बोपन्ना-क़ुरैशी की इंडो-पाक एक्सप्रेस

रोहन बोपन्ना और ऐसाम-उल-हक़
Image caption रोहन और ऐसाम उल हक़ ने अपने खेल के ज़रिए दोनों देशों के बीच शांति का संदेश देने की अनोखी कोशिश शुरू की है.

भारतीय जीतता है तो पाकिस्तानी ऑटोग्राफ़ लेता है. ये हैं भारत और पाकिस्तान के टेनिस खिलाड़ी जो जोड़ी के रूप में साथ खेलते हैं. आपसी समझ बेहतरीन, भाषा से ज़्यादा खेल की ज़ुबान समझते हैं.

जब भारत और पाकिस्तान जैसे दो देशों की बात होती है तो दो अलग अलग खेमे ही दिमाग़ में आते हैं.

लेकिन अब इन दोनों देशों के दो खिलाड़ियों ने कम से कम खेल के मैदान में भारत और पाकिस्तान को एक ही खेमे में ला खड़ा किया है.

दो टेनिस खिलाड़ी, भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के ऐसाम उल हक़ क़ुरैशी ने अपने खेल के ज़रिए दोनों देशों के बीच शांति का संदेश देने की अनोखी कोशिश शुरू की है.

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तल्खी के बावजूद एक भारतीय और पाकिस्तानी के एक साथ खेलने के बारे में बोपन्ना कहते हैं, "पहली बार हम साथ में 2003 में खेले थे. हमारी सिंगल्स रैंकिंग एक ही थी तो हमने तय किया कि दोंनो डबल्स भी खेल कर देखते हैं. मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि भारतीय हो या पाकिस्तानी. हमें एक अच्छा खिलाड़ी मिला और हमने युगल की जोड़ी बना ली. "

पाकिस्तान के टेनिस खिलाड़ी ऐसाम उल हक़ क़ुरैशी कहते हैं, "रोहन हमेशा कहता रहता है कि अगर हम दो तीन प्रतिशत लोगों की भी सोच बदल दें तो वो बहुत सकारात्मक बात होगी. अगर हम दोनों एक साथ रह सकते हैं, खेल सकते हैं और दोस्त हो सकते हैं तो दूसरे भारतीय और पाकिस्तानी एक दूसरे के साथ दोस्त क्यों नहीं हो सकते."

इन दोनों ने ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के कई मैच साथ खेले, कुछ हारे, कई जीते और टेनिस कोर्ट में दोनों खिलाड़ियों का तालमेल और आपसी समझ देखकर लोग यही सवाल करते नज़र आते हैं कि आख़िर यह दोनों दो परस्पर विरोधी देशों के रहने वाले, इतनी शालीनता से मिलकर कैसे खेल रहे हैं ?

यह दोनों खिलाड़ी शुरू में युगल मुका़बलों के लिए एक जोड़ी की तरह साथ हुए थे लेकिन जब बाद में उन्होंने देखा कि इससे दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने में भी कुछ मदद की जा सकती है तो दोनों खिलाड़ियों ने कोशिशें तेज़ कर दीं.

हिंदी-उर्दू एक जैसी

Image caption इस साल विंबलडन में रोहन और ऐसाम उल हक़ की टी-शर्ट लिखा था- युद्व बंद करो और टेनिस शुरू करो

भाषा के बारे में रोहन बोपन्ना कहते हैं, "हम दोनों में दोस्ती है, ऐसाम उर्दू में बोलते हैं, मैं हिंदी में बोलता हूं. दोनों भाषाएं एक ही तरह की हैं और आपसी समझ से हमारे खेल में भी फ़ायदा होता है."

साथ ही बैठे ऐसाम उल हक़ क़ुरैशी रोहन के जवाब पर हामी में गर्दन हिला रहे थे. फिर वह भी बोले, "मुख्य बात यही है कि हम एक दूसरे में विश्वास करते हैं. रोहन मेरा सबसे अच्छा दोस्त है और हम दोनों की आपस में समझ भी काफ़ी है. मैं रोहन को पिछले 14 सालों से जानता हूं और दुनिया भर में हम दोंनो साथ ही टेनिस खेलने के लिए जाते हैं. हम दोंनो मिलकर ये शांति का संदेश देने का भी काम कर रहे हैं."

इस वर्ष दोनों खिलाड़ियों ने टेनिस के कई ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जैसे विंबल्डन, फ़्रेंच ओपन और यू एस ओपन में युगल मुकाबलों में एक जोड़ी के तौर पर भाग लिया.

इन दोंनो खिलाड़ियों ने इस वर्ष विंबल्डन में खेलते हुए ऐसी टी शर्ट पहनी थी जिनपर लिखा था – स्टॉप वॉर, स्टार्ट टेनिस – यानि युद्व बंद करो और टेनिस शुरू करो.

और इनकी इस अमन की कोशिश के कारण ही कुछ लोग इन्हें 'इंडो-पाक एक्सप्रेस' कह कर संबोधित करने लगे हैं.

हम एक हैं

इस वर्ष के यूएस ओपन में भी यह जोड़ी अपना जीत का दौर जारी रखे हुए है.

यह दोनों खिलाड़ी मोनाको के राजकुमार एलबर्ट द्वारा संचालित शांति प्रयासों के लिए काम करने वाली एक संस्था -पीस थ्रू स्पोर्टस- नामक संस्था से भी जुड़े हैं.

एक मैच जीतने के बाद का मंज़र बयान करते हुए ऐसाम कुरैशी कहते हैं,"मैच के बाद भारतीय लोग मेरा ऑटोग्राफ़ लेते हैं, और पाकिस्तानी फ़ैन्स रोहन का ऑटोग्रॉफ़ लेते हैं. बहुत अच्छा अनुभव होता है वह. और हमारे मैचों के दौरान भारतीय औऱ पाकिस्तानी मूल के लोग हम दोनों का मनोबल बढ़ाते हैं और पता नहीं चलता कि कौन भारतीय है और कौन पाकिस्तानी."

क़ुरैशी को बहुत फ़क्र है कि रोहन बोपन्ना ने उनके साथ जोड़ी बनाने का फै़सला किया.

क़ुरैशी कहते हैं, "मैं तो रोहन का बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उसने भारत में बेहतरीन युगल खिलाड़ियों के होते हुए भी मेरे साथ जोड़ी बनाकर खेलना तय किया. रोहन तो किसी के साथ भी खेल सकता था. मैं समझता हूं कि हम दोंनो सबको यह भी बता रहे हैं कि हम दोंनो एक अच्छी टीम भी हैं."

अब पुरुषों के युगल वर्ग में बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी विश्व भर में 15 शीर्ष जोड़ियों में शामिल है.

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