चीनी खिलाड़ियों की तकनीक सीखेंगे

खेलों की तैयारियाँ

प्रस्तुति:पवन नारा

टेबल टेनिस में भारत के नंबर एक खिलाड़ी अचंता शरत कमल राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए आजकल चीन में अभ्यास कर रहें हैं.

अचंता शरत कमल 20 दिनों तक चीन में रहेंगे और टेबल टेनिस में माहिर माने जाने वाले चीनी खिलाड़ियों की तकनीक सीखेंगें.

अपनी आगे की योजना बताते हुए अचंता कहते हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों से तीन हफ़्ते पहले वो यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अभ्यास करेंगें.

अचंता शरत कमल का दिन सिर्फ़ और सिर्फ़ खेल की तैयारियों में बीतता है.

दौड़ के साथ अचंता का दिन सुबह साढ़े छह बजे शुरू होता है. उसके बाद वो एक घंटे तक शारीरिक अभ्यास करते हैं.

सुबह नौ बजे से दौपहर 12 बजे तक टेबल टेनिस अभ्यास का पहला दौर चलता है. शाम के दौर में पाँच बजे से आठ बजे तक अचंता खेलते हैं.

इसके बाद शारीरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए आधे घंटे की विशेष ट्रेनिंग भी होती है.

अचंता की यही दिनचर्या कई वर्षों से चल रही है.

अचंता शरत कमल कहते है कि ट्रेनिंग में आराम भी मायने रखता है. वो कहते हैं, "अगर हम सुबह के सत्र के बाद ठीक से आराम नहीं करते हैं तो शाम के सत्र में पूरे जोश से खेल पाना मुश्किल होता हैं."

भाई का योगदान

Achanta Sharat Kamal

अचंता शरत कमल के छोटे भाई अचंता रजत कमल भी टेबल टेनिस खेलते थे.

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ बड़ा करने से पहले उनके भाई के कंधे में चोट लग गई, जिसकी वजह से उन्हें खेल छोड़ना पड़ा.

अब वो अचंता के लिए वीडियो एनलिस्ट का काम करते है.

अचंता कहते हैं, "मेरे भाई हमेशा मेरे साथ रहते हैं, जहाँ भी हम प्रतियोगिता में भाग लेते हैं वो हमारे साथ रहते हैं. वीडियो को देख वो मेरी कमियों को ढूँढते है. जिससे मुझे उन्हें सुधारने में मदद मिलती है."

अचंता कहते है कि उनके भाई का सहयोग काफ़ी महत्वपूर्ण है. वे कहते हैं, "मैं उम्मीद करता हूँ कि वो मेरे साथ ऐसे ही खडे रहें और मैं उनकी मदद से अपने खेल में सुधार ला सकूँ."

परिचय

अचंता शरत कमल

अचंता शरत कमल टेबल टेनिस में भारत के नंबर एक खिलाड़ी हैं.

इंडियन ऑयल के लिए खेलने वाले अचंता के परिवार में टेनिस खेलने की परंपरा रही है. उनके पिता श्रीनिवास राव और चाचा मुरलीधरन राव दोनों ही टेबल टेनिस खेलते थे और फ़िलहाल दोनों ही अचंता के निजी कोच हैं.

अचंता के बडे भाई भी टेबल टेनिस खेलते थे, पर कंधे की चोट की वजह से उन्हें खेल छोड़ना पड़ा. अब वो अचंता के लिए वीडियो विश्लेषक का काम करते हैं.

अचंता शरद कमल ने वर्ष 2006 राष्ट्रमंडल खेलों मे टेबल टेनिस के दो स्वर्ण पदक जीते थे. दक्षिण एशियाई खेलों मे भी अचंता ने 2006 में चार स्वर्ण पदक जीते.

उसी साल उनको खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा गया.

अगस्त 2009 मे अचंता ने विश्व वरीयता मे 66वाँ स्थान हासिल किया, जो विश्व स्तर पर उनकी सबसे ऊँची रैंकिंग है.


तस्वीरें

  • अचंता शरद कमल
    अचंता शरद कमल ने 2006 राष्ट्रमंडल खेलों मे टेबल टेनिस के दो स्वर्ण स्वर्ण पदक जीते थे
  • अचंता शरद कमल
    2006 में उनको खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए अर्जुन अवॉर्ड से नवाज़ा गया.
  • अचंता शरद कमल
    भले ही अचंता बचपन की इस तस्वीर में क्रिकेट बैट उठाए हुए हों, पर उनके परिवार में टेनिस खेलने की परंपरा रही है.
  • अचंता शरद कमल
    अंचता स्कूल में पढ़ाई में इतना ध्यान नहीं देते थे, वह कक्षा से ग़ैर हाज़िर रहते और पुस्तकालय पहुँच जाते.
  • अचंता शरद कमल
    अचंता राष्ट्रमंडल खेलों मे सिंगापुर की टीम को सबसे बड़ी चुनौती मानते हैं.
  • अचंता शरद कमल
    अचंता के पिता श्रीनिवास राव और चाचा मुरलीधरन राव दोनों ही टेबल टेनिस खेलते थे और फ़िलहाल दोनों ही अचंता के निजी कोच हैं.

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