कौन हैं मज़हर मजीद?

Image caption न्यूज़ ऑफ़ दी वर्ल्ड अख़बार में छपी ख़बर को पढ़ते हुए पाकिस्तानी अधिकारी

मैच फ़िक्सिंग के आरोपों ने एक बार फिर क्रिकेट की दुनिया में भूचाल ला दिया है.

पाकिस्तानी खिलाड़ी आरोपों के घेरे में तो हैं ही, जिस शख़्स ने कैमरे के सामने कथित रूप से खिलाड़ियों के नाम पर पैसे वसूले, उसने भी ख़ूब सुर्ख़ियाँ बटोरी हैं और वो शख़्स है 35 वर्षीय मज़हर मजीद

ब्रितानी अख़बार न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड का दावा है कि मज़हर मजीद ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के निश्चित समय पर नो बॉल करने के नाम पर पैसे लिए.

विभिन्न समाचार पत्रों और एजेंसियों की मानें तो मज़हर की पैठ क्रिकेट की दुनिया में अच्छी है और पाकिस्तानी क्रिकेटरों से उनकी अच्छी पहचान है.

दक्षिणी लंदन में प्रॉपर्टी के धंधे से नाम कमाने वाले मज़हर ने धीरे-धीरे अपना दायरा बढ़ाया और फिर अपने इलाक़े के चर्चित नाम बन गए. काउंसिल अधिकारियों और कई व्यवसायियों ने उनकी सराहना भी की थी.

ब्लूस्काई डेवलपमेंट्स के नाम की उनकी कंपनी एक समय लाखों पाउंड के धंधे में थी. कंपनी की वेबसाइट बताती है कि मज़हर मजीद ने वर्ष 1999 में कंपनी की स्थापना की थी.

दावा

कंपनी की वेबसाइट पर ये भी बताया गया है कि पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के साथ मिलकर उसने वर्ष 2007 में एक चैरिटी इवेंट का आयोजन भी कराया था. जिसमें पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंज़माम उल हक़ और इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क रामप्रकाश भी शामिल हुए थे.

उनके चैरिटी कार्यों में क्रिकेटरों के अलावा कई राजनेताओं के भी शामिल होने का दावा किया गया है.

ब्रितानी अख़बार द टेलीग्राफ की मानें, तो मज़हर मजीद को क्रिकेटरों और खिलाड़ियों से मिलने-जुलने का काफ़ी शौक है. मंदी के दौर में मज़हर की कंपनी को भी काफ़ी घाटा हुआ.

न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के दावे के बाद मज़हर को पुलिस ने गिरफ़्तार तो किया लेकिन पूछताछ के बाद ज़मानत पर उन्हें छोड़ दिया गया है.

लेकिन आने वाले दिनों में मैच फ़िक्सिंग मामले की जाँच और मज़हर से पूछताछ के निष्कर्ष पर ही बहुत कुछ निर्भर करता है.

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