ, लेकिन काका रोनाल्डो को अच्छी चुनौती दे रहे हैं. काका इस समय सोनी के एक विज्ञापन में नज़र आ रहे हैं.

सोनी ने इस विज्ञापन का ख़ूब प्रचार प्रसार किया गया है. जोहानेसबर्ग के भीड़-भाड़ वाली जगहों में थ्री-डी स्क्रीन पर लोगों को विज्ञापन दिखाया जा रहा है.

लोग बड़ी संख्या में इस मुफ़्त शो का आनंद लेते हैं और जब काका का विज्ञापन दिखाया जाता है, तो महिलाओं की प्रतिक्रिया देखने लायक़ होती है. कुछ क्षण के लिए काका की महिला प्रशंसकों की चीख-पुकार में कुछ सुनाई ही नहीं देता.

तो रोनाल्डो साहब - मैदान के बाहर भी काका आपको चुनौती देने के लिए तैयार हैं!

काबू में रहो काका!

काका की बात आई तो बता दें कि ब्राज़ील के स्टार स्ट्राइकर काका अब भी पूरे फ़ॉर्म में नज़र नहीं आ रहे हैं. अब तक जितने भी मैच उन्होंने खेले हैं, उनके कई बेहतरीन मूव गोल की वजह तो रहे हैं, लेकिन अब भी वो काका मैदान पर नज़र नहीं आ रहा जिससे लोगों ने उम्मीद बाँध रखी है.

ख़ैर अभी अहम मैच बाक़ी हैं और ब्राज़ील को अगर ख़िताब की दिशा में आगे बढ़ते रहना है, तो काका का मैदान पर रहना ज़रूरी है. चिली के ख़िलाफ़ नॉक आउट स्टेज में ब्राज़ील ने 3-0 से जीत हासिल की.

और दूसरे गोल में काका की अहम भूमिका थी. लेकिन वे मैच पर अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाए. काका को लेकर कोच डूंगा की चिंता एक और है. आइवरी कोस्ट के ख़िलाफ़ काका को रेड कार्ड मिला था और पुर्तगाल के ख़िलाफ़ मैच में वे नहीं उतर पाए.

Image caption आइवरी कोस्ट के ख़िलाफ़ काका को रेड कार्ड मिला, यही डूंगा की चिंता का कारण है

लेकिन चिली के ख़िलाफ़ मैच में उन्हें एक पीला कार्ड दिखाया गया. यानी इस विश्व कप में काका को तीन बार पीला कार्ड मिल चुका है और यही बात डूंगा को खाए जा रही है. कहीं काका फिर निलंबित न हो जाए.

डूंगा कहते हैं, "मैं नहीं चाहता कि काका फिर निलंबित हों. आगे के अहम मैचों को देखते हुए काका की ग़ैर मौजूदगी टीम के लिए घातक हो सकती है. तो काका को मैदान पर काबू में रहने की आवश्यकता है."

मेसी में माराडोना

एक ओर जहाँ काका को लेकर कोच डूंगा चिंतित हैं तो मेसी को लेकर माराडोन भी चिंतित हैं. लेकिन उनकी चिंता मैदान पर मेसी के प्रदर्शन या उनके व्यवहार को लेकर नहीं हैं.

मेसी में बार-बार अपनी शक्ल देखने वाले माराडोना के लिए मेसी कितने अहम है- इस बात का अंदाज़ा मेसी और माराडोना के प्रगाढ़ रिश्तों में दिखता है. कभी-कभी तो माराडोना मेसी के लिए माँ बन जाते हैं और उन्हें आँचल में छिपा कर रखना चाहते हैं ताकि दुनिया की नज़र न लगे.

मेसी के बारे में जब भी पत्रकार सवाल पूछते हैं, लगता है माराडोना अपनी जवानी में लौट जाते हैं, फिर उनकी ज़ुबान से क्या-क्या निकलता है, कई बार किसी के पल्ले नहीं पड़ता.

लेकिन मेसी के कवच के रूप में मैदान से बाहर मौजूद माराडोना को मैदान में मेसी के ख़िलाफ़ होने वाले फ़ाउल की चिंता है. माराडोना की गुहार है कि मेसी को ऐसे फ़ाउल से बचाओ क्योंकि अब मैच काफ़ी अहम हैं और मेसी को कुछ हुआ तो बहुत बुरा असर होगा.

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