फ़ाइनल की फ़िराक़ में अर्जेंटीना और जर्मनी

ब्राज़ील के विश्व कप से बाहर हो जाने के बाद दुनियाभर की नज़र शनिवार को केपटाउन में खेले जाने वाले अर्जेंटीना और जर्मनी के बीच मैच पर है. इस मैच को लेकर ज़बरदस्त उत्साह है तो दोनों टीमों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी है.

पिछले विश्व कप में जर्मनी की टीम ने अर्जेंटीना को क्वार्टर फ़ाइनल में मात दी थी. सवाल ये है कि क्या जर्मनी की टीम इस बार भी वही करेगी? लेकिन अर्जेंटीना ने अभी तक इस विश्व कप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है.

अर्जेंटीना ने अभी तक अपने सारे मैच जीते हैं, तो जर्मनी की टीम सर्बिया से हार गई थी. लेकिन उसके बाद जर्मनी की टीम ने ज़बरदस्त वापसी की. ख़ासकर नॉक आउट स्टेज में इंग्लैंड को 4-1 से हराने के बाद टीम के हौसले बुलंद हैं.

दोनों टीमों में वाक युद्ध जारी है. जर्मनी के स्वाइंजटाइगर ने मैदान पर और रेफ़री के साथ अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के व्यवहार की आलोचना की तो कप्तान फिलिप लैम ने कह दिया कि अर्जेंटीना की टीम हार को अच्छी तरह नहीं लेती.

दूसरी ओर अर्जेंटीना के कोच माराडोना का कहना है कि उनकी टीम बदले के लिए तैयार है. उनका इशारा चार साल पहले जर्मनी के हाथों मिली हार की ओर था.

मेसी ने टीम के साथ ट्रेनिंग तो नहीं की, लेकिन पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस मैच में ज़रूर खेलेंगे. वाल्टर सैमुएल भी फ़िट तो हो गए हैं लेकिन उनका मैच में खेलना संदिग्ध है. माराडोना को मैक्सी रोड्रिगेज़ और वेरॉन में से भी एक को चुनना होगा.

जर्मनी की बात करें तो पोडोल्स्की भी पूरी तरह फ़िट नहीं है. लेकिन हो सकता है कि मैच की अहमियत को देखते हुए जर्मनी के कोच उन्हें मैदान पर उतारें. लेकिन स्ट्राइकर ककाउ के इस मैच में खेलने की कम ही उम्मीद है. दूसरी ओर ओज़िल मैच में खेलेंगे.

स्पेन-पराग्वे मैच

इस विश्व कप का आख़िरी क्वार्टर फ़ाइनल मैच स्पेन और पराग्वे के बीच जोहानेसबर्ग के एलिस पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा. पराग्वे के इतना आगे तक आने के बारे में फ़ुटबॉल के पंडितों ने सोचा नहीं था.

तो दूसरी ओर स्विट्ज़रलैंड से हार कर प्रतियोगिता की शुरुआत करने वाली स्पेन की टीम की वापसी जर्मनी से कम शानदार नहीं रही है. नॉक आउट स्टेज में पुर्तगाल के ख़िलाफ़ मिली जीत से टीम और भी गदगद है.

ग्रुप स्टेज में पराग्वे ने इटली के साथ ड्रॉ करके प्रतियोगिता की शुरुआत की थी, तो दूसरा मैच स्लोवाकिया से 2-0 से जीता. लेकिन न्यूज़ीलैंड से उसका मुक़ाबला ड्रॉ ख़त्म हुआ. नॉक आउट स्टेज में जापान के साथ उसका मुक़ाबला तगड़ा रहा और पराग्वे की टीम पेनल्टी शूट आउट में जीती.

टीम की बात करें तो स्पेन के कोच ने कहा है कि ख़राब फ़ॉर्म के बावजूद वे फ़र्नांडो टोरेस को मौक़ा देंगे. लेकिन मिडफ़ील्डर ज़ेवियर मार्टिनेज़ घायल होने के कारण शायद ये मैच नहीं खेल पाए.

पराग्वे और स्पेन के बीच इससे पहले तीन मैच हुए हैं. जिनमे से दो मैच विश्व कप के हैं. 1998 के विश्व कप में दोनों का मुक़ाबला ड्रॉ रहा था लेकिन 2002 के विश्व कप में स्पेन की टीम 3-1 से जीत गई थी. इसके अलावा वर्ष 2002 में ही हुआ एक दोस्ताना मैच ड्रॉ रहा था.

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