सेमीफ़ाइनल: जर्मनी का दावा है तगड़ा

जर्मनी
Image caption जर्मनी अपने प्रदर्शन के आधार पर सबसे मज़बूत दिखाई देती है

विश्व कप का दूसरा सेमी फ़ाइनल मैच ख़िताब की तगड़ी दावेदार जर्मनी की टीम और एक अन्य यूरोपीय टीम स्पेन के बीच खेला जाएगा.

डरबन में होने वाले इस मैच को लेकर ज़बरदस्त उत्साह है और दोनों देशों के समर्थक बड़ी संख्या में डरबन में जमा हुए हैं. उत्सव चल रहा है, नारेबाज़ी हो रही है और अभी से ही जश्न का माहौल है.

जर्मनी की टीम ने जिस तरह इस विश्व कप में प्रदर्शन किया है, उसका पलड़ा भारी लगता है. सर्बिया के ख़िलाफ़ मिली हार को छोड़ दिया जाए तो उसने न सिर्फ़ बड़ी टीमों को धूल चटाई है, बल्कि बड़े अंतर से उन्हें परास्त किया है.

अपने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से नॉक आउट स्टेज में इंग्लैंड को 4-1 से और क्वार्टर फ़ाइनल में अर्जेंटीना को 4-0 से. इन प्रदर्शनों को देखते हुए ज़्यादा लोग जर्मनी पर अपना दाँव लगा रहे हैं.

अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ मैच में जर्मनी ने मिडफ़ील्ड और फ़ॉरवर्ड दोनों में अपना दम दिखाया और डिफ़ेंस के मामले में भी कोई छूट नहीं दी. इसका सबूत ये है कि अर्जेंटीना की टीम कोई गोल नहीं कर पाई.

जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज़ा, पोडोल्स्की और स्वाइंजटाइगर पूरे फ़ॉर्म में हैं. लेकिन टॉमस मूलर निलंबित होने के कारण इस अहम मैच से दूर रहेंगे.

मिरोस्लाव क्लोज़ा विश्व कप में रिकॉर्ड 15 गोल से मात्र एक गोल दूर हैं. उनके लिए इसी विश्व कप में ब्राज़ील के रोनाल्डो का ये रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौक़ा है. इसके अलावा वे लगातार दूसरे विश्व कप में गोल्डन बूट हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन सकते हैं. पोडोल्स्की और स्वाइंजटाइगर ने भी शानदार खेल दिखाया है. स्वाइंजटाइगर ने इस विश्व कप में माइकल बलाक की कमी महसूस नहीं होने दी है.

जर्मनी की टीम 11वीं बार विश्व कप के सेमी फ़ाइनल में पहुँची है, लेकिन 1990 में पश्चिम जर्मनी के रूप में ख़िताब जीतने और उसी साल हुए एकीकरण के बाद टीम ख़िताब नहीं जीत पाई है.

वर्ष 2002 के विश्व कप में टीम फ़ाइनल में ब्राज़ील के हाथों हार गई थी तो पिछले विश्व कप में सेमी फ़ाइनल में टीम इटली के हाथों पराजित हो गई थी. इसलिए इस बार जर्मनी के पास कप जीतने का बेहतरीन मौक़ा है और सबसे अच्छी बात ये है कि टीम बेहतरीन प्रदर्शन के दौर में है.

स्पेन के लिए पहला मौक़ा

दूसरी ओर स्पेन की टीम भी यूरोप की ऐसी टीम है, जिसने विश्व कप में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है.

Image caption स्पेन की टीम को पहली बार एक ब़डा मौक़ा मिला है

इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि टीम पहली बार विश्व कप के सेमी फ़ाइनल में पहुँची है. स्पेन की टीम का इस विश्व कप में प्रदर्शन अच्छा तो रहा है, लेकिन जर्मनी की तुलना में उन्हें बड़ी टीमों से टकराने का कम ही मौक़ा मिला है.

नॉक आउट स्टेज में टीम पुर्तगाल से ज़रूर भिड़ी थी, लेकिन मुक़ाबला कड़ा रहा था और टीम एकमात्र गोल से जीती थी, वही हाल पराग्वे के ख़िलाफ़ क्वार्टर फ़ाइनल मैच में भी हुआ, जब टीम 1-0 से जीत दर्ज करने में सफल रही.

लेकिन कम गोल अंतर के कारण जर्मनी की टीम स्पेन की अनदेखी नहीं कर सकती. स्पेन के पास कप्तान कैसियस के रूप में विश्व स्तरीय गोलकीपर है, तो स्ट्राइकर डेविड विया अपने प्रदर्शन के सुनहरे दौर में हैं.

डेविड विया ने अभी तक इस विश्व कप में पाँच गोल मारे हैं और फ़िलहाल गोल्डन बूट हासिल करने की दौड़ में सबसे ऊपर हैं.

विया के अलावा ज़ावी, इनिएस्टा, सर्जियो रामोस, फ़ेब्रिगास जैसे खिलाड़ी भी अच्छा खेल रहे हैं. स्पेन की टीम फ़र्नांडो टोरेस के फ़ॉर्म से ज़रूर चिंतित होगी लेकिन स्पेन के पास अच्छे खिलाड़ियों की कमी नहीं है.

स्पेन की टीम इस विश्व का पहला मैच स्विट्ज़रलैंड से हार गई थी. लेकिन उसके बाद टीम ने अच्छी वापसी की है. यूरो 2008 के फ़ाइनल में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी, जिसमें स्पेन की टीम ने जीत हासिल की.

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