भारोत्तोलन में भी 'सेक्स स्कैंडल'

भारोत्तोलन
Image caption मल्लेश्वरी के आरोपों ने भारोत्तोलन में नया भूचाल ला दिया है

महिला हॉकी कोच एमके कौशिक पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद अब सिडनी ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता महिला भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी ने कोच रमेश मल्होत्रा पर यौन शोषण का आरोप लगाया है.

मल्लेश्वरी ने बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में फ़ेडरेशन के अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की मांग की है.

उन्होंने कहा कि एक लंबे अरसे से वो और कई अन्य महिला भारोत्तोलक फ़ेडरेशन के सामने कोच रमेश मल्होत्रा के यौन उत्पीड़न की शिकायतें लाती रही हैं.

लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें महिला भारोत्तोलकों के कोर ग्रुप के कोच पद से हटाया नहीं गया और जूनियर खिलाड़ियों के साथ भी विदेश दौरे पर भेजा गया.

आरोप

इतना ही नहीं उन्हें हटाने का आश्वासन दिए जाने के बाद भी द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए उनके नाम की अनुशंसा कर दी गई.

मल्लेश्वरी ने कहा कि इस स्थिति में उन्होंने अपनी शिकायतों को सार्वजनिक करना उचित समझा और उनके इस क़दम का अन्य खिलाड़ियों का समर्थन किया है और उन्हें बधाई दी है.

मल्लेश्वरी का आरोप था कि फ़ेडरेशन के अधिकारी कोच को संरक्षण दे रहे थे इसलिए उनके ख़िलाफ़ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.

दूसरी ओर बीबीसी के साथ बातचीत में फ़ेडरेशन के महासचिव सहदेव यादव ने इससे इनकार किया कि उन्हें किसी भी खिलाड़ी ने कभी मौखिक या लिखित किसी भी तरह की कोई शिकायत की है.

उन्होंने मल्लेश्वरी पर सीधा-सीधा झूठ बोलने का आरोप लगाया.

जब उनसे ये पूछा गया कि अगर फ़ेडरेशन को कोच के ख़िलाफ़ कोई शिकायत नहीं मिली थी, तो फिर उन्हें निलंबित क्यों किया गया, इसके जवाब में सहदेव यादव ने कहा, "जब कोच ने सार्वजनिक रूप से आरोप स्वीकार कर लिए तब फ़ेडरेशन के पास उन्हें निलंबित करने के आलावा कोई चारा नहीं था."

सहदेव यादव ने कहा कि इस मामले की पूरी जाँच होगी और फिर उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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