उरुग्वे को हराकर जर्मनी तीसरे स्थान पर

  • 11 जुलाई 2010
जर्मनी के थॉमस मूलर
Image caption सेमी फ़ाइनल में मूलर की कमी जर्मनी को बहुत महंगी पड़ी.

एक समय ख़िताब की मज़बूत दावेदार जर्मनी की टीम को वर्ष 2010 के विश्व कप में तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा. तीसरे और चौथे स्थान के लिए हुए मैच में टीम ने उरुग्वे को 3-2 से हरा दिया.

और जर्मन टीम के लिए यह सांत्वना पुरस्कार की तरह रहा.

रोमांचक मैच

पोर्ट एलिज़ाबेथ में हुए इस मैच में अपेक्षा से उलट काफ़ी रोमांच रहा. मैच से पहले ये बात कही जा रही थी कि इस मैच में शायद उस स्तर का रोमांच पैदा न हो पाए, जैसा सेमी फ़ाइनल या फ़ाइनल मैच में होता है.

लेकिन इस मैच में दर्शकों को एक मज़ेदार और संघर्षपूर्ण मैच देखने को मिला. जहाँ दोनों टीमें इस विश्व कप में अपना सफ़र जीत के साथ ख़त्म करना चाहती थीं.

इस मैच में जर्मनी की टीम कप्तान फ़िलिप लाम और मिरोस्लाव क्लोज़ा के बिना उतरी तो उरुग्वे की ओर से डिएगो फ़ोरलैन मैदान पर उतरे और एक गोल भी किया.

जर्मनी की टीम ने इस मैच में टॉमस मूलर को उतारा जो सेमी फ़ाइनल में निलंबित होने के कारण नहीं खेल पाए थे और जर्मन कोच जोकिम लो ने माना भी था कि टीम को उनकी कमी खली थी.

टॉमस मूलर ने इस मैच में साबित भी किया कि वे जर्मन टीम के लिए कितना अहम हैं. मैच के 18वें मिनट में मूलर ने अपना कमाल दिखाया..

इस मैच में कप्तानी कर रहे श्वाइंजटाइगर ने दूर से एक ज़ोरदार शॉट लगाया, गेंद उरुग्वे के गोलकीपर से टकराकर वापस आई और मूलर ने गोल करने में कोई ग़लती नहीं की. इस विश्व कप में ये मूलर का पाँचवाँ गोल था.

जर्मनी की टीम शुरू से ही मैच पर नियंत्रण रखे हुए थी. लेकिन जर्मनी के गोल के 10 मिनट बाद ही उरुग्वे ने भी मैच में वापसी की....

कवानी ने गोल करके स्कोर बराबर क्या किया...मैच टक्कर वाला हो गया और इसके बाद दर्शकों को शानदार खेल देखने को मिला. लगातार हो रही बारिश ने भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों का उत्साह कम नहीं किया.

फ़ोरलैन का शानदार प्रदर्शन

हाफ़ टाइम के बाद डिएगो फ़ोरलैन ने एक एक्रोबेटिक शॉट लगाकर बेहतरीन गोल किया और अपनी टीम को 2-1 से बढ़त दिला दी. ये फ़ोरलैन का इस विश्व कप में पाँचवाँ गोल था.

इस विश्व कप में उरुग्वे के शानदार प्रदर्शन में फ़ोरलैन का बड़ा योगदान है.

मैच का रोमांच बढ़ा लेकिन सेमी फ़ाइनल की तरह जर्मनी की टीम इस बार पीछे नहीं हटी और उरुग्वे के गोल पर आक्रमण करती रही.

उन्हें इसका पुरस्कार भी मिला, जब पाँच मिनट के अंदर ही येन्सन का बेहतरीन हेडर गोलकीपर को छका गया.

स्कोर बराबर हो चुका था और मुक़ाबला ज़ोरदार हो रहा था.

साथ में लगातार हो रही थी बारिश....आख़िरकार मैच के 82वें मिनट में ओज़िल के कॉर्नर पर दो खिलाड़ियों से टकराती हुए गेंद सैम खदीरा के पास पहुँची और उन्होंने अपने सिर की चोट से उसे उरुग्वे के गोल में पहुँचा दिया.

मैच के आख़िरी क्षण में उरुग्वे के डेविड फ़ोरलैन को गोल करने का अच्छा मौक़ा मिला, जब फ़्री किक पर उनका शॉट गोल पोस्ट से टकरा गया.

तो इस तरह इस विश्व कप में जर्मनी और उरुग्वे का सफ़र ख़त्म हुआ.

पिछले विश्व कप की तरह जर्मनी ने इसमें भी तीसरा स्थान हासिल किया तो उरुग्वे की टीम इस विश्व कप की बेहतरीन टीम में शुमार होगी.

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