स्पेन और पराग्वे क्वार्टर फाइनल में

डेविड विया
Image caption स्पेन के लिए डेविड विया ने गोल किया और जीत दिलाई.

क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम का विश्व कप में सफ़र ख़त्म हुआ और अपने पहले मैच में स्विट्ज़रलैंड के हाथों पिटने वाली स्पेन की टीम ने क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई.

केपटाउन में हुए नॉक आउट स्टेज के आख़िरी मैच में यूरोप की दो प्रतिष्ठित टीमों के बीच ज़बरदस्त टक्कर हुई लेकिन अंत में बेहतर टीम की विजय हुई.

स्पेन की टीम मैदान पर पुर्तगाल से बेहतर साबित हुई और उसकी फ़ॉरवर्ड लाइन ने दिल ख़ुश करने वाला खेल दिखाया. एक बार फिर ज़ावी, इनिएस्टा, डेविड विया और सर्जियो रामोस ने स्पेन का दम दिखाया.

दूसरी ओर पुर्तगाली खिलाड़ियों ने डिफ़ेंस को अच्छा किया लेकिन वे भूल गए कि उन्हें गोल भी करना है. मौक़े पुर्तगाल को भी मिले, लेकिन उनका ध्यान डिफ़ेंस पर ज़्यादा रहा. दूसरी ओर स्पेन ने आक्रामक खेल दिखाया.

सबसे ज़्यादा निराश किया क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने. उन्हें न तो गेंद मिल रही थी और न ही वे गोल का अवसर बना पा रहे थे. कोच कार्लोस क्विरोज़ की रणनीति भी समझ के बाहर थी.

पहला हाफ़ गोलरहित रहा. लेकिन दूसरे हाफ़ के 63वें मिनट में स्पेन को वो मौक़ा मिल गया, जिसका उन्हें इंतज़ार था.

इनिएस्टा और ज़ावी से गेंद डेविड विया को मिली. उनका पहला शॉट गोलकीपर एडुवार्डो ने बचाया लेकिन गेंद उनसे छिटक गई और इस बार विया नहीं चूके.

एक गोल खाने के बाद पुर्तगाल के कैंप में हताशा छा गई और उसका असर उनके खेल पर भी दिखा. दूसरी ओर स्पेनिश खिलाड़ियों ने अपनी पासिंग से उन्हें और परेशान किया. मैच का अंत दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से हुआ जब पुर्तगाल के रिकार्डो कोस्टा को रेड कार्ड दिखाया गया.

लेकिन हार से प्रतियोगिता की शुरुआत करने वाली स्पेन की टीम जीत के साथ एक क़दम और आगे बढ़ी.

पराग्वे-जापान मैच

इससे पहले प्रीटोरिया में जापान और पराग्वे का मैच पेनल्टी शूट आउट में गया और आख़िरकार पराग्वे ने 5-3 से जापान को मात दे दी. ये विश्व कप का पहला मैच था, जो पेनल्टी शूट आउट में गया.

Image caption पराग्वे ने पेनाल्टी शू आउट में जापान को हराया.

निर्धारित 90 मिनट और फिर 30 मिनट के अतिरिक्त समय में भी कोई फ़ैसला नहीं हुआ. जापान ने इस मैच में दिखाया कि वे इतनी दूर भाग्य भरोसे नहीं पहुँचे हैं और उनमें भी दम है.

जापान ने न सिर्फ़ पराग्वे के खिलाड़ियों को गोल करने से रोका बल्कि उनके गोल पर कई आक्रमण भी किए. लेकिन मैच निराशाजनक रहा दोनों टीमों का ध्यान गोल बचाने पर ज़्यादा था.

पहले दो पेनल्टी शॉट पर दोनों देशों के खिलाड़ियों ने गोल कर दिया. लेकिन कोमानो ने पेनल्टी पर मौक़ा गँवा दिया.

जापान के कैंप में काफ़ी निराशा छा गई और निर्णायक पाँचवें शॉट पर पराग्वे के खिलाड़ी कारडोज़ो का संयम देखने वाला था.

इस पर गोल करके पराग्वे ने 5-3 से जीत हासिल की और जापान के कैंप ने नम आँखों से इस विश्व कप को अलविदा कहा. अब क्वार्टर फ़ाइनल में पराग्वे का मुक़ाबला स्पेन से होगा. क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबले दो दिन के बाद शुरू होंगे.

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