ख़राब प्रदर्शन के बाद गिरी गाज

नाइजीरिया की टीम
Image caption नाइजीरिया की टीम ग्रुप मैचों में से एक भी मैच जीत नहीं पाई.

विश्व कप फुटबॉल में ख़राब प्रदर्शन करने वाली टीमों से अब उनकी सरकारें जवाब मांग रही हैं.

जहां नाइजीरिया में टीम के दो साल तक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने पर पाबंदी लगाई गई है वहीं फ्रांस की टीम से भी देश की नेशनल असेंबली ने जवाब तलब किया है.

नाइजीरिया के राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन ने आदेश दिए हैं कि नाइजीरिया की फुटबॉल टीम अगले दो साल तक किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शिरकत न करे क्योंकि टीम ने विश्व कप में अत्यंत ख़राब प्रदर्शन किया है.

राष्ट्रपति के सलाहकार का कहना है कि नाइजीरिया की टीम के लिए यह विश्राम ज़रुरी है क्योंकि टीम को खुद को व्यवस्थित करना होगा.

सुपर ईगल्स के नाम से जानी जाने वाली नाइजीरिया की टीम से सभी को उम्मीदें थी लेकिन यह टीम पहले ही दौर में बाहर हो गई. अपने तीन ग्रुप मैचों में टीम एक भी मैच जीत नहीं पाई. टीम ने एक मैच ड्रा किया और मात्र एक अंक ही अर्जित कर सकी.

Image caption फ्रांस के कोच और खिलाड़ियों के बीच तनाव की ख़बरें थीं.

उधर फ्रांस की टीम के पहले दौर से बाहर हो जाने के बाद टीम की कड़ी आलोचना हो रही है.

फ्रांस की नेशनल असेंबली के सदस्य अब इस बात की जांच में लगे हैं कि टीम का प्रदर्शन इतना ख़राब क्यों रहा. इस संबंध में टीम से जुड़े अधिकारियों और कोच रेमंड डोमेनेच को निजी बैठक के लिए तलब किया गया और पूछताछ हुई.

असेंबली के सदस्यों ने बाद में बताया कि डोमेनेच के पास कोई स्पष्टीकरण नहीं था और उन्होंने ख़राब प्रदर्शन के लिए मीडिया को दोषी ठहराने की कोशिश की.

उल्लेखनीय है कि फ्रांस की टीम भी पहले दौर में बाहर हुई थी. फ्रांस की टीम में काफ़ी विवाद भी रहा और खिलाड़ियों ने एक दिन ट्रेनिंग का भी बहिष्कार किया.

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