तीन भारतीय तैराक डोप टेस्ट में फ़ेल

तैराकी

तीन भारतीय तैराक, जिसमें से दो अगले महीने होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले थे, डोपिंग टेस्ट के बाद अस्थाई रुप से निलंबित कर दिए गए हैं.

स्विमिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के सचिव वीरेंद्र नानावटी ने इसकी पुष्टि की है.

जो तीन तैराक डोप टेस्ट में विफल हुए हैं उनमें ऋचा शर्मा भी हैं जिन्हें जयपुर में हुए 64वें राष्ट्रीय एक्वैटिक चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ महिला तैराक चुनी गईं थीं.

उनके अलावा ज्योत्सना पनसारे और अमर मुरलीधरन डोप टेस्ट में विफल हुए हैं.

इनमें से ऋचा और ज्योत्सना दोनों तीन अक्तूबर से दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल होने वाली टीम का हिस्सा हैं.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रमंडल खेलों से पहले हुए डोपिंग टेस्ट के बाद पाँच भारतीय पहलवानों को अस्थाई रुप से निलंबित कर दिया गया था.

इनमें से चार राष्ट्रमंडल की टीम में थे और उन्हें भारतीय दल से बाहर कर दिया गया था.

एक और मौक़ा

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जिन तैराकों को डोपिंग टेस्ट में विफल घोषित किया गया है उन्हें प्रतिबंधित दवा मेथिलहेक्सानएमीन लेने का दोषी पाया गया है.

नासिका तंत्र के लिए ली जाने वाली यह दवा बाज़ार में खाद्य परिपूरक की तरह बेची जाती है.

फ़ेडरेशन के सचिव नानावटी का कहना है, "नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी ने हमें सूचना दी है कि तीन तैराक डोपिंग टेस्ट में विफल रहे हैं. ये टेस्ट सैंपल जयपुर में चैंपियनशिप के दौरान लिए गए थे."

उनका कहना है, "अब ये खिलाड़ी 'बी' सैंपल टेस्ट का आग्रह कर सकते हैं लेकिन यह उनका अपना निजी निर्णय होगा. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद हम देखेंगे कि क्या होता है."

उनका कहना है कि यदि ऋचा और ज्योत्सना 'बी' टेस्ट में भी विफल होती हैं तो उन्हें टीम से निकाल दिया जाएगा.

जयपुर में चैंपियनशिप में ऋचा ने तीन व्यक्तिगत गोल्ड मैडल जीते थे और एक रिकॉर्ड भी क़ायम किया था. जबकि ज्योत्सना ने एक गोल्ड मैडल जीता था.

मुरलीधरन एक बार वर्ष 2003 में भी डोप टेस्ट में विफल हुए थे लेकिन बाद में वे टेस्ट पास करने में सफल हुए थे.

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