नीदरलैंड्स-उरुग्वे के बीच पहला सेमी फ़ाइनल

नीदरलैंड

विश्व कप में शुरू हो रही है फ़ाइनल में पहुँचने की जंग और केपटाउन में होने वाले पहले सेमी फ़ाइनल में आमने-सामने होंगी नीदरलैंड्स और उरुग्वे की टीमें.

नीदरलैंड्स की टीम ने ब्राज़ील की शक्तिशाली टीम को हराकर सेमी फ़ाइनल में प्रवेश किया है और इसलिए उस पर दाँव ज़्यादा भी ज़्यादा लग रहा है. प्रशंसक अपनी टीम के लिए पूरी तरह विश्वस्त हैं और अभी से जश्न मना रहे हैं.

दरअसल नीदरलैंड्स की टीम ने आज तक विश्व कप नहीं जीता है और कई लोगों का मानना है कि इस बार सही वक़्त है कि टीम इस ख़िताब पर क़ब्ज़ा कर ले.

लेकिन दूसरी ओर पहला विश्व कप का ख़िताब जीतने वाली उरुग्वे की टीम के पास भी इस बार फ़ाइनल में पहुँचने का सुनहरा अवसर है. उरुग्वे की टीम ने 1930 और 1950 में विश्व कप जीता था.

लेकिन टीम 1970 के बाद विश्व कप के सेमी फ़ाइनल में नहीं पहुँची थी. यानी चालीस साल बाद टीम ने सेमी फ़ाइनल में पहुँची है.

इस विश्व कप के शुरू में किसी ने यह नहीं सोचा था कि उरुग्वे की टीम सेमी फ़ाइनल तक पहुँचेगी.

क्वार्टर फ़ाइनल में इन दोनों टीमों के प्रदर्शन की बात करें तो उरुग्वे की टीम बहुत भाग्यशाली रही कि वो सेमी फ़ाइनल में पहुँची.

भाग्यशाली उरुग्वे

घाना के स्ट्राइकर असामाओ जियान ने पेनल्टी पर मौक़ा गँवाया और फिर पेनल्टी शूटआउट में टीम जीत गई.

दूसरी ओर नीदरलैंड्स ने ब्राज़ील की टीम के ख़िलाफ़ बेहतर प्रदर्शन किया. स्नाइडर, काउट और रॉबेन से ब्राज़ीलियाई डिफ़ेंडर परेशान रहे.

उरुग्वे की टीम अपने स्टार स्ट्राइकर डिएगो फ़ोरलैन पर निर्भर करेगी, क्योंकि लुईस स्वारेज़ निलंबित हैं.

लेकिन उरुग्वे के सेमी फ़ाइनल में पहुँचने के पीछे कहीं न कहीं उनका भी योगदान है. उन्होंने ही गोल में जा रही गेंद को हाथ से रोका था और फिर घाना के जियान ने पेनल्टी पर मौक़ा गँवा दिया था.

उरुग्वे की परेशानी इस बात को लेकर है कि कप्तान डिएगो लुगानो पूरी तरह फ़िट नहीं हैं और घुटने की चोट से परेशान हैं.

जबकि मिडफ़ील्डर निकोलस लोडेरो तो अब विश्व कप में खेल ही नहीं पाएँगे. नीदरलैंड्स के वैन पर्सी उरुग्वे के ख़िलाफ़ मैच के लिए फ़िट घोषित कर दिए गए हैं. लेकिन वैन डर वील और डी जांग निलंबित रहेंगे.

उरुग्वे के खिलाड़ी और कोच आयन रॉबेन को रोकने के लिए रणनीति बना रहे हैं, क्योंकि रॉबेन गजब की तेज़ी से गेंद लेकर आगे बढ़ते हैं.

रॉबेन ने कई अहम मौक़े पर टीम को संकट से निकाला है और अगर वे इस मैच में चले तो उरुग्वे की मुश्किल बढ़ सकती है.

इन दोनों टीमों का वर्ष 1974 के विश्व कप में मुक़ाबला हो चुका है, जिसमें नीदरलैंड्स ने उरुग्वे को 2-0 से मात दी थी.

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