राष्ट्रमंडल खेल: एक झलक

1974

राष्ट्रमंडल खेल-1974 लोगो
Image caption राष्ट्रमंडल खेल-1974 क्राइस्टचर्च में हुएआ

राष्ट्रमंडल खेल का 10वां संस्करण न्यूज़ीलैंड के ख़ूबसूरत शहर क्राइस्टचर्च में 1974 में आयोजित हुआ. ये शहर अपने ख़ूबसूरत बाग़ों और चर्च के लिए के प्रसिद्ध है.

इस खेल में सबसे ज़्यादा जिस चीज़ पर ध्यान दिया गया वह खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा थी क्योंकि 1972 के म्यूनिख़ ओलंपिक में इसराइली खिलाड़ियों पर हमला हुआ था.

सुरक्षाकर्मियों ने एथलीट्स के लिए बसाई गई बस्ती को घेरे में रखा और पुलिस के बड़े आधिकारी तैनात रहे.

जमैका के धावक डॉन क्वारी ने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में सफलता के साथ अपने स्वर्ण पदक की रक्षा की. उन्होंने 1970 के एडिनब्रा में भी इन दोनों मुक़ाबलों में स्वर्ण पदक जीते थे.

ये बहुत बड़ी बात है कि 1978 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी क्वारी ने 100 मीटर दौड़ में जीत हासिल किया. क्राइस्टचर्च में कुल 374 पदकों के लिए मुक़ाबले रहे और 22 देश ऐसे रहे जो कोई न कोई पदक जीतने में सफल रहे.

पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले देश पश्चिमी समाओ, लिसोथो और स्वाज़ीलैंड ने भी पदक जीतने में सफलता हासिल की.

क्राइस्टचर्च में कुल 1276 एथलीट्स ने भाग लिया और नौ खेलों की विभिन्न श्रेणियों के लिए मुक़ाबले हुए जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइक्लिंग, लॉन बाउल्स, निशानेबाज़ी, तैराकी और डाइविंग, भारोत्तोलन और कुश्ती शामिल थे.

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा का दबदबा रहा. ऑस्ट्रेलिया ने 29 स्वर्ण समेत कुल 82 पदक पर क़ब्ज़ा जमाया जबकि इंग्लैंड ने 28 स्वर्ण के साथ कुल 80 पदक जीते.

वहीं कनाडा के प्रदर्शन में बेहतरी नज़र आई और 25 स्वर्ण के साथ उसने कुल 62 पदक जीते.

भारत के पदकों की संख्या में भी वृद्धि नज़र आती है. हालांकि पहले के मुक़ाबले उसने एक स्वर्ण कम जीता लेकिन कुल 15 पदक हासिल किए.

न्यूज़ीलैंड ने 35 तो कीनिया ने 18 पदक हासिल किए. एथलेटिक्स में दो नए रिकॉर्ड बने जबकि साइक्लिंग और निशानेबाज़ी में एक-एक.

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1978

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-1978 कनाडा के शहर एडमंटन में हुआ

सही मायनों में राष्ट्रमंडल खेल पहली बार अपने नाम से 1978 में आयोजित हुआ. यह राष्ट्रमंडल खेलों का 11वां संस्करण था और इसका आयोजन कनाडा के शहर एडमंटन में हुआ था.

राष्ट्रमंडल खेल संगठन की जनरल एसेंबली ने इस बात का ख़ास ख़्याल रखा कि कोई अफ़्रीक़ी देश खेल का बहिष्कार नहीं करे क्योंकि इससे पहले मॉंट्रियल ओलंपिक्स 1976 में न्यूज़ीलैंड की रगबी टीम दक्षिण अफ़्रीका के दौरे पर चली गई थी.

याद रहे कि दक्षिण अफ़्रीका का नस्ल भेद को लेकर बहिष्कार जारी था. एडमंटन में हुए राष्ट्रमंडल खेल के इस संस्करण में कुल 46 देशों के 1474 एथलीट्स ने भाग लिया. इस मौक़े से 504 अधिकारी भी पहुंचे थे.

इस संस्करण में कुल 10 खेल शामिल रहे जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइक्लिंग लॉन बाउल्स, निशानेबाज़ी, तैराकी और डाइविंग, भारोत्तोलन और कुश्ती के अलावा जिमनास्टिक्स को पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया गया.

मेज़बान देश की हैसियत से कनाडा ने पदक तालिका में पहली बार पहला स्थान हासिल किया. कनाडा ने 45 स्वर्ण के साथ कुल 109 पदक जीते जबकि इंग्लैंड ने 27 स्वर्ण के साथ 87 पदक जीते और ऑस्ट्रेलिया ने 24 स्वर्ण के साथ कुल 84 पदक जीते.

राष्ट्रमंडल के इस 11वें संस्करण में 25 देश ऐसे रहे जिन्हें कोई पदक नहीं मिल सका.

भारत का प्रदर्शन

भारत का प्रदर्शन ज्यों का त्यों बना रहा. उसने स्वर्ण, रजत और कांस्य के पांच-पांच पदक जीते. कीनिया, न्यूज़ीलैंड और स्कॉटलैंड ने भी पहले की ही तरह प्रदर्शन किया.

भारत की ओर से बैंडमिंटन के पुरुष एकल मुक़ाबले में प्रकाश पादुकोण ने स्वर्ण जीता तो महिला डबल्स में भारत को कांस्य पदक मिला. भारत के लिए एक स्वर्ण पदक भारोत्तोलन के 52 किलोग्राम में इ करुणाकरण ने जीता. बाक़ी तीन स्वर्ण और चार रजत पदक भारत को कुशती में मिले.

भारत को मुक्केबाज़ी और पुरुषों की लंबी कूद में कांस्य पदक मिले. साइकलिंग, निशानेबाज़ी और तैराकी में कुल चार नए रिकॉर्ड बने.

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1982

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-1982 आस्ट्रेलिया में हुआ

बारहवें राष्ट्रमंडल खेल का ऑस्ट्रेलिया के शहर ब्रिसबेन में 1982 में आयोजन हुआ. राष्ट्रमंडल के इस बारहवें संस्करण को अभी तक सबसे अच्छे आयोजनों में से एक माना जाता है. किसी देश ने इस खेल का बहिष्कार नहीं किया.

पूरे आयोजन के दौरान सूरज निकलता रहा. कुल 46 देशों ने इसमें अपने 1583 एथलीट्स के साथ 571 अधिकारी भी भेजे.

इसमें 10 खेलों की विभिन्न श्रेणियों के लिए मुक़ाबला हुआ. इस बार एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइकलिंग, लॉन बाउल्स, निशानेबाज़ी, तैराकी और डाइविंग, भारोत्तोलन और कुश्ती के साथ पहली बार तीरअंदाज़ी को भी शामिल किया गया. कनाडा में हुए टूर्नामेंट में जिम्नास्टिक्स था लेकिन इस संस्करण से जिम्नास्टिक्स को हटा लिया गया था.

मेज़बान देश की हैसियत से ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज़्यादा स्वर्ण पदक हासिल किए. 39 स्वर्ण, 39 रजत और 29 कांस्य पदक के साथ कुल 107 पदक उसकी झोली में आए.

इंग्लैंड ने 38 स्वर्ण, 38 रजत और 32 कांस्य के पदक हासिल किए कुल मिलाकर उसे 108 पदक मिले. भारत ने कुल 16 पदक जीते जिसमें पांच स्वर्ण और आठ रजत पदक शामिल रहे. भारत पहली बार छठे स्थान पर नज़र आया. उससे आगे न्यूज़ीलैंड और स्कॉटलैंड रहे.

भारत ने इस बार भी बैडमिंटन के पुरुष एकल मुक़ाबले में स्वर्ण पदक हासिल किया लेकिन इसबार यह कारनामा सैयद मोदी ने दिखाया.

बाक़ी के चारों स्वर्ण भारत को कुश्ती में मिले. कुश्ती में भारत का वर्चस्व बरक़रार रहा क्योंकि उसे चार रजत और एक कांस्य पदक भी मिले. तीन रजत भारत को भारोत्तोलन में मिले. मुक्केबाज़ी में एक कांस्य के अलावा निशाने बाज़ी में एक रजत और एक कांस्य मिला.

भारत ने तैराकों की एक बड़ी टीम भेजी थी लेकिन कोई भी पदक हासिल करने में सफल नहीं रहा. तीरअंदाज़ी, एथलेटिक्स, साइकलिंग और निशानेबाज़ी में एक-दो नए रिकॉर्ड बने.

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1986

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-1986 स्कॉटलैंड में हुआ

राष्ट्रमंडल खेलों के इस 13वें संस्करण के आयोजन का मौक़ा एक बार फिर स्कॉटलैंड के शहर एडिनब्रा को मिला.

एडिनब्रा पहला शहर रहा जहां दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ लेकिन इस 13वें संस्करण को बॉयकॉट गेम्स के नाम से जाना जाता है.

नस्ल भेद को लेकर दक्षिण अफ़्रीका का बहिषकार ज़ोरों पर था और वहां जाने वाली टीम पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा था.स्कॉटलैंड की पिछली शानदार मेहमान-नवाज़ी के बावजूद राष्ट्रमंडल के 32 देशों ने एडिनब्रा खेल में हिस्सा न लेने का फ़ैसला किया.

बहरहाल 26 देशों ने प्रतियोगिता में भाग लिया और अपने 1662 एथलीट्स के अलावा 461 अधिकारी भी भेजे.

इस 13वें संस्करण में भी 10 खेलों की विभिन्न श्रेणियों के लिए मुक़ाबला हुआ और इनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइकलिंग, लॉन बाउल्स, नौकाखेवन (रोइंग), निशानेबाज़ी, एक्वेटिक्स, भारोत्तोलन और कुश्ती शामिल रहे.

हां पहली बार एक्वेटिक्स के तहत तैराकी और डाइविंग के साथ समक्रमिक तैराकी को शामिल किया गया.

कुल 502 पदकों के लिए मुक़ाबला रहा जिसमें इंग्लैंड एक बार फिर 52 स्वर्ण के साथ नंबर एक पर रहा. कनाडा 51 स्वर्ण के साथ दूसरे और ऑस्ट्रेलिया 40 स्वर्ण के साथ तीसरे नंबर पर रहा.

इन तीनों देशों ने 100 से अधिक पदक हासिल किए. न्यूज़ीलैंड चौथे और वेल्स पांचवे स्थान पर रहा.भारत इस संस्करण में शामिल नहीं हुआ था.

एडिनब्रा में हुए इस राष्ट्रमंडल मुक़ाबलों में बीसियों नए रिकार्ड बने. सबसे ज़्यादा रिकॉर्ड कश्तीरानी के मुक़ाबलों में बने.निशानेबाज़ी और तैराकी में भी तीन-तीन रिकॉर्ड बने.

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1990

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-1990 न्यूज़ीलैंड में हुआ

राष्ट्रमंडल का 14वां संस्करण न्यूज़ीलैंड के शहर ऑकलैंड में 1990 में आयोजित किया गया. इस प्रकार ऑकलैंड में दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ.

उदघाटन समारोह में शानदार कार्यक्रम पेश किए गए और न्यूज़ीलैंड के निर्माण और वहां के समाज और संस्कृति को दर्शाया गया.

पिछली बार 1986 में राष्ट्रमंडल खेल के विपरीत इसमें बॉयकॉट का दैत्य नहीं जागा और कुल 55 देशों के 2826 एथलीट्स और अधिकारियों ने 1990 के ऑकलैंड गेम्स में शिरकत किया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड रहा.

देशों ने राष्ट्रमंडल खेलों की मैत्री वाली भावना का आदर करते हुए उस प्रतीक को और भी मज़बूत किया.

मुक़ाबले में हिस्सा लेने वाले 29 देशों को कोई न कोई पदक जीतने में सफलता मिली. कुल 639 पदकों के लिए 55 देशों के एथलीट्स के बीच कड़ा मुक़ाबला था. पिछले संस्करणों की तरह इस बार भी पहले चार में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, कनाडा और न्यूज़ी लैंड रहे.

इस संस्करण में भी 10 खेलों की विभिन्न श्रेणियों के लिए मुक़ाबले रहे. एथलेटिक्स, एक्वेटिक्स (तैराकी, डाइविंग और समक्रमिक तैराकी), बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक्स, जुडो, लॉन बाउल्स, निशानेबाज़ी, और भारोत्तोलन शामिल रहे. कुश्ती की जगह जुडो नज़र आया.

ऑस्ट्रेलिया के हिस्से में 52 स्वर्ण के साथ कुल 162 पदक आए. इंग्लैंड ने 47 स्वर्ण के साथ कुल 129 पदक जीते. कनाडा ने 35 स्वर्ण के साथ कुल 113 पद जीते.

न्यूज़ीलैंड के 17 स्वर्ण पदक के पीछे भारत 13 स्वर्ण के साथ पांचवें स्थान पर रहा.भारत का प्रदर्शन काफ़ी अच्छा रहा जबकि पाकिस्तान को एक भी पदक नहीं मिला.

भारत को भारोत्तोलन में काफ़ी पदक मिले और भारत के खिलाड़ियों ने इसी में पांच नए रिकॉर्ड भी बनाए.

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1994

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-1994 विक्टोरिया कनाडा में हुआ.

राष्ट्रमंडल खेलों का 15वां संस्करण कनाडा के शहर विक्टोरिया में 1994 में हुआ. यह चौथा मौक़ा था जब राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कनाडा में हुआ.

नब्बे के दशक के शुरू में नस्ल भेद की समाप्ति के बाद दक्षिण अफ़्रीका की राष्ट्रमंडल खेलों में एक बार फिर वापसी हुई. इसी के साथ बहिष्कार के दौर की समाप्ति भी हुई.

राष्ट्रमंडल के इस संस्करण का उदघाटन और समापन दोनों समारोह विक्टोरिया के सेंटिनल स्टेडियम में हुए और दोनों ही राष्ट्रमंडल खेलों की शान के मुताबिक़ थे.

इसमें कुल 63 देशों ने अपने 2557 एथलीट्स और 914 अधिकारी विक्टोरिया भेजे. और 679 पदकों के लिए मुक़ाबला रहा.

एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के एथलीट्स ने सबसे ज़्यादा पदक जीते और ऑस्ट्रेलिया पदक तालिका में शीर्ष पर रहा जबकि मेज़बान कनाडा दूसरे स्थान पर रहा और इंग्लैंड को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा.

खेल के मैदान में नाइजीरिया एक नई शक्ति के तौर पर उभरा और उसने न्यूज़ीलैंड और भारत से अधिक स्वर्ण पदक हासिल किए.

ऑस्ट्रेलिया को 87 स्वर्ण, 52 रजत और 43 कांस्य पदक मिले, कनाडा को 40 स्वर्ण, 42 रजत और 47 कांस्य मिले जबकि इंग्लैंड को 31 स्वर्ण, 45 रजत और 51 कांस्य पदक मिले.

नाइजीरिया को 11 स्वर्ण के साथ कुल 37 पदक मिले जबकि कीनिया को सात स्वर्ण, भारत को छह और स्कॉटलैंड को छह स्वर्ण मिले. भारत को कुल 19 पदक मिले, तीन स्वर्ण निशानेबाज़ी और तीन ही भारोत्तोलन में मिले.

हॉंगकॉंग ने राष्ट्रमंडल खेलों को अलविदा कहा क्योंकि वह विशेष व्यवस्था के तहत 1997 में चीन का हिस्सा बन गया.

इस 15वें संस्करण में कुल 10 खेलों की विभिन्न श्रेणियों के लिए मुक़ाबले हुए इनमें एथलेटिक्स, एक्वेटिक्स (तैराकी, डाइविंग और समक्रमिक तैराकी), बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक्स, लॉन बाउल्स, निशानेबाज़ी, भारोत्तोलन और कुश्ती शामिल रहे.

इस संस्करण में 50 से भी अधिक नए रिकॉर्ड बने जिसमें से 30 से अधिक रिकॉर्ड तो सिर्फ़ भारोत्तोलन की विभिन्न श्रेणियों में बने.

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1998

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-1998 पहली बार एशिया में हुआ

राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पहली बार किसी राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन एशिया में हुआ. राष्ट्रमंडल खेलों का 16वां संस्करण मलेशिया की राजधानी क्वालालंपुर में 1998 में हुआ.

यह पहला मौक़ा था जब राष्ट्रमंडल खेलों में टीम खेलों (team event) को शामिल किया गया और बड़ी सफलता के साथ इसका आयोजन हुआ.

बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया और बड़े पैमाने पर इसे टीवी पर भी दिखाया गया जिससे खेल की लोकप्रियता में चारचांद लगा.

इसमें 70 देशों के पांच हज़ार से ज़्यादा खिलाड़ियों और अधिकारियों हिस्सा लिया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड रहा.

पदक जीतने वाले देशों में पहले पांच स्थान पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, कनाडा, मलेशिया और दक्षिण अफ़्रीका रहे. नौरू ने तीन स्वर्ण पदक जीते.

ऑस्ट्रेलिया ने 80 स्वर्ण के साथ कुल 198 पदक जीते. इंग्लैंड ने 36 स्वर्ण के साथ कुल 136 और कनाडा ने 30 स्वर्ण के सात कुल 99 पदक जीते.

इसमें 15 खेलों की विभिन्न श्रेणियों के लिए मुक़ाबले हुए. इनमें एथलेटिक्स, एक्वेटिक्स (तैराकी, डाइविंग और समक्रमिक तैराकी), बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, क्रिकेट, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक्स, हॉकी, नेट बॉल, लॉन बाउल्स, रगबी-7, निशानेबाज़ी, स्क्वेश, टेनपिन बाउलिंग, और भारोत्तोलन शामिल थे.

भारत को सात स्वर्ण के साथ कुल 25 पदक मिले. न्यूज़ीलैंड को आठ और कीनिया को सात स्वर्ण पदक मिले.

इसमें कुल 669 पदकों के लिए मुक़ाबला था. 213 स्वर्ण, 213 रजत और 243 कांस्य पदक के लिए मुक़ाबला रहा.

इस 16वें संस्करण में भी लग भग 50 नए रिकॉर्ड बने. भारत को निशानेबाज़ी और भारोत्तोलन में ही एक बार फिर स्वर्ण पदक मिले. जसपाल राणा ने फिर स्वर्ण पदक जीता.

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2002

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-2002 एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया में हुआ.

21वीं शताब्दी के साथ राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन और बड़ा हुआ. सन 2002 में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन इंग्लैंड में हुआ जो कई लिहाज़ से यादगार था.

इसमें कुल 72 देशों ने भाग लिया और इसे राष्ट्रमंडल खेलों का सरताज कहा गया क्योंकि महामहिम रानी ने अपनी स्वर्ण जयंती मनाई.

यह इंग्लैंड में 1948 के ओलंपिक के बाद होने वाला सबसे बड़ा खेल आयोजन था जिसमें 14 व्यक्तिगत खेलों के साथ तीन टीम खेल को शामिल किया गया था.

ये आयोजन 25 जुलाई से चार अगस्त तक रहा. विभिन्न प्रकार के खेलों के सफल आयोजन से इंग्लैंड ने साबित किया कि इंग्लैंड 2012 में लंदन में होने वाले ओलंपिक्स को आयोजित कराने योग्य है.

लेकिन यह मुक़ाबला इंग्लैंड के शहर मैन्चेस्टर में हुआ जो इंग्लैंड के व्यावसायिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जाना जाता है.

इसमें कुल 3679 एथलीट्स ने भाग लिया और जिन खेलों के मुक़ाबले हुए वे इस प्रकार हैं. एथलेटिक्स, एक्वेटिक्स (तैराकी, डाइविंग और समक्रमिक तैराकी), बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक्स, हॉकी, जुडो, लॉन बाउल्स, नेट बॉल, रगबी-7, निशानेबाज़ी, स्क्वेश, टेबल टेनिस, ट्रियाथलन, भारोत्तोलन और कुश्ती.

सही मायनो में विक्लांग एथलीट्स (इएडी) के लिए भी सीमित पदकों के लिए एथलेटिक्स, लॉन बाउल्स, तैराकी, टेबल टेनिस और भारोत्तोलन के मुक़ाबले हुए.

भारत एक नई खेल शक्ति के तौर पर उभरा, और 30 स्वर्ण पदक के साथ वह कनाडा से एक स्वर्ण पदक पीछ चौथे स्थान पर रहा.

एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया का दबदबा नज़र आया और उसने 82 स्वर्ण के साथ कुल 207 पदक जीते, इंग्लैंड ने 54 स्वर्ण के साथ 166, कनाडा ने 31 स्वर्ण के साथ 118 और भारत ने 30 स्वर्ण के साथ 69 पदक हासिल किए.

भारत को निशानेबाज़ी में 14 और भारोत्तोलन में 11 पदक मिले जबकि कुश्ती में तीन, मुक्केबाज़ी में एक, महिला हॉकी में स्वर्ण पदक मिले.

न्यूज़ीलैंड को 11 और दक्षिण अफ़्रीका को नौ स्वर्ण पदक मिले.

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2006

Image caption राष्ट्रमंडल खेल-2006 में भारत के कलाकारों ने भी प्रोग्राम पेश किया.

ऑस्ट्रेलिया के शहर मेलबॉर्न में राष्ट्रमंडल खेलों का 18वां संस्करण 2006 में आयोजित हुआ जो 15 से 26 मार्च के दौरान हुआ.

पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की क्विंस मशाल राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने वाले हर देश ले जाई गई और इसने 180,000 किलोमीटर का सफ़र तय किया. यह रिले उस वक़्त ख़त्म हुआ जब विक्टोरिया के गवर्नर ने एमसीजी में मशाल रानी के हाथों में दी.

खेल प्रेम के लिए मश्हूर मेलबॉर्न ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. उदघाटन और समापन समारोह के अलावा एथलेटिक्स के मुक़ाबले मेलबॉर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में हुए. शहर के केंद्र के तीन किलोमीटर के अंदर खेल गांव बसाया गया.

इसमें लगभग 5766 एथलीट्स और अधिकारियों ने भाग लिया. कुल 71 देशों ने भाग लिया जिसमें से 32 देशों को कोई पदक नहीं मिल सका.

जिन खेलों के मेलबॉर्न में मुक़ाबले हुए उनमें एक्वेटिक्स (तैराकी, डाइविंग और समक्रमिक तैराकी), एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉस्केट बॉल, बाउल्स, मुक्केबाज़ी, साइकिलिंग, जिम्नास्टिक्स, हॉकी, नेट बॉल, रगबी-7, निशानेबाज़ी, स्क्वेश, टेबल टेनिस, ट्रियाथलन, और भारोत्तोलन शामिल थे.

इसमें मेज़बान देश ऑस्ट्रेलिया ने 84 स्वर्ण के साथ कुल 221 पदक जीते. इंग्लैंड 36 स्वर्ण के साथ दूसरे नंबर पर रहा जबकि कनाडा ने 26 स्वर्ण जीत कर तीसरा स्थान हासिल किया.

भारत ने 22 स्वर्ण के साथ कुल 49 पदक जीते, दक्षिण अफ़्रीका को 12 स्वर्ण मिले तो स्कॉटलैंड ने 11 स्वर्ण हासिल किए और जमैका ने 10 स्वर्ण जीते.

भारत को सबसे ज़्यादा पदक एक बार फिर निशानेबाज़ी में मिले. भारोत्तोलन में सिर्फ़ तीन ही स्वर्ण मिल सके.

एथलेटिक्स, साइकिलिंग, निशानेबाज़ी, और तैराकी में ढेर सारे रिकॉर्ड बने जबकि ट्रियाथलन और भारोत्तोलन में भी कई रिकॉर्ड बने.

भारत की राजधानी दिल्ली को 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए चुना गया. 1982 में एशियाई खेलों के आयोजन के बाद से यह दिल्ली में सबसे बड़ा आयोजन होगा.

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