किस स्टेडियम में कौन सा खेल?

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम राष्ट्रमंडल खेलों के उदघाटन और समापन समारोह के साथ एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, लॉन बाउल्स के मुक़ाबले होंगे. यहां सांस्कृतिक कार्यकर्मों का आयोजन भी होगा जिसमें भारत के इतिहास, सभ्यता और संस्कृति के अलावा विभिन्न प्रकार की कलाएँ, संगीत और नृत्य पेश किए जाएंगे. अनूठी झिल्ली नुमा छत के नीचे लगभग 75 हज़ार दर्शकों के बैठने का इंतज़ाम है.

यह दिल्ली के सरकारी दफ़तरों सीजीओ कॉम्पलेक्स के पास लोधी रोड पर स्थित है. इसका निर्माण भी 1982 के एशियाई खेलों के लिए हुआ था लेकिन उसके बाद से यह विभिन्न प्रकार के खेलों के लिए इस्तेमाल होता रहा है. यह स्टेडियम चार लाख से अधिक वर्ग मीटर पर फैला हुआ है और इसका प्लिंथ क्षेत्र लगभग 53 हज़ार वर्ग मीटर है.

यह भूकंप प्रभावमुक्त है. इसके भारोत्तोलन ऑडिटोरियम का बेसमेंट 5506 वर्ग मीटर और उपरी हिस्सा 7186 वर्ग मीटर पर आधारित है. भूतल 6005 वर्ग मीटर है. एथलेटिक्स के लिए 400x9 लेन सिंथेटिक ट्रैक के साथ 10 स्प्रिंट लेन है जिसे प्रथम श्रेणी स्तर हासिल है. लॉन बाउल्स के लिए बेसमेंट में इंतज़ाम है जहां 40x40 मीटर का सिंथेटिक फ़र्श है यह 30 सेंटीमीटर चौड़ी नाली से घिरा हुआ है. इसके लिए लगभग 961 करोड़ रुपए अनुमोदित किए गए हैं. एथलेटिक्स के लिए 880 करोड़, भारोत्तोलन के लिए 70 करोड़ और लॉन बाउल्स के लिए 7.41 करोड़ रुपए अनुदित किए गए हैं.

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इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स यमुना के तट पर और महात्मा गांधी मार्ग( जिसे दिल्ली की जनता रिंग रोड भी कहती है) पर स्थित है. यहां राष्ट्रमंडल खेलों के लिए कुश्ती, जिम्नैस्टिक्स और साइकलिंग के मुक़ाबले होंगे. इसके साथ ही यह जिम्नैस्टिक्स के प्रशिक्षण का केंद्र भी है. इसका निर्माण 1982 में हुए एशिया खेलों के लिए किया गया था ताकि यहां इनडोर मुक़ाबले आयोजित हो सकें.

यह परिसर 102 एकड़ पर फैला हुआ है. जबसे इसका निर्माण हुआ उसके बाद से कई बार इसका नवीनीकरण और पुनर्नवीकरण किया गया है. यह पूरी तरह से वातानुकूलित है और यहां 25 हज़ार लोगों के बैठने का इंतज़ाम है. यह एक दीवार के ज़रिए दो भागों में विभाजित है जो साउंड और फ़ायर प्रूफ़ है. यह एक पेचीदा क़िस्म के ऑडियो और रौशनी की व्यवस्था से सुसज्जित है जिससे बेहतर क़िस्म के टीवी ट्रांशमिशन पेश किए जा सकते हैं. साइकलिंग वेलोड्रोम के लिए 150 करोड़ रूपए अनुमोदित किए गए जबकि कुश्ती स्टेडियम के लिए 79.21 करोड़ रुपए दिए गए. जिम्नैस्टिक्स स्टेडियम के लिए कुल 460 करोड़ रुपए अनुमोदित किए गए.

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सिरी फ़ोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

सिरी फ़ोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अपने क़िस्म का भारत में एक ही खेल परिसर है. यह चारों तरफ़ से ऊँचे रिहाइशी इलाक़ों, हरे-भरे लॉन और छोटे क़िले से घिरा हुआ है. यह दक्षिण दिल्ली में वहां स्थित है जहां 1982 में एशियाड के आयोजन के समय खेल गांव बसाया गया था. इसमें टेनिस के 10 कोर्ट हैं, बच्चों और बड़ों दोनों के लिए एक पूल है, एक गोल्फ़ कोर्स, जिम्नेज़ियम, एरोबिक्स सेंटर, जॉगिंग ट्रैक, बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल, फ़ुटबॉल और क्रिकेट के मैदान हैं. यहां राष्ट्रमंडल खेलों के बैडमिंटन और स्क्वाश के मुक़ाबले होंगे.

इसके अलावा बैडमिंटन, स्क्वाश, तैराकी और टेनिस की ट्रेनिंग की सुविधा के लिए भी इसे तैयार किया गया है. इसमें स्क्वाश के लिए 6+4 अभ्यास कोर्ट हैं जबकि मैच के लिए एक कोर्ट है और बैडमिंटन के लिए तीन अभ्यास और पांच मैच कोर्ट हैं.

स्क्वाश का मैच देखने के लिए 4200 लोगों के बैठने का इंतज़ाम है जबकि बैडमिंटन का मैच देखने के लिए 5000 लोगों के बैठने की सुविधा मौजूद है. इसके अलावा अधिकारियों, प्रेस, एथलीट्स और विकलांगों के लिए भी अलग से बैठने का प्रावधान है. इसे ग्रीन बिल्डिंग के तहत तैयार किया गया है और पूरे प्रॉजेक्ट के लिए 329 करोड़ रुपए दिए गए हैं.

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यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

इसे विशेष रूप से राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किया गया है और यहां टेबल टेनिस और तीरंदाज़ी के मुक़ाबले होंगे. टेबल टेनिस और तीरंदाज़ी के अलावा तैराकी, लॉन बाउल्स और जिम्नास्टिक्स (लयबद्ध) के अभ्यास और प्रशिक्षण का भी इंतज़ाम भी है. यमुना पार स्थित इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में टेबल टेनिस के लिए 26 हज़ार वर्ग मीटर का क्षेत्र है और शो कोर्ट और मैच कोर्ट में फ़र्श लकड़ी का है. इसी प्रकार तीरंदाज़ी के लिए पूरा क्षेत्र 40 हज़ार वर्ग मीटर पर आधारित है. तीरंदाज़ी के लिए प्राकृतिक घास लगाई गई है.

शो कोर्ट में दर्शकों के लिए 2026 सीटें हैं जबकि वीआईपी के लिए 121, खेल परिवार के लिए 192, प्रेस के लिए 222, एथलीट्स के लिए 200, विकलांग के लिए 29 सीटें हैं. मैच कोर्ट में 1093 दर्शकों के अलावा 18 विकलांगों के बैठने का इंतज़ाम है. तीरंदाज़ी का मुक़ाबला देखने के लिए 1160 दर्शकों के अलावा, 204 अस्थाई सीटों का इंतज़ाम है. इसे भी ग्रीन बिल्डिंग कॉंन्सेप्ट के तहत बनाया गया है और जहां टेबल टेनिस इंडोर स्टेडियम के प्रॉजेक्ट के लिए 265 करोड़ रूपए दिए गए हैं वहीं तीरंदाज़ी क्वालिफ़ाइंग के लिए 20 करोड़.

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डॉक्टर कर्णी सिंह शूटिंग रेंज

सूरज कुंड झील के पास स्थित डॉक्टर कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में राष्ट्रंडल खेलों के 10 मीटर, 25 मीटर, 50 मीटर शूटिंग मुक़ाबलों के अलावा फ़ाइनल भी होंगे. इसके अलावा वहां ट्रैप और स्कीट के फ़ाइनल मुक़ाबले भी आयोजित होंगे. इसके साथ ही इन श्रेणियों के लिए यहां प्रशिक्षण की सहूलतें भी हैं. लगभग तीन लाख वर्ग मीटर पर बने इस शूटिंग रेंज में दो लाख वर्ग मीटर हरियाली है और इमारत 25 हज़ार वर्ग मीटर पर बनी है.

मुक़ाबला देखने के लिए यहां 2795 दर्शकों के बैठने का इंतज़ाम है, मीडिया और खेल परिवार के लिए 755 सीटें हैं जबकि एथलीट्स के लिए 950 सीटों का इंतज़ाम है. इसे भी ग्रीन बिल्डिंग सिद्धांत के तहत बनाया गया है. इस पूरे प्रॉजेक्ट के लिए 149 करोड़ रुपए अनुमोदित किए गए.

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग पूल कॉम्पलेक्स

श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्विमिंग पूल कॉम्पलेक्स तालकटोरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ है और यह 1982 में एशियाई खेलों के लिए तैयार किया गया था. राष्ट्रमंडल खेलों के लिए इसके स्विमिंग पूलों को बेहतर बनाया गया है और आधुनिक सुविधाओं से इसे लैस किया गया है. इसमें 5000 दर्शकों के बैठने का इंतज़ाम है. यह अपनी तरह का दुनिया का पहला स्टेडियम हैं जिसकी 150x 130 मीटर अलमूनियम की दीर्घवृत्तकार छत सांस लेने के लिए है. यह देश की सबसे बड़ा ढका हुआ स्टेडियम है.

यहां एक्वेटिक्स यानी तैराकी के मुक़ाबले होने हैं. इसका पूरा क्षेत्र लगभग 50 हाज़ार वर्ग मीटर पर आधारित है जब कि लगभग 15 हज़ार वर्ग मीटर पर निर्माण है. यहां 10 लेन वाला स्विमिंग पूल है जो 26x50x2 मीटर है. इसमें जहां जहां संभव था प्राकृतिक तकनीक का प्रयोग किया गया है और ग्रीन बिल्डिंग के सिद्धांत पर लाने की कोशिश की गई है. इसके आधुनिकरण और बेहतर बनाने के पूरे प्रॉजेक्ट पर 377 करोड़ रूपए अनुमोदित किए गए हैं.

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मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम

मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हॉकी का मुक़ाबला होगा. वैसे यहां हॉकी और तैराकी के प्रशिक्षण भी होंगे. पहले यह नेशनल स्टेडियम के नाम से जाना जाता था और इसे भारतीय हॉकी का मंदिर कहा जाता था. 2002 में इसे हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद की याद में उनके नाम कर दिया गया. ये भारत के सबसे पुराने स्टेडियमों में से एक है और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए जितने भी स्टेडियम हैं उन सबमें यह सबसे पुराना है. इसमें दो नए सिंथेटिक हॉकी टर्फ़ लगाए गए हैं.

25 हज़ार दर्शकों की क्षमता वाला ये स्टेडियम पुराने क़िले और इंडिया गेट के बीच स्थित है. इसमें राष्ट्रमंडल खेलों के लिए इलेक्ट्रॉनिक फ़्लड लाइट्स और वीडियो मेट्रिक्स स्कोरबोर्ड का इंतज़ाम किया जा रहा है और यह 143732 वर्ग मीटर पर फैला हुआ है. इसमें मौजूद स्विमिंग पूल 50x18 मीटर है और साथ में कपड़ा बदलने के लिए कमरे, शौचालय और दूसरी सुविधाएं मौजूद हैं. इसमें टेनिस कोर्ट भी है. इसके पुनर्निर्माण के लिए 262 करोड़ रुपए अनुमोदित किए गए हैं.

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कदरपुर शूटिंग रेंज

कदरपुर शूटिंग रेंज दिल्ली के बाहर हरियाणा में गुड़गांव के पास अरावली पर्वत श्रृंखला के दामन में केंद्रीय सुरक्षा पुलिस फ़ोर्स के कैंपस में सोहना रोड पर स्थित है. यहां राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बिग-बोर शूटिंग के मुक़ाबले होंगे. ये शूटिंग रेंज 28 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है हालांकि इसके लिए 25 करोड़ रुपए ही अनुमोदित हुए थे.

शूटिंग रेंज के रुकावट के तौर पर एक ओर प्रकृतिक पहाड़ियां हैं और इसे नो डेंजर एरिया के तौर पर बनाया गया है. इसमें पहली बार मुवेबल क़िस्म के टार्गेट का प्रयोग हो रहा है.

यहां 300 गज़, 300 मीटर, 500 गज़, 600 गज़ 900 और 1000 गज़ के फ़ुल बोर शूटिंग मुक़ाबले होंगे. यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुक़ाबलों के साथ-साथ प्रशिक्षण भी होंगे. इसके साथ जो फैसिलिटी भवन है वह 2280 वर्ग मीटर का है और वहां 324 लोगों की गुंजाइश है.

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त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पूरी तरह से आधुनिक ग्रीन बिल्डिंग सिद्धांत पर राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किया गया है. यहां राष्ट्रमंडल खेलों के नेट बॉल मुक़ाबले होंगे. यह जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास लोधी कॉलोनी और क़िदवई नगर के बीच स्थित है. इसका कुल क्षेत्र 65456 वर्ग मीटर है. मैपल की लकड़ी से मुख्य कोर्ट और शो कोर्ट की फ़्लोरिंग की गई है.

इसमें 400x8 लेन का सिंथेटिक ट्रैक है और इसके अलावा इसमें टेनिस के तीन क्ले कोर्ट है और दो सिंथेटिक घास वाले कोर्ट हैं. यहां लगभग 3600 दर्शकों के बैठने का इंतज़ाम है जो मुक़ाबलों का बैठ कर आनंद ले सकते हैं. वीआईपी के लिए 588 और लाउंज में 124 सीटें हैं. प्रेस के लिए 154 सीटें हैं. इसके लिए सरकार की ओर से 297.45 करोड़ अनुमोदित किए गए हैं.

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तालकटोरा इनडोर स्टेडियम

तालकटोरा इनडोर स्टेडियम दिल्ली के बीचो-बीच कनॉट प्लेस के पास स्थित है. यहां राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाज़ी का मुक़ाबला होगा. लेकिन यहां किसी ट्रेनिंग की सुविधा नहीं रखी गई है. यह इनडोर स्टेडियम नवें एशियाई खेलों के लिए तैयार हुआ था और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए इसमें ज़रूरी पुनर्निर्माण के काम हो रहे हैं जिसके लिए सरकार ने 150 करोड़ रुपए अनुमोदित किए हैं. यह लगभग 167860 वर्ग मीटर पर आधारित है और इसका बेसमेंट क्षेत्र लगभग 12878 वर्ग मीटर है जबकि प्लिंथ क्षेत्र 18965 वर्ग मीटर है.

बॉक्सिंग रिंग का फ़र्श मैपल की लकड़ी का है. और यहा 3000 लोगों के बैठने का इंतज़ाम है. बेसमेंट में तकनीकी कमरा, ब्रॉडकास्टिंग कमरा, इलेक्ट्रिक कमरा और स्टोर्स हैं जबकि भूतल पर वीआईपी लॉबी और स्नैक रूम के अलावा वार्म-अप एरिया है. इसके पुनर्निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए सरकार की ओर से अनुमोदित किए गए हैं.

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आरके खन्ना टेनिस कॉम्प्लेक्स

आरके खन्ना टेनिस कॉम्प्लेक्स दक्षिण दिल्ली में आईआईटी और जवाहारलाल नेहरू विश्वविद्यालय की ओर हरे-भरे डियर पार्क के साथ सफ़दरजंग इंक्लेव क्षेत्र में स्थित है. यहां राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के तहत लॉन टेनिस के मुक़ाबले होंगे साथ ही उसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. यहां एक सेंटर कोर्ट के अलावा सात मैच कोर्ट और छह वार्म-अप कोर्ट हैं. यह ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन का स्टेडियम है लेकिन इसके नवीनीकरण और इसके स्तर को उठाने का सारा ख़र्च खेल मंत्रालय की ओर से दिया गया है.

इसका कुल क्षेत्रफल 29081.74 वर्ग मीटर है. सेंटर कोर्ट में दर्शकों के लिए लगभग 6000 सीटें हैं. वीआईपी के लिए 478 और प्रेस के लिए 200 सीटें हैं. इसके अलावा अस्थाई 1000 सीटों का प्रबंध भी है. ग्रीन बिल्डिंग सिद्धांत के तहत यहां सोलर हीटिंग, सोलर लाईटिंग, आईबीएमएस, रेन वाटर हार्वेस्टिंग वग़ैरह हैं. इसके नवीनीकरण के लिए 65.65 करोड़ रुपए भारत सरकार की ओर से अनुमोदित किया गया.

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दिल्ली विश्वविद्यालय (मुख्य स्पोर्ट्स ग्राउंड)

दिल्ली विश्वविद्यालय के मुख्य स्पोर्ट्स ग्राउंड पर राष्ट्रमंडल खेलों के रगबी-7 का मुक़ाबला होगा. यहां 130 x 70 मीटर खेल का मैदान है जो प्रकृतिक घास का है. और यहां 750 दर्शकों के लिए स्थाई सीटें हैं. अस्थाई प्रबंध के तहत 7443 सीटों की गुंजाइश है. इसका बेसमेंट 3005 वर्ग मीटर है जबकि प्लिंथ क्षेत्र 2769 वर्ग मीटर है. वीआईपी, एथलीट्स और अधिकारियों के लिए 616 सीटें हैं.

खेल परिवार के लिए 931 सीटें हैं. इसके अलावा प्रेस के लिए 464 सीटे हैं तो स्पॉंसर्स के लिए 150 सीटें हैं. पहली मंज़िल पर एथलीट्स लाउंज, खेल परिवार और मीडिया लाउंज हैं. दूसरी मंज़िल पर शौचालय हैं और तीसरी मंज़िल पर कंट्रोल रूम के अलावा टीवी कम्युनिकेशन और टाइम स्कोर कंट्रोल ऑफ़िस हैं. इसके पुनर्निर्माण और नवीनीकरण के लिए खेल मंत्रालय ने कुल 135.1 करोड़ रुपए की राशी अनुमोदित की है.

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