'किताब में ख़ून की बात ग़लत'

श्रीलंका में दूसरे टेस्ट के लिए प्रैक्टिस

भारतीय क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उन पर केंद्रित एक नई किताब में उनके ख़ून का भी इस्तेमाल होगा.

इसी सप्ताह प्रस्तावित किताब की प्रकाशक कंपनी ने कहा था कि 10 विशेष प्रतियों के लिए हस्ताक्षर वाला पन्ना लुग्दी में सचिन का ख़ून मिला कर तैयार किया जाएगा.

ये चार दिन पहले की बात है. उस ख़बर की दुनिया भर में भरपूर चर्चा हो चुकने के बाद अब तेंदुलकर और प्रकाशक दोनों स्पष्टीकरण के साथ सामने आए हैं.

सचिन तेंदुलकर ने श्रीलंका में टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार से बातचीत में कहा, “किताब में मेरा ख़ून होने की बात में कोई सच्चाई नहीं है.”

शीघ्र प्रकाश्य किताब के बारे में उन्होंने कहा, “दरअसल किताब में मेरे जीवन को तस्वीरों के ज़रिए दिखाएगा. ये कोई आत्मकथा या जीवनी नहीं होगी.”

मैंने तो ऐसा नहीं कहा था!

प्रकाशन कंपनी क्रैकेन के एक प्रवक्ता ने अख़बार से बातचीत में दलील दी कि पिछले सप्ताह सचिन की किताब के बारे में कही गई बातों को ठीक से नहीं समझा गया था.

क्रैकेन के प्रवक्ता कार्ल फ़ॉलर ने कहा, “किताब में ख़ून का कोई अंश नहीं होगा जैसा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया में कहा जा रहा है. मैं समझता हूँ इस बारे में मेरी बातों को ठीक से समझा नहीं गया.”

प्रकाशक के अनुसार ‘तेंदुलकर ओपस’ नामक किताब में 1500 से ज़्यादा तस्वीरें होंगी. इस 852 पन्नों की किताब का वज़न होगा 37 किलोग्राम.

किताब की एक हज़ार सामान्य प्रतियाँ छापी जाएंगी. किताब की प्रति कॉपी क़ीमत दो से तीन हज़ार डॉलर रखे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है.

तेंदुलकर ने कहा है कि किताब की बिक्री से मिलने वाला पैसा सहायतार्थ कार्यों में लगाया जाएगा.

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