टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेंगे मुरली

  • 6 जुलाई 2010
अपनी पत्नी के साथ मुरलीधरन

श्रीलंका के स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने जुलाई में भारत के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट मैच के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है.

ये श्रृंखला 18 जुलाई से शुरु हो रही है. 132 टेस्ट मैच खेल चुके मुरलीधरन ने 792 विकेट लिए हैं जो विश्व रिकॉर्ड है.

श्रीलंका क्रिकेट की ओर से जारी किए गए बयान में इस बात के संकेत नहीं दिए गए हैं कि वे वनडे मैचों से भी संन्यास ले रहे हैं.

श्रीलंकाई टीम के कप्तान कुमार संगकारा की कोशिश यही रहेगी कि मुरलीधरन 50 ओवर या 20 ओवरों वाले मैचों में खेलते रहें- कम से कम अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप तक.

भारत और बांग्लादेश के साथ मिलकर श्रीलंका विश्व कप की मेज़बानी कर रहा है.

श्रीलंका क्रिकेट ने कहा है कि मुरलीधरन से जुड़ी और जानकारी के लिए वो आने वाले दिनों में आधिकारिक पत्रकार वार्ता करेगा.

मुरलीधरन की गिनती विश्व के सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ों में होती है. उन्होंने 337 वनडे मैचों में 515 विकेट लिए हैं.

कीर्तिमान और विवाद

मुरलीधरन समय-समय पर विवादों में भी रहे हैं. कई अंपायरों और खिलाड़ियों ने उनके बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठाए हैं. आईसीसी ने भी उनके गेंदबाज़ी के तरीके की जाँच की थी लेकिन बाद में कहा था कि मुरलीधरन कुछ ग़लत नहीं कर रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने एक बार मुरलीधरन को चकर कहा था. बाद में जॉन हॉवर्ड ने माफ़ी माँगी थी.

पिछले साल मुरलीधरन ने कहा था कि वे 2011 के विश्व कप तक केवल वनडे मैचों पर ध्यान देना चाहते हैं और उसके बाद वे केवल ट्वेन्टी-20 क्रिकेट खेलेंगे.

पिछले कुछ समय से मुरलीधरन का प्रदर्शन पहले जैसा बेहतरीन नहीं रहा है. बढ़ती उम्र और चोट की वजह से उनका खेल प्रभावित हुआ है.

बताया जा रहा है कि मुरलीधरन ये नहीं चाहते कि चयनकर्ता उन्हें टीम से निकाल दें और वे अपनी शर्तों पर अलविदा कहना चाहते हैं.

वैसे ये स्वष्ट नहीं है कि क्या मुरलीधरन ट्वेन्टी-20 क्रिकेट खेलते रहना चाहते हैं या नहीं. इसमें चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलना भी शामिल है.

मुंबई में 2010 में हुए फ़ाइनल में उन्होंने 17 रन देकर एक विकेट लिया था और उनके अच्छे प्रदर्शन ने चेन्नई को आईपीएल जीताने में मदद की थी.