अलविदा माराडोना

  • माराडोना
    जर्मनी के ख़िलाफ़ क्वार्टरफ़ाइनल मैच के दौरान अर्जेंटीना के कोच माराडोना बार-बार मैदान की सीमा-रेखा पर पहुंचकर अपने खिलाड़ियों को उत्साहित करते रहे.(एएफ़पी फ़ोटो)
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    लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता गया, माराडोना की चिंताए भी बढ़तीं गईं. जर्मनी लगातार हमले कर रहा था और उसे कामयाबी भी मिल रही थी. (एएफ़पी फ़ोटो)
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    एक के बाद एक गोल होते जा रहे थे और कोच माराडोना की उदासी बढ़ती जा रही थी.(एपी फ़ोटो)
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    मैच का अंत क़रीब आ रहा था और अब माराडोना को पता चल चुका था की चार-शून्य से पिछड़ने के बाद उनकी टीम सेमीफ़ाइनल में नहीं पहुंच सकती. (एएफ़पी फ़ोटो)
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    सारे मैच के दौरान चिंता में घिरे रहने के बाद जब माराडोना की बेटी डालमा उनसे मिली तो वे मैच शुरु होने के बाद पहली बार मुस्कुराए.(एएफ़पी फ़ोटो)
  • माराडोना
    लेकिन माराडोना ज़्यादा समय तक ख़ुश नहीं रह सके. वे जर्मन प्रशंसकों के उस बैनर पर बिफर गए जिसपर लिखा था, "अलविदा, माराडोना". (एपी फ़ोटो)
  • जो भी हो, मैच के बाद माराडोना हमेशा की तरह अपनी टीम के खिलाड़ियों से गले मिले. वे बतौर खिलाड़ी विश्व कप जीत चुके हैं लेकिन बतौर कोच उनका ये सपना पूरा नहीं हुआ. (एएफ़पी फ़ोटो)

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