साइना से उम्मीदें

  • 9 अगस्त 2010

खेलों की तैयारी

साइना नेहवाल ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अपने गुरु और भारत के पूर्व नम्बर एक बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद की हैदराबाद स्थित बैडमिंटन अकादमी में कड़ी ट्रेनिंग की है.

मगर राष्ट्रमंडल खेलों से पहले उनके सामने चुनौती 23 से 29 अगस्त के बीच पेरिस में होने वाली विश्व चैंपियनशिप है.

साइना कहती हैं, "मैं राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हूँ. पहले विश्व कप प्रतियोगिता है और फिर उसके बाद दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल. अगर फ़िटनेस ठीक रही तो कोशिश अच्छा प्रदर्शन करने की ही रहेगी."

साइना की दिन भर की तैयारी देखने से पता चलता है कि वे सुबह हल्के फुल्के व्यायाम के बाद लंबी दौड़ लगाती हैं और फिर करीब तीन घंटे तक बैडमिंटन कोर्ट पर अपने खेल को तराशने में बिताती रही हैं.

दोपहर में साइना एक-दो घंटे सोने का भी प्रयास करतीं और फिर शाम होते ही उनकी वापसी बैडमिंटन कोर्ट पर हो जातीं.

साइना ने बताया, "मेरे तो दो ही काम हैं. एक खेलना-अभ्यास करना और दूसरा सोना. संतुलित आराम भी ज़रूरी है जिससे आप फ्रेश होकर दोबारा कोर्ट पर अभ्यास कर सकें."

साल 2010 तो साइना के करियर में सबसे बेहतरीन रहा है. तीन बड़ी प्रतियोगिताएँ जीतने के बाद साइना की विश्व रैंकिंग नंबर दो तक पहुँच चुकी है और उनका फार्म भी उनका साथ दे रहा है.

ज़ाहिर है भारत में बैडमिंटन के तमाम चाहने वालों के साथ-साथ ख़ुद साइना को भी राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है.

कोच की उम्मीदें

साइना नेहवाल के प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद को साइना से भविष्य में अच्छी उम्मीदें हैं.

बीबीसी से हुई एक ख़ास बातचीत में गोपीचंद ने कहा, "मुझे लगता है कि इस साल साइना ने जितनी भी प्रतियोगिताएँ खेलीं हैं उन सभी में उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है. चाहे वो ऑल इंग्लैंड प्रतियोगिता हो जहाँ वे सेमी फ़ाइनल में पहुंचीं या एशियन चैम्पियनशिप ही क्यों न हो. सभी में साइना ने अच्छा खेल दिखाया."

ज़ाहिर है कि साइना नेहवाल भी पुलेला गोपीचंद जैसे बेहतरीन खिलाड़ी के सान्निध्य में काफ़ी कुछ सीख चुकीं है और आगे भी सीखेंगी. साइना के बढ़े हुए मनोबल की बात से गोपीचंद भी इंकार नहीं करते.

गोपीचंद कहते हैं, "साइना की शारीरिक फ़िटनेस जितनी बेहतर रहेगी उतना ही अच्छा उनका प्रदर्शन होगा. बढ़ा हुआ मनोबल और अच्छी फिटनेस इसी बात पर निर्भर होते हैं की ट्रेनिंग कितनी अच्छी मिल पा रही है. मुझे लगता है की साइना की ट्रेनिंग ठीक चल रही है और नतीजे भी बेहतर ही रहेंगे."

पुलेला गोपीचंद को इस बात की पूरी उम्मीद है कि भारतीय बैडमिंटन टीम आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेगी.

गोपीचंद ने बताया," विश्व चैम्पियनशिप के बाद हमारी टीम का ध्यान राष्ट्रमंडल खेलों पर ही रहेगा. मिक्सड डबल्स के अलावा हमें साइना और चेतन आनंद से भी उम्मीदें हैं."

परिचय

बीस वर्ष की साइना नेहवाल विश्व में दूसरी वरीयता प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी हैं.

भारत की ओर से साइना अब तक की सबसे सफल महिला बैडमिंटन खिलाड़ी रहीं हैं और उनका अगला लक्ष्य विश्व की नंबर एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनना है.

हरियाणा के हिसार में जन्मी साइना नेहवाल का पालन पोषण आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में हुआ और सात साल की उम्र में उन्होंने हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में बैडमिंटन का प्रशिक्षण शुरू कर दिया था. साइना नेहवाल के माता-पिता हरियाणा की तरफ से बैडमिंटन खेलते थे, इसलिए बचपन से ही साइना का इस खेल के प्रति रुझान स्वाभाविक था.

साइना का परिचय

साइना का कहना है कि उनके माता पिता ने उन्हें एक उम्दा खिलाड़ी बनाने में जितना प्रयास किया है, वे उसको अच्छा प्रदर्शन करके सफल बनाने की तमन्ना रखती हैं.

2006 में साइना नेहवाल ने विश्व बैडमिंटन जगत में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी जब उन्होंने फिलीपींस ओपन प्रतियोगिता जीती. बीजिंग में आयोजित ओलंपिक खेलों में वो अंतिम आठ में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी भी बनीं. उसके बाद साइना ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा है और विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में लगातार ऊपर की ओर ही बढती रहीं हैं.

इस साल अगस्त महीने तक साइना तीन सुपर सीरीज़ खिताब जीत कर एक नया कीर्तिमान भी बना चुकीं हैं.

उनकी उपलब्धियों के लिए साइना नेहवाल को अब तक अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है.

कुछ खट्टी-मीठी

साइना की एकाग्रता और अनुशासित अभ्यास का ये भी मतलब नहीं है कि वे मौज-मस्ती में यकीन नहीं रखतीं.

साइना की माँ के मुताबिक़ उन्हें टेलिविज़न पर 'झांसी की रानी' धारावाहिक देखना पसंद है.

टेनिस में अब तक के महानतम खिलाड़ियों में से एक रोजर फेडरर उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं.

साइना कहती हैं, "रोजर फेडरर का टेनिस कोर्ट पर फोकस देखने और सीखने लायक चीज़ है. उनके खेल में एक सहज भाव है जो आसानी से देखने को नहीं मिलता."

साइना नेहवाल को अपने खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना पड़ता है और वे एक आम इंसान की तरह ही भोजन करती हैं जिसमें दाल, रोटी, सब्जी, चावल और चिकन शामिल होता है.

साइना कहती हैं," मैं फास्ट फ़ूड से परहेज़ करती हूँ जैसे चिप्स, बर्गर वगैरह. पर कभी कभी रविवार के दिन इन सब चीज़ों का भी थोड़ी थोड़ी मात्रा में मज़ा ले लेती हूँ. मेरी कोशिश ये भी रहती है की मीठा कम से कम खाया जाए. "

आम तौर पर तो साइना की दिनचर्या बेहद व्यस्त रहती है लेकिन कभी कभार समय निकालकर बॉलीवुड में रिलीज़ होने वाली फिल्में भी वो देख ही लेती हैं.

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