एनटीपीसी ने राष्ट्रमंडल खेलों से हाथ खींचे

दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों को एक और झटका लगा है. दो बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों एनटीपीसी और पावर ग्रिड ने राष्ट्रमंडल खेलों के प्रायोजन से हाथ खींच लिए हैं.

पीटीआई के मुताबिक एनटीपीसी ने प्रायोजन के लिए 40 करोड़ रुपए रोकने का फ़ैसला किया है.

एनटीपीसी करीब 20 करोड़ रुपए पहले ही दे चुकी है. कंपनी का कहना है कि उस धनराशि का सरकार द्वारा नियुक्त किसी एजेंसी से ऑडिट करवाया जाए जो उसने राष्ट्रमंडल आयोजक समिति की दी है.

बुधवार को हुई एनटीपीसी की बोर्ड की बैठक में तय किया गया कि अब इससे आगे राष्ट्रमंडल खेलों को वो प्रयोजित नहीं करेगी.इसके अलावा पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने भी फ़ैसला किया है कि वो राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अब कोई पैसा नहीं देगा.

भ्रष्ट्राचार का साया कई कंपनियाँ राष्ट्रमंडल खेलों को प्रायोजित कर रही हैं. दरअसल राष्ट्रमंडल खेल पिछले कई महीनों से विवादों के घेरे में हैं और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.

राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों के बीच राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति को अपने तीन अधिकारियों को निलंबित करना पड़ा था. इसके अलावा उस ऑस्ट्रेलियाई कंपनी स्पोर्ट्स मार्केटिंग एंड मैनेजमेंट (स्मैम) के साथ क़रार ख़त्म कर दिया गया था जिस पर प्रायोजक लाने की ज़िम्मेदारी थी.

दरअसल केंद्रीय सतकर्ता आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ज़्यादातर निर्माण कार्य में प्रक्रिया संबंधी उल्लंघन पाए गए हैं.

खेल मंत्री एमएस गिल कह चुके हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जाँच की जाएगी.

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