जिसे विश्वनाथन आनंद हरा नहीं पाए

गणित कांग्रेस में खेलते विश्वनाथन आनंद
Image caption आनंद मानते है कि गणित और शतरंज का खेल एक जैसा ही है.

शतरंज के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को एक 14 साल के बच्चे को हरा नहीं पाए.

दरअसल, हैदराबाद में चल रही अंतरराष्ट्रीय गणित कांग्रेस में आनंद ने मंगलवार को एक साथ 40 लोगों के साथ शतरंज खेली थी.

उन्होंने 39 लोगों को तो हरा दिया था लेकिन 14 साल के छात्र सिरकर वरदराज के साथ उनकी मुक़ाबला बराबरी पर ख़त्म हुआ.

बैंगलूर निवासी सिरकर अंतरराष्ट्रीय गणित कांग्रेस में शोध पत्र पेश करने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं.

सिरकर बड़े होकर गणितज्ञ बनना चाहते हैं.

वे 2009 में आयोजित हुई नेशनल मैथ्स ओलंपियाड के लिए कर्नाटक से चुने गए 30 छात्रों की टीम में शामिल थे.

रैप म्यूजिक, शतरंज और गणित की पहेलियों को हल करने के शौकीन सिरकर ने शतरंज खेलना अपने पिता से सीखा है.

खेल ख़त्म होने के बाद विश्वनाथन आनंद ने कहा था कि खेल का स्तर बहुत ऊँचा था और अंतिम 10 खिलाड़ियों ने बहुत अच्छे खेल का प्रदर्शन किया.

उन्होंने कहा कि यहाँ के प्रतिभागियों के साथ खेलना एक खिलाड़ी के साथ खेलने से काफ़ी कठिन था.

उन्होंने कहा, ''मैं पूरी तरह से थक गया था. यहाँ बहुत से लोगों ने बहुत अच्छा खेल दिखाया.''

शतरंज और गणित के बीच संबंध बताते हुए आनंद ने कहा कि शतरंज गणित के ही समान है. उन्होंने कहा कि शतरंज ऐसी चीज है जिसे आप बच्चों को जल्दी सिखा सकते हैं.

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